वर्जिन गर्ल फक स्टोरी में मेरे दोस्त की बहन अभी जवान हुई है. एक रात मैं दोस्त के घर रुका. आधी रात को मैं पेशाब करने गया तो उसकी बहन अपने कमरे में पूरी नंगी थी.
नमस्ते.
मेरा नाम साहिल है और मैं कॉलेज के दूसरे साल में पढ़ता हूँ।
मेरा दोस्त भी मेरे साथ ही रहता है, हमारी 10 साल की दोस्ती है।
हम दोनों देखने में भी ठीक-ठाक हैं।
तो मैं आज आपको मेरे दोस्त की बहन की चूत मारने की वर्जिन गर्ल फक स्टोरी सुनाता हूँ।
तो एक दिन ऐसा हुआ कि जब मैं मेरे दोस्त को लेने उसके घर गया था, तो वो अपने कमरे में था।
मैंने उसको आवाज़ लगाई तो कोई जवाब नहीं आया।
तो घर के दरवाज़े के पास जाके फिर से आवाज़ लगाई, तो उसकी बहन ने आवाज़ दी, “कौन है!”
मैंने कहा, “मैं उसका दोस्त हूँ, उसको कॉलेज के लिए बुलाया है!”
वो अपने रूम से बाहर आई।
मैं उसे देख के पागल हो गया था!
उसने लेगिंग्स और एक ढीली टी-शर्ट पहनी थी।
उसे देख के मेरा लंड खड़ा हो गया था।
ऐसा लगा कि उसको अभी ही सोफे पर लिटा कर अभी ही चोद दूँ!
उसका नाम निशा था।
तभी उसने मेरे को कहा, “पानी पिओगे?”
मैंने कहा, “ओके, ले आओ!”
मैंने पूछा, “कहाँ है तेरा भाई?”
वो बोली, “उसका पेट खराब था, तो पूरी रात सोया नहीं था। तो वो अभी भी सो रहा है!”
तो मैंने कहा, “तो आज वो कॉलेज नहीं आयेगा?”
वो बोली, “आज तो नहीं आयेगा वो ऐसे में!”
वो पानी लेके आई तो जरा झुकी, तो उसके दो बड़े बूब्स टी-शर्ट में झूल रहे थे।
मैंने उसके बूब्स को देख लिया था, वो मेरे दिमाग में छप गए थे।
फिर मैंने पूछा, “घर में तुम्हारे मम्मी-पापा कहाँ गए हैं?”
तो उसने कहा, “वो मामा के घर गए हैं क्योंकि उनका एक्सीडेंट हुआ था!”
“ऐसा है तो! तो तुम और तुम्हारा भाई वीरेन ही हो घर में?”
निशा ने बोला, “हाँ! और वो भी एक महीने के लिए!”
ऐसा सुनते ही मेरे दिमाग में उसको चोदने का प्लान बनाना सोच लिया था।
फिर मैंने पूछा, “तुम क्या करती हो?”
तो निशा ने कहा, “मेरी बारहवीं की तैयारी चल रही है!”
मैंने बोला, “पास हो जाओगी?”
उसने कहा, “पास तो आराम से हो जाऊँगी!”
मेरे को पता था कि अभी तक निशा को किसी ने चोदा नहीं था, सील पैक थी और उसमें भी आग भरी थी।
क्योंकि वो मेरे से बात कर रही थी, तब वो जान-बूझ के अपनी टांगें फैला कर बैठी थी और बार-बार वो नीचे जरा-जरा झुक के अपने बूब्स दिखा रही थी।
“अच्छा तो मैं चलता हूँ!”
ऐसा कह कर मैं कॉलेज चला गया।
और फिर मैं कॉलेज के बाद घर आकर अपने रूम में जा कर निशा के नाम की मुट्ठी मारी।
उसके बूब्स को याद करके और उसने जो टांगें फैलाई थीं, वो याद करके मुट्ठी मार ली और हल्का हो गया, और मैं जरा सो गया।
फिर मैं दूसरे दिन मेरे दोस्त के घर गया, तो उससे मिला और पूछा, “कैसा है तू?”
