सेक्सी चाची चुदाई कहानी में मैं बहुत चोदू हूँ. मैंने गाँव की कई लड़कियां और आंटियां चोदी हैं. लेकिन इस कहानी में मैंने अपनी जवान चाची को कैसे चोदा, यह बताया है.
फ्रेंड्स, मेरा नाम अय्यूब है और मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से हूँ.
मेरी उम्र अभी 20 साल है.
यह मेरी पहली सेक्स कहानी है और इस सेक्सी चाची चुदाई कहानी में मेरी और मेरी चाची के बीच हुई चुदाई को लिखा गया है.
यह सच्ची घटना आज से 2 साल पहले की है.
मेरी चाची की उम्र 40 साल है.
उनका नाम साबिया है. ये बदला हुआ नाम है.
वे थोड़ी सांवली सी हैं लेकिन उनकी देहयष्टि बहुत ज़बरदस्त है.
उनका फिगर साइज़ 38-32-40 का है.
अगर कोई एक बार देख ले तो उनको सोचकर उनका नाम लेकर मुठ मारे बिना नहीं रह सकता.
उनके 4 बच्चे हैं. दो लड़के और दो लड़कियां.
उनका सबसे बड़ा लड़का 19 साल का, फिर 18 साल की लड़की, उसके बाद लड़की है और सबसे छोटा वाला लड़का है.
मैं और मेरी चाची का लड़का हम दोनों ज़्यादातर साथ ही रहते थे. स्कूल में भी दोनों साथ जाते थे.
मैं 12 वीं क्लास में था और वह 11 वीं में था. हम दोनों साथ में ही पढ़ने जाते थे और खेलने भी साथ में ही जाते थे.
वह क्रिकेट मुझसे अच्छा खेलता था और सिर्फ बैटिंग करता था.
जबकि मैं बैटिंग-बॉलिंग दोनों करता था.
मैं लड़कियों को पटाने में एक्सपर्ट था.
मेरी 2 गर्लफ्रेंड थीं जबकि उसकी एक भी लड़की गर्लफ्रेंड नहीं थी.
उसने मुझसे कहा कि यार भाई एकाध से मेरी भी सैटिंग करवा दो.
मैंने हामी भर दी और उसके मतलब की लौंडिया देखने लगा.
इस बीच मैंने अपने गांव की एक आंटी सैट कर ली और उनके साथ खूब मजा लिया.
उन आंटी की चुदाई कहानी को मैं फिर कभी लिखूँगा.
अब हम दोनों साथ तो रहते ही थे.
जब भी मैं उसे किसी लड़की को दिखा कर कहता कि इससे बात कर, तो वह मना कर देता था क्योंकि वह इन सब चीज़ों से बहुत डरता था.
उसे लगता था कि कहीं कूट न दिया जाए.
तब मैंने जो आंटी पटा रखी थी, उसके ऊपर अपने दोस्त को चढ़ाने की सोची.
उसी नियत से मैं उस आंटी के घर गया था कि तभी मैंने उनके घर उनकी भतीजी को देखा, वह उनके पास रहने आई थी.
उसे देखते ही मेरा लंड उसकी चूत मांगने लगा था.
पर मुझे डर था कि अगर आंटी को पता चला कि मैं उनकी भतीजी को छोड़ना कहता हूँ तो वे मुझे ही चूत देना मना ना कर दें.
तो मैंने आंटी से बोला कि आपकी भतीजी तो बहुत हॉट है, इससे मेरे भाई की सैटिंग करवा दो!
वे हंस दीं और उन्होंने अपनी भतीजी की सैटिंग मेरे भाई से करा दी.
फिर तो ऐसा खेल हुआ कि हम दोनों भाई एक साथ उनके घर जाकर एक ही बेड पर अलग-अलग कंबल में मजा लेने घुसने लगे थे.
उस दिन भी हम दोनों ने अपनी अपनी चुत बजाई और वापस घर आ गए.
कुछ दिन बाद आंटी की भतीजी चली गई और मेरे भाई के लंड के लिए चुत की जुगाड़ खत्म हो गई.
