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06-10-2026 05:18 مساءً
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हॉट भाभी हार्ड सेक्स कहानी में मेरे किराये के कमरे के पास एक भाभी को देख मैं मुठ मारता था. एक दिन अचानक वही भाभी मेरे कमरे में आ गयी.

दोस्तो, मेरी जिंदगी के सबसे हसीन पलों में से एक पल यह है कि जब वह भाभी मेरे पास आती थी और मेरे सीने से चिपक कर मुझे चूमती थी, प्यार करती थी और फिर मेरे से पूरी दुपहरी चुदवाती थी।

कई लोगों की जिंदगी में ऐसी अच्छी-अच्छी बातें आती रहती हैं। और जिनकी जिंदगी में ऐसा मौका मिलता है, वह खुशनसीब ही होता है दोस्तो।

यह कहानी पिछले साल की है।
मैं राज अपना राज यहाँ लिख रहा हूं।

मैंने सोचा था कि यह राज ही रहने दूं।
पर मेरे से हो ना सका और आज मैं आपके सामने इस कहानी को बयां कर रहा हूं।

उन्होंने मुझे कसम दी थी कि इस संबंध को कहीं न बताऊं और राज ही रखूं, पर मेरे से हो ना सका दोस्तो।

तो आइए जानते हैं हॉट भाभी हार्ड सेक्स कहानी में क्या-क्या हुआ था।

मैं दिल्ली पढ़ने आया था, कॉम्पिटिशन की तैयारी करने और रोहिणी में रहता था।
एक कमरे किराए पर ले रखा था।

दोपहर को मैं 2:00 बजे घर आ जाता था।
यानी कि अपने कमरे पर आ जाता था।
और फिर घर पर ही पढ़ाई करते रहता था।

आज तक मैंने कभी किसी को अपना गर्लफ्रेंड नहीं बनाया था क्योंकि मैं थोड़ा पढ़ाकू किस्म का लड़का हूं। इस वजह से आज तक मैं बिना गर्लफ्रेंड के ही रह लिया था।

पर जब से दिल्ली आया, मुझे थोड़ी छूट मिली।
मैं सेक्स कहानियां पढ़ने लगा। अन्तर्वासना फ्री सेक्स कहानी साईट मैं रोजाना पढ़ता हूं क्योंकि यहां पर बड़ी हॉट और सेक्सी कहानियां होती हैं।

आपको पता है दोस्तो, आदत बहुत बुरी चीज होती है।
मुझे भी इस वेबसाइट की आदत लग गई है। जब आप रोजाना सेक्स संबंधी किताबें पढ़ेंगे, कहानियां पढ़ेंगे तो आपको भी चुदाई करने का मन करेगा।

औरतों को देखने का और लड़कियों को देखने का तरीका आपका बदल जाएगा।
अगर आप वासना में हमेशा रहेंगे तो आपकी आंखें हमेशा औरतों के प्राइवेट पार्ट पर ही जाकर रुकेंगी।

आपको औरतों की चाल, लड़कियों की चाल, उसकी चूचियां, उसके गांड यह सब देखने में अच्छा लगने लगेगा।
और आपके घर के आसपास जो भी सुंदर लड़की है, औरत है, उसको याद करके रात को आप मूठ जरूर मारेंगे।

जिस मकान में मैं किराए पर रहता था, उसी मकान की छत पर दो कमरे बने हुए थे और वहीं पर एक कपल रहता था।
मैं उनको भैया और भाभी ही कहता था।

भाभी बहुत खूबसूरत थी, बहुत हॉट थी।
जवान गदराया हुआ बदन।

मैं रोजाना हस्तमैथुन उन्हीं को सोचकर, उन्हें याद करके करता था।
तभी मैं सो पाता था दोस्तो।

जब वह सीढ़ी से नीचे उतरती थी, मेरे कमरे के सामने से ही जाती थी।
मैं हमेशा बाहर निकल जाता था और उनको उतरते चलते जरूर देखता था।

1 दिन की बात है, दिन के 2:00 बजे थे।
मेरा दरवाजा किसी ने खटखटाया।

मैंने फटाफट दरवाजा खोला तो देखा वह भाभी खड़ी थी।
उन्होंने मुझसे कहा, “मैं अंदर आ जाऊं?”

मैंने उनको आने का इशारा किया।
वह आकर मेरे चारपाई पर बैठ गई।

उन्होंने कहा, “दरवाजा बंद कर लो! कोई देखेगा तो क्या कहेगा कि मैं यहां पर क्या कर रही हूं? और भी किराएदार रहते हैं।”

मैंने तुरंत दरवाजा बंद कर दिया।
मुझे लगा कि वह कोई दिक्कत में है और मेरे से बात करने आई है। थोड़ी घबराई हुई सी थी।

मैंने पानी निकालने लगा उनको देने के लिए।
उन्होंने मना कर दिया।

वह कुछ बोलना चाह रही थी पर वह बोल नहीं पा रही थी।

मैं कुछ पूछ भी नहीं रहा था क्योंकि ऐसा लग रहा था कि अब ना तब वह बोल देगी।

उनके होंठ पर तो बात बता रही थी पर वह बाहर नहीं निकल रही थी।

उन्होंने कांपते हुए होंठों से बोली, “आपसे एक बात कहना चाहती हूं।”
मैंने कहा, “भाभी बोलिए!”

