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06-10-2026 03:00 صباحاً
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कुवारी चूत की चुदाई कहानी में मैं डॉक्टर हूँ और कॉलेज की लड़कियां मेरे पास अपनी चूत की सील तुड़वाने आती हैं. ऐसे ही एक लड़की ने मुझे एक होटल के कमरे में बुलाया.

मेरे प्यारे सेक्स कहानियों के पाठको, आप लोगों ने मेरी सच्ची कहानी
छोटे भाई की जोरू को ओयो होटल में चोदा
तो पढ़ी ही होगी।

अब मैं जो कहानी आप लोगों को बताने जा रहा हूँ, यह भी मेरी एक सच्ची कुवारी चूत की चुदाई कहानी है।

मैं उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले का रहने वाला हूँ और यहाँ एक डॉक्टर हूँ।
मेरा नाम ‘चोदू राम’ है (बदल कर रखा गया) यह मेरा असली नाम नहीं है क्योंकि मैं अलीगढ़ के टॉप डॉक्टर्स में से एक हूँ।

मेरी उम्र 31 साल है और मैं स्मार्ट होने के साथ-साथ सेक्सी भी हूँ।
यहाँ मैं एक कॉल बॉय का भी काम करता हूँ।

आप लोग तो जानते ही होंगे कि कॉल बॉय क्या होता है।
अगर आप लोगों को पता नहीं है, तो मैं आपको बताता हूँ कि कॉल बॉय जो होते हैं, वे अकेली महिलाओं या लड़कियों के जिस्म की भूख मिटाते हैं।
यानी जिन महिलाओं को सेक्स की ज़रूरत होती है, वे कॉल बॉय से सेक्स करके अपने जीवन का असली आनंद लेती हैं।

मैं इसी तरह का कॉल बॉय का काम भी करता हूँ, क्योंकि मुझे लड़कियों और महिलाओं को चोदना बहुत पसंद है।

अब मैं आप लोगों को बोर न करते हुए अपनी कहानी पर आता हूँ।

यह कहानी आज से 5 दिन पहले की है।

मेरे पास एक कॉलेज की लड़की का मेल आया, जिसकी उम्र करीब 20 वर्ष होगी।
उसने मेल में लिखा, “क्या आप कॉल बॉय हैं?”

जब मैंने उस मेल को पढ़ा, तो मैंने ‘हाँ’ में जवाब दे दिया।
तो उसने मुझसे कहा, “हम आपकी सेवा लेना चाहते हैं!”

मैंने उससे पूछा, “आप कहाँ से हैं?”
तो उसने मुझे बताया, “मैं अलीगढ़ से ही हूँ!”

फिर मैंने उससे कहा, “अलीगढ़ से ही मैं भी हूँ। आपको कहाँ और कब सर्विस चाहिए?”
उसने मुझे कहा, “मैं आपको एक होटल का पता और समय बताऊँगी, आप वहाँ आ जाना!”

मैंने उससे कहा, “आप अपना कॉन्टैक्ट नंबर दें, मैं आपको कॉल कर लूँगा।”

तो उसने सोचा कि कुछ गलत न हो जाए, इसलिए उसने मुझे कॉन्टैक्ट नंबर देने से मना किया और कहा, “आप मेल से ही बात करें!”
मैंने उससे कहा, “ओके!”

उसने मुझे अगले दिन सुबह 10 बजे होटल में आने की बात कही और मेरी फीस भी पूछी.
तो मैंने उसे फीस बता दी।

मैंने उससे कहा, “मैम, मेरा सुबह 9 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ओपीडी यानी मरीज देखने का टाइम है, मैं 2 बजे आ सकता हूँ।”
तो उसने मुझसे कहा, “तब तक हमारे कॉलेज की छुट्टी का टाइम हो जाता है और हमें घर भी जाना होता है!”
मैंने कहा, “ठीक है, मैं सुबह 10 बजे ही आऊँगा!”

अगले दिन मैं उसके बताए हुए टाइम पर होटल पहुँच गया।
उसने मुझे मैसेज में कहा था, “रूम नंबर 8 में आना!”