उसके बाद मेरे भाई का इंटर हो गया और वह काम करने मुंबई चला गया.
अब मैं अकेला हो गया.
अब उसकी अम्मी यानि मेरी चाची को कोई भी काम होता था या बाहर से कुछ भी मँगाना होता था तो वे मुझे ही बुलाती थीं.
मेरी चाची घर में ज़्यादातर सूट-सलवार पहनती थीं.
एक दिन जब उन्होंने मुझे बुलाया तो वे झाड़ू लगा रही थीं.
उस वक्त उन्होंने दुपट्टा नहीं ओढ़ रखा था तो उनके गहरे गले से उनके दूध आधे से ज्यादा बाहर को निकलने को आतुर दिख रहे थे.
मैंने उनके बूब्स देखे और मेरे मन में उन्हें चोदने की इच्छा होने लगी.
मैंने उनसे पूछा- आपने बुलाया था?
वे हां बोल कर मुझे कुछ सामान लाने के लिए कहने लगीं.
मैंने उनको सामान लाकर दे दिया.
फिर अपने घर जाकर उनके नाम की मुठ मारने लगा.
आंटी के रसभरे मम्मों को सोच-सोच कर मेरा दिमाग खराब हो रहा था.
वे रोजाना ही मुझे किसी न किसी काम के लिए बुला लेती थीं.
मैं अब हर रोज़ उनके नाम की मुठ मारने लगा और अपनी सैटिंग वाली आंटी की चुदाई कर लेता था.
एक दिन चाची का कॉल आया.
उन्हें मार्केट जाना था, घर का सामान लाना था.
मैं उन्हें अपनी बाइक पर लेकर गया.
उस वक्त वे मुझसे एकदम चिपक कर बैठी थीं.
उनके चिपकने से मेरा लंड पैंट में खड़ा होने लगा.
जब वे बाजार में सामान खरीद रही थीं तब मैं उनके बूब्स को ही घूर रहा था.
यह बात शायद उन्होंने नोट कर ली थी.
फिर हम दोनों सामान खरीद कर घर आ गए.
मैं अपना घर चला गया.
उसके 4 दिन बाद चाची को अचानक अपने मायके जाना पड़ा.
दरअसल उन्हें कॉल आया था कि उनकी अम्मी की तबीयत खराब है, तो चाची एकदम अपने छोटे बेटे को लेकर अपने मायके चली गईं.
अब घर में दोनों बहनें ही रह गई थीं.
फिर शाम को चाची का मेरे पास कॉल आया कि मैं उनके घर चला जाऊं. दोनों बहनें अकेली हैं और वे शायद आज नहीं आ सकेंगी, तो मैं वहीं सो जाऊं.
मैंने उनसे बोल दिया- आप अम्मी को बोल दो, मैं सो जाऊंगा.
उन्होंने अम्मी से बात की और अम्मी ने मुझे सोने के लिए बोल दिया.
फिर मैं चाची के घर चला गया.
उधर मैंने अपनी बहन से बात की और मैं अपने मोबाइल में टाइम पास करने लगा.
मैं अपने दोस्तों और गर्लफ्रेंड से चैट करने लगा.
फिर चाची की बड़ी लड़की ने मुझसे खाने के लिए कहा.
तो हम सब खाना खाकर सोने चले गए.
अपने-अपने बिस्तर पर आ गए और जब रात को सब सो गए तो मैं अपने फोन में पॉर्न मूवीज देखने लगा था.
उस दिन मुझे एक गजब चुदाई की फिल्म हाथ लगी थी तो देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया.
मैंने मोबाइल में टाइम देखा तो रात के डेढ़ बजे का समय हो गया था.
मैं जागता रहा.
और जब 2 बज गए और सब घर में नींद में थे तो मैंने चाची की लड़की फ़ौजिया को आवाज दी.
लेकिन वह कुछ नहीं बोली.
मैंने फिर से उसे आवाज दी.
इस बार शायद उसकी नींद टूट गई थी लेकिन मुझे पता नहीं चला.
दरअसल उसने कोई जबाव नहीं दिया था.