उसने कहा, “ठीक हूँ, दवाई चल रही है!”
तभी उसकी बहन निशा आई और उसने पूछा, “कैसे हो साहिल?”
मैंने कहा, “मैं तो ठीक हूँ, तुम कैसी हो?”
उसने कहा, “क्या यार, कुछ अच्छा नहीं चल रहा है, सिर पर एग्जाम है!”
तो मैंने कहा, “वो टेंशन तो रहेगा ही!”
उसने कहा, “ये तो है ही, पर बहुत टेंशन हो जाता है एग्जाम का!”
फिर ऐसे ही थोड़ी बात करके वो चली गई।
फिर मैंने मेरे दोस्त को कहा, “आज हमको कॉलेज से प्रोजेक्ट मिला है, तो करना पड़ेगा। मैं तुम्हारा प्रोजेक्ट भी मैं कर लूँगा, क्योंकि तुम बीमार हो!”
तो उसने कहा, “ठीक है तो! तो एक काम करो कि आज रात मेरे घर ही आ जाना, हम साथ में प्रोजेक्ट करेंगे!”
मैंने भी हाँ कहा।
मैंने भी मन में सोच लिया था कि ऐसा मौका कभी नहीं मिलेगा! फिर मैं मेरे घर आ गया और रात का इंतज़ार कर रहा था।
मैं सारा प्रोजेक्ट का सामान लेके उसके घर चला गया।
और फिर मैंने और मेरे दोस्त ने उसके रूम में प्रोजेक्ट का काम चालू कर दिया।
फिर मैंने उसे पूछा, “आज की दवाई ली क्या?”
तो मेरे दोस्त ने कहा, “अरे! मैं तो भूल ही गया था!”
फिर उसने दवाई ली और हम प्रोजेक्ट करने लगे।
बहुत देर हो गई थी तो मेरे दोस्त वीरेन ने कहा, “साहिल, आज मेरे घर ही सो जाना!”
मैं बोला, “नहीं यार, मैं चला जाता हूँ!”
तो मेरे दोस्त ने बोला, “भाई! अपना घर समझ के सो जाना!”
उसने मेरे को बहुत समझाया कि एक दिन की तो बात है, बहुत रात हो गई है, तो मैंने कहा, “ठीक है!”
फिर हम सो गए।
लेकिन मेरे को नींद नहीं आ रही थी.
मैं मूतने के बहाने घर में झांकने लगा।
तभी मैंने देखा कि निशा के रूम की लाइट चालू थी और खटिया की आवाज़ आ रही थी।
तभी मैंने दरवाज़े से देखा, तो मैंने देखा कि निशा पूरी नंगी होकर अपनी चूत को उंगली से सहला रही थी!
वो देख के मेरा लंड खड़ा हो गया और वहीं पे उसको देख के ज़ोर-ज़ोर से मेरा लंड हिलाने लगा।
मैं पागल की तरह हिलाने लगा, तो मेरे को होश नहीं रहा।
तभी ही मेरा वीर्य निकल गया।
तभी मैंने लंबी साँस लेकर दरवाज़े का सहारा ले रहा था, तभी दरवाज़ा हिल के खुल गया, क्योंकि दरवाज़ा जरा सा ही खुला था।
जब दरवाज़ा खुल गया, तभी निशा नंगी थी.
मेरे को देख के वो चौंक गई और अपने शरीर को चादर से ढक लिया।
और मैं घबरा के रसोड़े (किचन) की तरफ पानी पीने के लिए चला गया।
मैं थोड़ा डर गया था।
तभी निशा भी रसोड़े में आ गई सिर्फ लंबी टी-शर्ट पहन के, और उसने कहा, “तुम क्या देख रहे थे इतनी रात को!”
मैंने कहा, “कुछ नहीं, पानी पीने के लिए आया था, तो तुम्हारे कमरे की लाइट जल रही थी, तो मैंने तुमको नग्न अवस्था में देख लिया तो…”
निशा ने बोला, “इसमें क्या है! मैं तो अपना स्ट्रेस दूर कर रही थी!”