उन्होंने कहा, “मैं आपके साथ सेक्स करना चाहती हूं!”

मैं घबरा गया दोस्तो।
मुझे लगा कि यह क्या हो गया।

आज तक मेरे साथ ऐसा कभी हुआ नहीं था; ना कभी मैंने सोचा था।

हस्तमैथुन करना, कहानियां पढ़ना, मूवी देखना यह सब अलग बात है।
अगर कोई औरत साक्षात सामने आकर खड़ी हो जाए और बोले कि मुझे चोदो, तो हैरानी तो होगी और डर तो लगेगा।

ऐसे भी घर वाले हमें बोलकर भेजे थे कि किसी चक्कर में मत फंसना, किसी औरत के, किसी लड़की के।
एकदम से बात मुझे याद आ गई कि मुझे नहीं फंसना है।

मैंने कहा, “भाभी मैं ऐसा नहीं कर सकता आपके साथ।”
वह तुरंत ही चारपाई पर से उठ गई और बोली, “क्यों नहीं कर सकते मेरे साथ सेक्स? तुम्हें करना पड़ेगा! मैं तुम्हें बहुत चाहती हूं। मैं तो तुम्हारे लिए सपनों में भी तैयार रहती हूं चोदने के लिए। तुम मुझे खुश कर दो! तुम मुझे वह दे दो जो मेरा पति नहीं दे पा रहा है। मेरा पति मुझे संतुष्ट नहीं कर पाता है। रोज रात को पीकर आता है और मुझे छोड़कर सो जाता है। कभी-कभी छेड़ देता है जिससे मैं और ही पागल हो जाती हूं। और फिर ऐसे ही छोड़ देता है बिना कुछ किए हुए। मैं किस को बताऊं? मैं क्या करूं? मुझे बीमारी हो गई है चुदने की। घर में चुदाई के बारे में सोचते रहती हूं।”

और उन्होंने मुझे पकड़ लिया, अपनी बाहों में जकड़ कर चूमने लगी।
मेरा हाथ पकड़कर उन्होंने अपनी चूचियों पर रख दिया।

वे व्याकुल हो गई थी, उनकी वासना भड़क गई थी।
उनकी आवाज लड़खड़ा रही थी, उनकी आंखें लाल लाल हो गई थीं, गाल गुलाबी हो गए थे।

बस एक ही रट लगा रखी थी उन्होंने, “पति मुझे चोद नहीं सकता! पति मुझे चोद नहीं सकता!”

पहले तो मैं ठंडा पड़ गया था दोस्तो।
फिर धीरे-धीरे जब वह मुझे छेड़ने लगी, मुझे चूमने लगी, मेरा हाथ उनके बूब्स पर गया।
एक-दो बार मैंने उनको सहलाया तो मेरा लंड खड़ा होने लगा।

अब मेरी तरफ भी आग लग गई थी और उधर तो आग धधक रही थी।

उन्होंने तुरंत ही अपना ब्लाउज का हुक खोला और ब्रा खोलकर फेंक दिया।
साड़ी ऐसी खींची जैसे कि कभी पहननी ना हो।
अपना पेटिकोट खोल दिया, पेंटी खोल दी और मुझे अपने बाहों में ले लिया उन्होंने।

मेरा भी टी-शर्ट खुद ही उतार दिया, मुझे चारपाई पर लिटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गई।

भाभी मेरे लंड को पकड़कर हिलाने लगी, चूसने लगी।

अब वो लेट गई, अपनी चुचियों को पकड़कर मुझे इशारा किया मुंह में लेने के लिए।
मैंने तुरंत ही अपना मुंह खोला और उनकी चूचियों को अपने मुंह में ले लिया।
मैं उनके निप्पल को दांत से काटने लगा।

वो ऐसी सिसकारियां लेने लगी दोस्तो … क्या बताऊं मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता।
वहां का मंजर ऐसा हो गया था।

मैं तुरंत उनके होंठों को चूमने लगा।
पर मुझे सच बताऊं, किस करना भी नहीं आ रहा था।

उन्होंने मुझे पकड़ा और अपना जीभ मेरे मुंह में डाल दिया।

और आप विश्वास नहीं करेंगे, अपनी जीभ को मेरे मुंह में अंदर-बाहर करने लगी।
इससे मैं पागल हो गया दोस्तो।

अब वह अपने दोनों टांगों को अलग-अलग कर दी और इशारा किया चूत चाटने के लिए।






मैं नीचे हो गया, दोनों पैरों को अलग-अलग किया और अपने जीभ से उनके चूत को चाटने लगा।