मैंने सोचा कि वह गहरी नींद में सो रही है.
ब्लू-फिल्म के जोश में लंड भन्नाया हुआ था तो मैं अपनी बहन के बिस्तर के पास आ गया.
मैंने मोबाइल निकाल कर वीडियो ऑन कर ली और उसके पजामा को नीचे करके उसकी चूत को टच करने लगा.
यह सब चाची की लड़की ने शायद देख लिया था लेकिन वह कुछ नहीं बोली.
मैंने मोबाइल को एक जगह सैट किया और उसकी चुत को टटोलता हुआ लंड की मुठ मारने लगा.
वह चुपचाप मुझे मुठ मारता हुआ देखती रही मगर मैंने उसे देखता हुआ नहीं देखा था.
मैं मुठ मारकर जाकर मोबाइल उठा कर अपने बिस्तर पर आकर सो गया.
अगले दिन मुझे चाची का कॉल आया और उन्होंने कहा- मैं घर आ गई हूँ, तुमसे मुझे काम है … जरा आना!
मैं तुरंत उनके घर चला गया.
उस वक्त मेरी दोनों बहनें स्कूल गई हुई थीं.
उधर जाकर देखा कि चाची बिस्तर पर लेटी हुई थीं और उनकी आंखें बंद थीं.
शायद वे रात को सोई नहीं होंगी इसलिए उन्हें नींद आ गई थी.
मैं अपनी चाची के बिस्तर के पास आ गया.
मैंने उन्हें हिलाया और आवाज दी.
लेकिन चाची बहुत गहरी नींद में सो रही थीं.
मैंने चाची को 2-4 आवाजें भी दीं और हल्का सा दो बार हिलाया भी लेकिन वे नहीं उठीं.
उसी समय मैंने देखा चाची का कुर्ता आगे से उठा हुआ था.
सीन देख कर मेरे दिमाग में एक आइडिया आ गया.
मैंने अपना फोन निकालकर चाची के कुछ फोटो खींचे और उनके पजामे को हल्का सा हाथ से नीचे कर दिया.
उनकी बिना पैंटी की चूत देखकर मेरा हाथ बहक गया और मैं चाची की चुत को टच करने लगा.
चाची बेसुध सोती रहीं या जानबूझ कर कुछ कर नहीं रही थीं, मुझे नहीं पता था.
कुछ देर तक चुत सहलाने के बाद मुझसे कंट्रोल ही नहीं हुआ.
मैंने दूसरे हाथ से मोबाइल को वीडियो मोड पर किया और उनकी चूत पर हाथ फेरता हुआ वीडियो बना लिया.
इससे ज़्यादा कुछ करने की हिम्मत मैं नहीं कर पाया और लंड की मुठ मारकर वापस आ गया.
मैं अब रोजाना अपनी बहन व चाची की चुत के उन दोनों वीडियो को बारी बारी से देखकर मुठ मारने लगा था.
कुछ ही दिन बाद हमारे गांव में चोरों का आतंक मचने लगा.
एक दिन हमारे मुहल्ले में भी चोरी हो गई.
चाची को डर लगने लगा.
उन्होंने अम्मी से कहा कि अय्यूब को हमारे घर सोने के लिए भेज दो, बड़ा डर लग रहा है.
अम्मी ने मुझे चाची के घर भेज दिया.
मैं रात को उनके घर सोने चला गया.
मैं सोच रहा था कि आज भी मुझे अपनी बहन की चूत टच करने को मिल जाएगी.
तभी चाची ने मेरा फोन मांगा और मैंने बिना कुछ सोचे उन्हें दे भी दिया.
मुझे बिल्कुल भी याद नहीं था कि उसमें चुदाई के वीडियो हैं.
चाची ने मेरा फोन लेकर फोन का काम खत्म किया और उसके बाद मेरी गैलरी को चेक करने लगीं.
उसी में उन्हें अपनी लड़की वाला वीडियो दिख गया और उन्होंने उसे देखना शुरू कर दिया.