ऐसा बोलते-बोलते वो मेरे नजदीक आ गई।
मेरा लंड खड़ा हो गया था और उसको भी बहुत गर्मी थी।
निशा ने कहा अचानक, “तुम मुझे चोदोगे? हाँ कि ना! नहीं तो मेरे भाई को ये सब कह दूँगी!”
मैंने कहा, “किसी को कुछ नहीं कहना है! तुम जो कहोगी वैसे करूँगा!”
“तो ठीक है फिर!”
ऐसा कह के वो मेरी चड्डी को निकाल कर मेरा लंबा लंड हाथ में लेकर हिलाने लगी।
मेरे को भी मज़ा आ रहा था और उसको भी।
थोड़ी देर बाद मैंने भी उसके बूब्स को दबाया, बहुत स्मूथ थे उसके बूब्स।
और थोड़ी देर के लिए उसकी चूत को अपने हाथों से ज़ोर-ज़ोर से हिलाया।
वो सिसकारियां ले रही थी, “आह! आह! साहिल! और ज़ोर से! और ज़ोर से!”
मैंने कहा, “तो ले और ज़ोर से!”
फिर मैंने थोड़े टाइम के बाद अपने लंड को उसके मुँह में दे दिया, और वो मज़े से मेरा लंड चूस रही थी।
मेरे को बहुत मज़ा आ रहा था।
फिर थोड़े टाइम के बाद उसकी टी-शर्ट निकाल दी।
वो पूरी नंगी हो गई और मैं भी पूरा नंगा हो गया।
और फिर मैंने उसका एक पैर रसोड़े में जो पत्थर लगा होता है, वहाँ पे उसका पैर रखा।
फिर मैंने मेरा लंड उसकी चूत पर रखा, थोड़ा रगड़ा।
उसने सिसकारियां लेना चालू कर दिया।
उसने बोला, “साहिल! लंड को पूरा अंदर डाल दो, अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है!”
तभी मैंने मेरा लंड ज़ोर से उसकी चूत में डाल दिया! वो ज़ोर से चिल्लाई!
मैंने कहा, “चिल्ला मत! तेरा भाई उठ जायेगा!”
तो वो बोली, “पहली बार लंड चूत में गया है, तो दर्द तो होगा ही ना!”
फिर मैं धीरे-धीरे लंड को अंदर-बाहर करता रहा।
मेरे को तो बहुत मज़ा आ रहा था और वो भी मेरा नाम ले कर चोदने का मज़ा ले रही थी, “ओह साहिल! और ज़ोर से! और ज़ोर से!”
मैं उसको चोदता गया, वो सिसकारियां लेती रही।
वर्जिन गर्ल फक का मजा लेते हुए हम दोनों ही झड़ गए।
इस प्रकार से मैंने उसे पहली चुदाई का मजा दिया.
हम दोनों एक दूसरे से लिपट गए और किस करने लगे थोड़ी देर तक।
फिर उसने कहा, “चलो, मेरे रूम के बाथरूम में हम दोनों साथ में नहा लेते हैं!”
फिर हम दोनों बाथरूम में नंगे होकर एक दूसरे को साबुन से साफ़ करके नहा रहे थे, तभी फिर से हम दोनों का चुदाई का मूड बन गया था।
तो फिर से मैंने उसको बाथरूम में लिटा दिया और उसकी चूत में लंड डालकर चोदने लगा।
लंड को अंदर-बाहर करके मज़ा लेने लगे हम दोनों।
मैंने उसको उठा के खड़ा-खड़ा चोदा, उछल-उछल के मेरा लंड ले रही थी वो और हम दोनों मज़े मार रहे थे।
फिर हम दोनों झड़ गए।
हम दोनों साथ नहा के, फिर उसके बेड पे थोड़े टाइम के लिए चिपक के आराम कर रहे थे।
निशा ने कहा, “ये बात किसी को पता चलना नहीं चाहिए!”
मैंने कहा, “मैं पागल हूँ क्या कि ये बात किसी से कहूँगा!”
ऐसा कहकर मैं उसको किस और थोड़े बूब्स दबाकर उसके कमरे से बाहर निकल कर वीरेन के रूम में जा कर सो गया।
फिर सुबह होते ही मैं मेरे घर चला गया.