मैंने रिसेप्शन पर पूछा, तो वहाँ बैठी लड़की ने मुझे बताया, “सर, आप लिफ्ट से तीसरे फ्लोर पर चले जाएँ।”

मैं वहाँ पहुँच गया और मैंने रूम नंबर 8 को नॉक किया।
अंदर से एक लड़की निकली जिसकी उम्र 20 साल के आसपास होगी।

वह एक नामी स्कूल की ड्रेस में थी, बड़ी ही खूबसूरत थी और उसने अच्छी क्वालिटी का परफ्यूम लगाया हुआ था।

उसने मुझे देखा और कहा, “क्या आप सर्विस मैन हो?”
तो मैंने उससे कहा, “जी, आपने ही मुझे मेल किया था।”

वह समझ गई और उसने मुझे रूम के अंदर बुला लिया।

उसने मुझसे पूछने के लिए कहा, “आप कुछ नाश्ता या कुछ ठंडा लेंगे?”
मैंने उससे कहा, “आप जो चाहें मँगा लें।”

तो उसने होटल के रिसेप्शन पर कॉल की और 2 लस्सी और कुछ स्नैक्स का ऑर्डर दे दिया।

उसने मुझसे पूछा, “क्या आप सच में डॉक्टर हैं?”
मैंने ‘हाँ’ में सिर हिला दिया।

तो वह कहने लगी, “फिर तो प्रेग्नेंट होने का डर भी नहीं है!”
मैंने कहा, “यस मैम!”

तो उसने कहा, “आप मुझे मैम न कहें, मेरा नाम फ़लक है। मुझे फ़लक कहें!”

मैंने उसे ओके कहा।

फिर फ़लक ने मुझे एक की गोली दी और कहा, “आप इसे खाकर मेरे साथ सेक्स करें!”

मैंने वह गोली खाने से मनाकर दिया क्योंकि मुझे गोली की जरूरत नहीं थी।

उसके बाद फ़लक ने मेरी बेल्ट खोलना चालू कर दिया।
मैं उसकी कमर सहलाने और उसे चूमने लगा।

फ़लक ने मेरी पैंट और निक्कर उतार दिया।
मेरा लंड देखकर फ़लक की आँखों में एक नशा छाने लगा और वह मेरा लंड पकड़कर हिलाने लगी।

वह बोली, “आप अब तक कितनी लड़कियों को चोद चुके हैं?”

तो मैंने उससे कहा, “कम से कम 26 लड़कियों को चोद चुका हूँ और करीब 49 शादीशुदा महिलाओं को!”

फिर फ़लक ने कहा, “क्या आप हमारे कॉलेज की लड़कियों को भी चोद चुके हैं?”
तो मैंने उससे कहा, “उन 26 में से आप 18वीं लड़की हैं जो एक ही कॉलेज की हैं!”

फ़लक ने मुझसे उन लड़कियों के नाम और क्लास पूछे, तो मैंने बताने से मना कर दिया और उससे कहा, “यह प्राइवेसी है! मैं न किसी का नंबर बताता हूँ और न नाम। यह उनकी पर्सनल चीजें हैं, मैं नहीं बताऊँगा।”

और मैंने फ़लक से कहा, “अगर तुम्हारी तरह कल को कोई दूसरी पूछे, तो क्या उसके सामने तुम्हारा नाम बताना ठीक रहेगा? तुम्हारे बारे में बताना भी ठीक नहीं रहेगा।”

फ़लक मेरी बात समझ गई और फिर वह मेरा लंड चूसने लगी।
मैंने भी उसकी कमीज और उसकी ब्रा उतार दी और उसके चूचे मसलने लगा।

फ़लक कभी मेरा लंड चूसती, तो कभी मेरे गोटे अपनी जीभ से चाटती।
मैं तो मदहोश होने लगा और मस्ती में फ़लक के चूचों को तेज़-तेज़ मसलने लगा, जिससे फ़लक और भी ज्यादा उत्तेजित होने लगी।