उसमें उन्होंने अपनी बेटी की नंगी चुत पर मुझे हाथ फेरते हुए देखा तो वे गुस्से में आ गईं.
चाची ने मुझे बुलाया और बोलीं- ये सब क्या है? तुझे शर्म नहीं आती? ये सब हरकत करता है … वह तेरी बहन है!
चाची मुझे धमकाने डाँटने लगीं.
मैं गर्दन नीचे करके उनकी गालियां सुनता रहा और सोचता रहा कि शायद चाची ने अपनी चुत वाली क्लिप नहीं देखी है.
कुछ देर बाद उन्होंने खुद ही उस वीडियो को डिलीट कर दिया.
मुझे चेतावनी देते हुए कहा- आगे से यह सब नहीं होना चाहिए!
मैंने उनसे कहा- हां चाची, आगे से ऐसा कभी नहीं होगा!
उन्होंने मुझे मेरा फोन वापस दे दिया.
बाद में वे बुदबुदाईं- साला मेरे मम्मे देखता है और फ़ौजिया की चुत पर नजर रखता है!
मैंने सुन तो लिया था लेकिन कुछ बोला नहीं.
फिर मैंने अपना फोन निकाला और एक आइडिया लगाया.
मैंने अपने फोन में अपनी बहन की जो वीडियो बनाई थी, उसकी एक कॉपी मैंने अलग जगह सेव की हुई थी.
मैंने उन्हें दिखाई.
तो वे सन्न रह गईं.
फिर बोलीं- तूने तो कहा था कि अब आगे से ये सब नहीं होगा. मैं तेरी अम्मी से शिकायत करूंगी!
मैं कुछ नहीं बोला.
फिर चाची ने एक ऐसी बात बोली कि मेरा काम बन गया.
वे बोलीं- तू एक बात क्लियर कर ले कि तुझे फ़ौजिया की चाहिए या मेरी?
मैंने उनसे कहा- दोनों की … और अगर आपने किसी से कुछ भी कहा तो मैं ये वीडियो फेसबुक पर अपलोड कर दूंगा.
मेरी ये सब बातें सुनकर चाची डर गईं और बोलने लगीं- प्लीज ऐसा मत करना! हम बर्बाद हो जाएंगे! हमारे इज़्ज़त का तो ख्याल कर! तुझे मुझसे जो चाहिए … ले ले मगर ये सब मत कर!
तब मैंने सोचा क्यों न इस मौके का फायदा उठाया जाए.
उस वक्त तो मैं अपने घर चला गया.
शाम को चाची ने मुझे पुनः बुलाया और पूछा- तूने वीडियो में अपने हाथ से अपना सामान हिलाया था, तो क्या तुझे अपनी बहन के साथ सेक्स करने का मन नहीं हुआ था?
मैं चुप रहा.
वे आगे बोलीं- या तूने अपनी बहन को खराब कर दिया है?
मैंने कहा- नहीं चाची मैंने उसके साथ वह सब नहीं किया.
चाची मुझे घूरने लगीं और बोलीं- अब तुझे क्या चाहिए?
मैंने उनसे कहा- मुझे फ़ौजिया चाहिए!
वे बोलीं- साफ साफ बोल, क्या चाहिए?
‘मुझे फ़ौजिया की चूत चाहिए!’
मैंने खुल कर कह दिया और सोचा कि उस दिन तो मैं उसके साथ कुछ नहीं कर सका था तो क्या हुआ, आज किस्मत मेरे साथ लग रही है.
आज तो चाची खुद मुझे उसकी चूत दिलाने की सोच रही हैं.
लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
चाची ने कहा- मैं ऐसा कैसे कर सकती हूँ? वह मेरी बेटी है और वह अभी छोटी है. वह ये सब नहीं कर सकती!
यह कहते हुए चाची ने अपने कुर्ते से दुपट्टा नीचे सरका दिया और मेरी नज़र उनके बूब्स पर टिक गई.
उन्होंने ये बात नोट कर ली थी.
मैंने फिर से कहा- दिलाओगी या मैं कुछ करूं?
उन्होंने मुझसे जो कहा, वह सुनकर मैं और भी हैरान रह गया.