आप सबको मेरी कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद.
वर्जिन गर्ल फक स्टोरी पर अपनी राय मुझे बताएं.
नमस्ते.
मेरा नाम साहिल है और मैं कॉलेज के दूसरे साल में पढ़ता हूँ।
मेरा दोस्त भी मेरे साथ ही रहता है, हमारी 10 साल की दोस्ती है।
हम दोनों देखने में भी ठीक-ठाक हैं।
तो मैं आज आपको मेरे दोस्त की बहन की चूत मारने की वर्जिन गर्ल फक स्टोरी सुनाता हूँ।
तो एक दिन ऐसा हुआ कि जब मैं मेरे दोस्त को लेने उसके घर गया था, तो वो अपने कमरे में था।
मैंने उसको आवाज़ लगाई तो कोई जवाब नहीं आया।
तो घर के दरवाज़े के पास जाके फिर से आवाज़ लगाई, तो उसकी बहन ने आवाज़ दी, “कौन है!”
मैंने कहा, “मैं उसका दोस्त हूँ, उसको कॉलेज के लिए बुलाया है!”
वो अपने रूम से बाहर आई।
मैं उसे देख के पागल हो गया था!
उसने लेगिंग्स और एक ढीली टी-शर्ट पहनी थी।
उसे देख के मेरा लंड खड़ा हो गया था।
ऐसा लगा कि उसको अभी ही सोफे पर लिटा कर अभी ही चोद दूँ!
उसका नाम निशा था।
तभी उसने मेरे को कहा, “पानी पिओगे?”
मैंने कहा, “ओके, ले आओ!”
मैंने पूछा, “कहाँ है तेरा भाई?”
वो बोली, “उसका पेट खराब था, तो पूरी रात सोया नहीं था। तो वो अभी भी सो रहा है!”
तो मैंने कहा, “तो आज वो कॉलेज नहीं आयेगा?”
वो बोली, “आज तो नहीं आयेगा वो ऐसे में!”
वो पानी लेके आई तो जरा झुकी, तो उसके दो बड़े बूब्स टी-शर्ट में झूल रहे थे।
मैंने उसके बूब्स को देख लिया था, वो मेरे दिमाग में छप गए थे।
फिर मैंने पूछा, “घर में तुम्हारे मम्मी-पापा कहाँ गए हैं?”
तो उसने कहा, “वो मामा के घर गए हैं क्योंकि उनका एक्सीडेंट हुआ था!”
“ऐसा है तो! तो तुम और तुम्हारा भाई वीरेन ही हो घर में?”
निशा ने बोला, “हाँ! और वो भी एक महीने के लिए!”
ऐसा सुनते ही मेरे दिमाग में उसको चोदने का प्लान बनाना सोच लिया था।
फिर मैंने पूछा, “तुम क्या करती हो?”
तो निशा ने कहा, “मेरी बारहवीं की तैयारी चल रही है!”
मैंने बोला, “पास हो जाओगी?”
उसने कहा, “पास तो आराम से हो जाऊँगी!”
मेरे को पता था कि अभी तक निशा को किसी ने चोदा नहीं था, सील पैक थी और उसमें भी आग भरी थी।
क्योंकि वो मेरे से बात कर रही थी, तब वो जान-बूझ के अपनी टांगें फैला कर बैठी थी और बार-बार वो नीचे जरा-जरा झुक के अपने बूब्स दिखा रही थी।
“अच्छा तो मैं चलता हूँ!”
ऐसा कह कर मैं कॉलेज चला गया।
और फिर मैं कॉलेज के बाद घर आकर अपने रूम में जा कर निशा के नाम की मुट्ठी मारी।
उसके बूब्स को याद करके और उसने जो टांगें फैलाई थीं, वो याद करके मुट्ठी मार ली और हल्का हो गया, और मैं जरा सो गया।
फिर मैं दूसरे दिन मेरे दोस्त के घर गया, तो उससे मिला और पूछा, “कैसा है तू?”
उसने कहा, “ठीक हूँ, दवाई चल रही है!”
तभी उसकी बहन निशा आई और उसने पूछा, “कैसे हो साहिल?”