उनकी चूत बहुत रसीली थी, गरम-गरम और नमकीन पानी निकल रहा था।
बहुत मजा आने लगा था दोस्तो।

मेरा लंड बहुत मोटा और लंबा हो गया था।
उन्होंने मेरा लंड पकड़ लिया और अपने चूत के पास ले गई और चूत के छेद पर रखकर धक्का देने के लिए बोली।

मैंने पूरा का पूरा लंड एक बार में ही अंदर घुसा दिया।

अब वह मेरे लंड को अंदर-बाहर अपनी गांड हिला-हिलाकर खुद ही करवाने लगी।
मैं भी जोर-जोर से धक्के दे-देकर उनको चोदने लगा।

उनके होंठ सूख रहे थे, वे अपनी जीभ को निकालकर बार-बार होंठ को गीला कर रही थी।

उनकी बड़ी-बड़ी सॉलिड चूचियां देखकर मेरा मन मचलने लगता था और धक्के भी दे रहा था जोर-जोर से और लंड को अंदर-बाहर कर रहा था।

वो “आआ ह्ह्ह! आआ ह्ह्! ओ हह्ह!” की आवाज निकालने लगी।

वो काफी ज्यादा सेक्सी हो गई थी, मुझे बार-बार जोर से जोर से चोदने को कह रही थी।

यह मेरी पहली चुदाई थी तो ज्यादा पता नहीं था।
कई बार मेरा लंड छटक जाता था इधर-उधर।

फिर से मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत में लेती और फिर चुदवाती।

करीब 25 मिनट तक हम दोनों एक-दूसरे को खुश कर रहे थे अलग-अलग तरीके से, अलग-अलग स्टाइल में।

स्टाइल तो मुझे पता नहीं था दोस्तो।
वह भाभी ही मुझे बता रही थी, “आगे से लो! पीछे से लो! ऊपर से लो! नीचे से लो!”

जैसा-जैसा वह कह रही थीं, वैसा-वैसा मैं कर रहा था।

फिर वह 1 लंबी अंगड़ाई ली और शांत हो गई।
हॉट भाभी हार्ड सेक्स करके मैं भी झड़ गया और शांत हो गया।

उसके बाद उन्होंने मुझे बताई अपनी पूरी कहानी कि “मैं बहुत पहले से तुमसे सेक्स करना चाहती थी पर कह नहीं पा रही थी। आजकल के मर्द औरतों को खुश नहीं कर पा रहे हैं। वह ज्यादा कर्जा उतारने में रहता है, कमाने में रहता है। पर यह भूल जाता है कि घर में उसकी बीवी संतुष्ट नहीं है। यह बात तो कोई भी पत्नी अपने पति से नहीं बोलेगी कि मैं संतुष्ट नहीं हूं। यह तो मर्द को ही सेक्स की प्यासी बीवी की जरूरत को समझना चाहिए।”

मैंने पूछा, “भाभी इसके पहले भी आपने किसी से सेक्स किया है?”
उन्होंने कहा, “नहीं। पर हां, अगर तुम नहीं मिलते तो किसी और से सेक्स करवाती।”

मैंने पूछा, “क्या सभी औरतें ऐसा करवाती हैं जो संतुष्ट नहीं हो पाती हैं?”
उन्होंने कहा, “हां, मेरी 4 सहेलियां हैं। उनमें से 3 सहेलियां किसी न किसी से सेक्स करवाती हैं क्योंकि उसका पति उसको कुछ नहीं कर पाता है। मैक्सिमम महिलाएं बाहर मुंह मारती हैं जिसका पति उसको खुश नहीं कर पाता है, ध्यान नहीं देता है, जरूरतों को पूरा नहीं कर पाता है। और खासकर दिल्ली में। सब लोग फ्लैट में रहते हैं, अलग-अलग कमरे में रहते हैं तो एक-दूसरे के घर जाना और पटाना बड़ा आसान हो जाता है। यह गांव नहीं है, यह शहर है। यहां पर कौन किसके घर जा रहा है, क्यों जा रहा है, किसी को कुछ नहीं पता। मैं कोई बोलने वाला ना, तो कोई कुछ कहने वाला। मैक्सिमम महिलाएं जिसका पति संतुष्ट नहीं कर पा रहा है, उसकी पत्नी बाहर तो चुदवा रही होती है।”

उनकी बातों को सुनकर मैं हैरान हो गया दोस्तो।
मैंने उसी समय सोच लिया कि मैं कभी भी अपनी पत्नी को ऐसे नहीं छोडूंगा, उसको मैं खुश करूंगा, उसकी जरूरतों को पूरा करूंगा, उसको खुश करने की कोशिश करूंगा ताकि वह मेरे साथ रहे। मेरे अलावा किसी के साथ वह सेक्स नहीं करे।

हॉट भाभी हार्ड सेक्स कहानी कैसी लगी? मुझे बताएं मेल और कमेंट्स में.



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