उन्होंने मुझसे कहा- मैं ऐसा नहीं कर सकती. अगर तुम चाहो तो फ़ौजिया के बदले तुम मेरी चूत ले लो, लेकिन प्लीज मेरी बेटी को छोड़ दो!
मैंने उनसे कहा- ठीक है, लेकिन मैं आपको खुश कर दूंगा. मगर आपको भी मेरा साथ देना होगा!
वे मान गईं.
फिर मैंने गेट बंद किया और उनके पास जाकर उनका हाथ पकड़ कर उन्हें अपनी तरफ खींच लिया.
उनको लिप टू लिप किस करने लगा.
वे शुरू में मेरा साथ नहीं दे रही थीं तो मैंने उनसे कहा- अगर आप मेरे साथ नहीं दोगी तो मैं कैसे मजा ले पाऊंगा!
वे अब धीरे-धीरे साथ देने लगीं.
मैं उनको किस करता रहा और एक हाथ से उनका मोटी गांड को दबाने लगा. दूसरे हाथ से उनके बूब्स दबाने लगा.
कुछ मिनट किस के बाद वो धीरे-धीरे गर्म होने लगीं.
फिर मैंने बूब्स से हाथ हटाकर उनकी चूत की तरफ बढ़ना शुरू किया.
सलवार के ऊपर से ही उनकी चूत को सहलाने लगा.
इससे वे और ज़्यादा गर्म हो गईं.
फिर मैंने उनकी सलवार के अन्दर हाथ डाल दिया.
उनकी चूत एकदम आग उगल रही थी.
मैं उनकी चूत को सहलाते हुए ही दूसरे हाथ से उनकी सलवार का नाड़ा खोल दिया.
उन्होंने ब्लैक कलर की पैंटी पहनी हुई थी.
मैंने उनकी सलवार निकाल कर एक तरफ डाल दी.
उसके बाद मैंने उनका कुर्ता भी निकाल दिया.
अब वे सिर्फ ब्लैक ब्रा और पैंटी में ही थीं.
मैं उनके बूब्स पर टूट पड़ा.
एक हाथ से ब्रा नीचे करके उनके बूब्स को पीने लगा और दूसरे हाथ से दबा भी रहा था.
वे भी अब मजा लेने लगीं और मेरे बालों में हाथ फेरने लगीं.
फिर मैंने उनकी ब्रा और पैंटी भी निकाल दी.
अब वे मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थीं.
मैं उनको घूरने लगा तो वे मुस्कुराने लगीं.
मैं उनके बूब्स पर टूट पड़ा और इस बार उनके बूब्स के निप्पल पर ज़ोर से काट लिया.
वे एकदम से उछल गईं और मना करने लगीं.
मैं उनके एक दूध को चूसते हुए उनकी चूत को सहलाने लगा.
मैंने चाची की चुत में अपनी एक उंगली को भी अन्दर डाल दी.
वे और ज़्यादा मजा में आ गईं और मुँह से आवाज़ करने लगीं.
मेरा सर पकड़ कर अपनी छाती में दबाने लगीं.
फिर मैं उनसे अलग हुआ और मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और नंगा हो गया.
वे मेरे खड़े लंड को देख रही थीं.
मैंने उनका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया और उनको किस करने लगा.
वे मेरा लंड सहलाने लगीं.
मैं उनको बेड पर ले गया.
उनको लिटाकर उनके पैरों के बीच आ गया और उनकी चूत के पास बैठ कर चुत को सूंघने लगा.
तो वे बोलीं- ये क्या कर रहा है?
मैंने कहा- आप बस देखती रहो और मजा लो!
शायद उन्होंने पहले कभी चूत नहीं चटवाई थी इसलिए उनको थोड़ा अजीब लगा.
फिर मैंने उनकी चूत पर मुँह लगाकर उनकी चूत चाटना शुरू कर दिया!
वे मुझे हटाने लगीं और काँप गईं.
वे बोलने लगीं- ये सब गंदी जगह है!