मैंने कहा, “मैं तो ठीक हूँ, तुम कैसी हो?”
उसने कहा, “क्या यार, कुछ अच्छा नहीं चल रहा है, सिर पर एग्जाम है!”
तो मैंने कहा, “वो टेंशन तो रहेगा ही!”
उसने कहा, “ये तो है ही, पर बहुत टेंशन हो जाता है एग्जाम का!”
फिर ऐसे ही थोड़ी बात करके वो चली गई।
फिर मैंने मेरे दोस्त को कहा, “आज हमको कॉलेज से प्रोजेक्ट मिला है, तो करना पड़ेगा। मैं तुम्हारा प्रोजेक्ट भी मैं कर लूँगा, क्योंकि तुम बीमार हो!”
तो उसने कहा, “ठीक है तो! तो एक काम करो कि आज रात मेरे घर ही आ जाना, हम साथ में प्रोजेक्ट करेंगे!”
मैंने भी हाँ कहा।
मैंने भी मन में सोच लिया था कि ऐसा मौका कभी नहीं मिलेगा! फिर मैं मेरे घर आ गया और रात का इंतज़ार कर रहा था।
मैं सारा प्रोजेक्ट का सामान लेके उसके घर चला गया।
और फिर मैंने और मेरे दोस्त ने उसके रूम में प्रोजेक्ट का काम चालू कर दिया।
फिर मैंने उसे पूछा, “आज की दवाई ली क्या?”
तो मेरे दोस्त ने कहा, “अरे! मैं तो भूल ही गया था!”
फिर उसने दवाई ली और हम प्रोजेक्ट करने लगे।
बहुत देर हो गई थी तो मेरे दोस्त वीरेन ने कहा, “साहिल, आज मेरे घर ही सो जाना!”
मैं बोला, “नहीं यार, मैं चला जाता हूँ!”
तो मेरे दोस्त ने बोला, “भाई! अपना घर समझ के सो जाना!”
उसने मेरे को बहुत समझाया कि एक दिन की तो बात है, बहुत रात हो गई है, तो मैंने कहा, “ठीक है!”
फिर हम सो गए।
लेकिन मेरे को नींद नहीं आ रही थी.
मैं मूतने के बहाने घर में झांकने लगा।
तभी मैंने देखा कि निशा के रूम की लाइट चालू थी और खटिया की आवाज़ आ रही थी।
तभी मैंने दरवाज़े से देखा, तो मैंने देखा कि निशा पूरी नंगी होकर अपनी चूत को उंगली से सहला रही थी!
वो देख के मेरा लंड खड़ा हो गया और वहीं पे उसको देख के ज़ोर-ज़ोर से मेरा लंड हिलाने लगा।
मैं पागल की तरह हिलाने लगा, तो मेरे को होश नहीं रहा।
तभी ही मेरा वीर्य निकल गया।
तभी मैंने लंबी साँस लेकर दरवाज़े का सहारा ले रहा था, तभी दरवाज़ा हिल के खुल गया, क्योंकि दरवाज़ा जरा सा ही खुला था।
जब दरवाज़ा खुल गया, तभी निशा नंगी थी.
मेरे को देख के वो चौंक गई और अपने शरीर को चादर से ढक लिया।
और मैं घबरा के रसोड़े (किचन) की तरफ पानी पीने के लिए चला गया।
मैं थोड़ा डर गया था।
तभी निशा भी रसोड़े में आ गई सिर्फ लंबी टी-शर्ट पहन के, और उसने कहा, “तुम क्या देख रहे थे इतनी रात को!”
मैंने कहा, “कुछ नहीं, पानी पीने के लिए आया था, तो तुम्हारे कमरे की लाइट जल रही थी, तो मैंने तुमको नग्न अवस्था में देख लिया तो…”
निशा ने बोला, “इसमें क्या है! मैं तो अपना स्ट्रेस दूर कर रही थी!”
ऐसा बोलते-बोलते वो मेरे नजदीक आ गई।
मेरा लंड खड़ा हो गया था और उसको भी बहुत गर्मी थी।
निशा ने कहा अचानक, “तुम मुझे चोदोगे? हाँ कि ना! नहीं तो मेरे भाई को ये सब कह दूँगी!”