उसके मुँह से मेरे लंड को चूसने की ‘गट-गट’ और ‘पंच-पंच’ की आवाज़ें आने लगीं।

फिर मैंने फ़लक को खड़ा किया और उसकी एक चूची को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा।
उसकी चूची इतनी बड़ी थी कि मेरे मुँह में पूरी नहीं आ रही थी।

मैं एक हाथ से उसकी चूची पकड़कर चूस रहा था और दूसरा हाथ मैंने फ़लक की सलवार में डाल दिया।
फिर मैं अपने हाथ से उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को मसलने लगा।

फ़लक भी मस्ती में मेरे बालों में अपनी उंगलियाँ चलाने लगी और बोलने लगी, “आज तोड़ दो मेरी चूत की सील! और खोल दो मेरी चूत का रास्ता! लंड जाने का रास्ता बना दो! मुझे अपने लंड से लड़की से औरत बना दो!”

यह सुनकर मैं और मस्त हो गया कि आज फिर एक नई चूत की सील तोड़ने को मिल रही है!
यह सोच-सोचकर मेरा दिल खुशी के मारे मगन हो गया और साथ ही साथ मेरा लंड भी और तनकर खड़ा हो गया।

फिर मैंने फ़लक को बेड पर लिटाया और उसकी सलवार और पेंटी एक साथ उतार दी।
मैं उसके ऊपर आ गया।

जैसे ही मैंने फ़लक की चूत और अपने लंड पर जैली लगाई— साथियो, मैं एक जैली हमेशा अपने पास रखता हूँ, जिससे जब कोई बिना चुदाई वाली चूत की सील तोड़नी होती है, तो मैं उसे ही इस्तेमाल करता हूँ, जिससे लड़की को दर्द नहीं होता और फुल मजा आता है।
इसी वजह से लड़कियाँ अपने साथ-साथ अपनी सहेलियों की सील तुड़वाने के लिए भी मुझसे सर्विस लेती हैं, जिससे मुझे नई-नई चूत की सील तोड़ने का मजा आता है।

इसीलिए मैंने फ़लक की चूत की सील तोड़ने के लिए अपने लंड और फ़लक की चूत पर जैली लगाकर जैसे ही लंड उसकी चूत में घुसाने की कोशिश की, तभी रूम का गेट बजा!

फ़लक और मैं डर गए। मैंने और फ़लक ने एकदम साथ में आवाज़ दी, “कौन है?”
बाहर से आवाज़ आई, “सर, आपका ऑर्डर!”

तब एकदम हमें याद आया कि हमने लस्सी ऑर्डर की थी।
फ़लक ने कहा, “इसे भी अभी ही आना था!”

फिर मैंने जल्दी से तौलिया लपेटा और फ़लक ने अपने ऊपर चादर लपेट ली।
जैसे ही मैंने गेट खोला, तो सामने एक खूबसूरत लड़की हाथ में एक पैकेट लिए खड़ी थी, जिसमें दो ग्लास लस्सी और कुछ स्नैक्स थे।
उसकी नज़र जब मुझसे मिली, तो एकदम से मेरे बंधे हुए तौलिए पर गई, जिसमें मेरा लंड एकदम तना हुआ साफ दिख रहा था।

इसे देखकर वह एकदम शर्मा गई और अपनी नज़रें नीचे करके मुझे लस्सी और स्नैक्स देते हुए बोली, “सर, हैव अ नाइस डे!”
मैं भी उसे मुस्कुराकर थैंक्स बोला और गेट बंद करने लगा।

इतने में उस लड़की ने कहा, “सर, अगर किसी भी चीज़ की ज़रूरत हो तो कॉल कर दीजिएगा!”
मैंने ओके कहा और गेट बंद कर दिया।

फिर फ़लक ने कहा, “इन्हें एक तरफ रखो और जल्दी आ जाओ!”