मैंने उनको लिटाया और बोला- आप बस लेटी रहो और लेटकर मजा लो!
मैं उनकी चूत चाटने लगा.
कुछ देर बाद उन्हें भी मजा आने लगा, तो वे मेरा सर पकड़-पकड़कर चूत पर दबाने लगीं और मुँह से आवाज़ करने लगीं.
‘हम्म … आ आह्ह्ह .. और ज़ोर से … बड़ा मजा आ रहा है हम्म … ऐसे ही चूसता रह!’
कुछ मिनट में वे झड़ गईं और उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया.
मैं उनका सारा पानी पी गया.
फिर मैंने उनसे अपना लंड चूसने के लिए बोला.
तो वे मना करने लगीं.
लेकिन मेरे ज़ोर देने पर वे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगीं.
कुछ ही देर में वे लंड को ऐसे चूस रही थीं जैसे आइसक्रीम चूस रही हों.
थोड़ी देर में मैं उनके मुँह में झड़ गया.
उन्होंने मेरा सारा माल थूक दिया और उठकर कुल्ला करने चली गईं.
फिर वे कुल्ला करके वापस आईं.
मैंने उनको बेड पर लिटा दिया और उन्हें फिर से किस करने लगा, बूब्स दबाने लगा.
कुछ ही मिनट में मेरा लंड दोबारा तैयार हो गया.
मैंने उनको लिटाया और उनकी टांगों के बीच में जाकर लंड को उनकी चूत पर सटाया.
उनकी दोनों टांगें अपने दोनों कंधों पर रखीं और लंड को सैट करके ज़ोर का धक्का मारा.
मेरा 3 इंच लंड उनकी चूत में चला गया. वे ज़ोर से चीख पड़ीं.
तभी मैंने उनको किस किया.
शायद वे बहुत दिनों से नहीं चुदी थीं इसलिए उनकी चूत टाइट हो गई थी.
फिर मैंने एक और ज़ोर का धक्का मारा, जिससे मेरा 7 इंच लंड पूरा उनकी चूत को चीरता हुआ अन्दर चला गया.
वे और ज़ोर से तड़प गईं और उन्होंने मेरे होंठ पर काट लिया.
फिर धीरे-धीरे वे नॉर्मल हो गईं और चुदाई का मजा लेने लगीं.
अपने मुँह से आवाज़ करने लगीं- और ज़ोर से अय्यूब … ज़ोर से फाड़ दो मेरी चूत … आज बहुत दिनों बाद चुद रही हूँ … आह ज़ोर से हम्म … ह्ह्ह्ह …
मुझे भी उनकी बातें सुनकर जोश आ गया और मैंने उनकी ज़ोरदार चुदाई करना शुरू कर दिया.
उनके बूब्स दबाने लगा.
इस बीच वो झड़ गईं.
फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत से निकाल कर उन्हें घोड़ी बनाया और लंड को एक ही शॉट में पीछे से उनकी चूत में पेल दिया.
वे चीख पड़ीं और मुँह से आवाज़ करने लगीं.
फिर कुछ देर बाद वो और ज़ोर से ‘हम्म … यस फास्ट फास्ट .. ’ करने लगीं.
मैंने उन्हें ज़ोर-ज़ोर से पेलना शुरू कर दिया.
सेक्सी चाची चुदाई करके हम दोनों साथ में झड़ गए.
मैं उनकी चूत में ही झड़ गया और उनके ऊपर गिर गया.
ऐसा ही फिर मैं उठा, चाची को किस किया और अपने कपड़े पहन लिए.
मैंने पैंट पहन कर चैन खुली रखी और अपना लंड चाची के मुँह में दे दिया.
चाची लंड चूसने का मजा लेने लगीं और मैंने उनका वीडियो बना लिया.
उनकी नंगी फोटो भी खींच लीं.
फिर मैं अपने घर आ गया.
अब चाची की चुत मेरे लिए खुल चुकी थी और जब चाहे मैं उन्हें चोद लेता था.
तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी सेक्सी चाची चुदाई कहानी?
प्लीज कमेंट करके मुझे ज़रूर बताएं.