मैंने कहा, “किसी को कुछ नहीं कहना है! तुम जो कहोगी वैसे करूँगा!”
“तो ठीक है फिर!”
ऐसा कह के वो मेरी चड्डी को निकाल कर मेरा लंबा लंड हाथ में लेकर हिलाने लगी।
मेरे को भी मज़ा आ रहा था और उसको भी।
थोड़ी देर बाद मैंने भी उसके बूब्स को दबाया, बहुत स्मूथ थे उसके बूब्स।
और थोड़ी देर के लिए उसकी चूत को अपने हाथों से ज़ोर-ज़ोर से हिलाया।
वो सिसकारियां ले रही थी, “आह! आह! साहिल! और ज़ोर से! और ज़ोर से!”
मैंने कहा, “तो ले और ज़ोर से!”
फिर मैंने थोड़े टाइम के बाद अपने लंड को उसके मुँह में दे दिया, और वो मज़े से मेरा लंड चूस रही थी।
मेरे को बहुत मज़ा आ रहा था।
फिर थोड़े टाइम के बाद उसकी टी-शर्ट निकाल दी।
वो पूरी नंगी हो गई और मैं भी पूरा नंगा हो गया।
और फिर मैंने उसका एक पैर रसोड़े में जो पत्थर लगा होता है, वहाँ पे उसका पैर रखा।
फिर मैंने मेरा लंड उसकी चूत पर रखा, थोड़ा रगड़ा।
उसने सिसकारियां लेना चालू कर दिया।
उसने बोला, “साहिल! लंड को पूरा अंदर डाल दो, अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है!”
तभी मैंने मेरा लंड ज़ोर से उसकी चूत में डाल दिया! वो ज़ोर से चिल्लाई!
मैंने कहा, “चिल्ला मत! तेरा भाई उठ जायेगा!”
तो वो बोली, “पहली बार लंड चूत में गया है, तो दर्द तो होगा ही ना!”
फिर मैं धीरे-धीरे लंड को अंदर-बाहर करता रहा।
मेरे को तो बहुत मज़ा आ रहा था और वो भी मेरा नाम ले कर चोदने का मज़ा ले रही थी, “ओह साहिल! और ज़ोर से! और ज़ोर से!”
मैं उसको चोदता गया, वो सिसकारियां लेती रही।
वर्जिन गर्ल फक का मजा लेते हुए हम दोनों ही झड़ गए।
इस प्रकार से मैंने उसे पहली चुदाई का मजा दिया.
हम दोनों एक दूसरे से लिपट गए और किस करने लगे थोड़ी देर तक।
फिर उसने कहा, “चलो, मेरे रूम के बाथरूम में हम दोनों साथ में नहा लेते हैं!”
फिर हम दोनों बाथरूम में नंगे होकर एक दूसरे को साबुन से साफ़ करके नहा रहे थे, तभी फिर से हम दोनों का चुदाई का मूड बन गया था।
तो फिर से मैंने उसको बाथरूम में लिटा दिया और उसकी चूत में लंड डालकर चोदने लगा।
लंड को अंदर-बाहर करके मज़ा लेने लगे हम दोनों।
मैंने उसको उठा के खड़ा-खड़ा चोदा, उछल-उछल के मेरा लंड ले रही थी वो और हम दोनों मज़े मार रहे थे।
फिर हम दोनों झड़ गए।
हम दोनों साथ नहा के, फिर उसके बेड पे थोड़े टाइम के लिए चिपक के आराम कर रहे थे।
निशा ने कहा, “ये बात किसी को पता चलना नहीं चाहिए!”
मैंने कहा, “मैं पागल हूँ क्या कि ये बात किसी से कहूँगा!”
ऐसा कहकर मैं उसको किस और थोड़े बूब्स दबाकर उसके कमरे से बाहर निकल कर वीरेन के रूम में जा कर सो गया।
फिर सुबह होते ही मैं मेरे घर चला गया.
आप सबको मेरी कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद.
वर्जिन गर्ल फक स्टोरी पर अपनी राय मुझे बताएं.