मैंने पास रखे बेड पर सामान रखा और फ़लक के पास पहुँच गया।
फ़लक ने जल्दी से मेरा तौलिया हटाया और मुझे अपने ऊपर खींच लिया।
वह मेरे होठों को चूसने लगी।

मुझे ऐसा लग रहा था कि यह मेरे होंठ ही तोड़ देगी!
मैंने भी उसका मुँह पकड़ा और उसे ज़ोर से किस करने लगा।

मैं अपने एक हाथ से फ़लक की चूत के मुँह पर अपना लंड लगाने लगा।
फ़लक ने भी अपने दोनों हाथों से मेरी कमर को पकड़ लिया और मुझे अपने ऊपर दबाने लगी, जिसकी वजह से मेरा लंड फिसलकर उसकी चूत की जगह थोड़ा ऊपर आ गया।

फिर मैंने फ़लक से कहा, “मेरी रानी, रुको! आराम से करने दो, आज मैं तुम्हारा ही हूँ!”
तो फ़लक बोलने लगी, “अब तुम हमेशा मेरे ही रहोगे!”
मैंने कहा, “ओके!”

और फिर मैंने अपना लंड फ़लक की चूत पर रखा और एक ज़ोर का धक्का देकर फ़लक की चूत में लंड पेल दिया!
आधा लंड फ़लक की चूत के होठों को चीरता हुआ उसकी चूत के अंदर समा गया.
जिससे फ़लक के मुँह से ‘आआ ह्ह्ह ह्ह… शीईई ईईई’ की आवाज़ आई।
फ़लक कहने लगी, “मेरे राजा, और डालो! और मुझे ज़ोर-ज़ोर से चोदो!”

मैंने जैसे ही फ़लक के मुँह से यह सब सुना, तो मैंने एक और ज़ोर का धक्का उसकी चूत में दिया, जिससे मेरा पूरा लंड फ़लक की चूत में समा गया।

मैं उसे झटके दे-देकर कुवारी चूत की चुदाई करने लगा और फ़लक भी अपनी कमर उठा-उठाकर मेरा साथ देने लगी।

वह कहने लगी, “मैं आज बहुत खुश हूँ!”
मैंने कहा, “क्यों?”

तो फ़लक बोली, “कि आप जैसे तजुर्बेकार ने मेरी चूत की सील तोड़ी है! अब मुझसे चुदवाने में ज्यादा दर्द नहीं होगा, वरना मैं बहुत डरती थी कि सील तुड़वाने में बहुत दर्द होता है!”

मैंने फ़लक से कहा, “अब आगे किससे चुदवाना है?”
तो फ़लक बोली, “कोई भी चोद दे मुझे, मैं बहुत चुदना चाहती हूँ!”

मैंने उससे कहा, “अगर तुमने किसी और से सेक्स किया और उसने यह बात सबको बता दी तो क्या होगा? तुम्हारी तो सारी इज़्ज़त मिट्टी में मिल जाएगी!”

वह सोचने लगी और कुछ सोचकर कहने लगी, “आप तो चूत मारने के भी पैसे लेते हैं!”
तो मैंने फ़लक से कहा, “अगर तुम मेरे बताए हुए पते पर आ जाया करोगी, तो मैं तुम्हें बिना पैसे लिए भी चोद सकता हूँ और तुम्हें चुदाई का फुल मज़ा दे सकता हूँ!”

तो उसने मुझसे मेरा एड्रेस पूछा।
मैंने उसे अपना एड्रेस दिया और अपना मोबाइल नंबर भी दिया।

वह बोलने लगी, “अगर मेरा कभी भी मन हुआ, तो मैं आपको कॉल कर दिया करूँगी!”
मैंने उसकी बात का ‘हाँ’ में जवाब दिया और फिर उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा।

फ़लक कहने लगी, “मेरा होने वाला है!”
और इतना कहते ही वह एकदम झटके मारकर शांत हो गई।

लेकिन सेक्स पावर होने की वजह से मैं अभी भी उसकी चुदाई में लगा रहा।

फिर मैंने फ़लक से कहा, “मुझे तुम्हारी चूत में बहुत मज़ा आ रहा है!”
और मैं और ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगा।

ज़ोर के झटकों की वजह से मेरा भी होने वाला था।
मैंने फ़लक से कहा, “मैं झड़ने वाला हूँ!”

तो फ़लक ने कहा, “मेरे अंदर ही डाल दो! मुझे पहली बार की चुदाई का रस अपनी चूत में ही लेना है!”

मैंने भी अपना सारा जूस फ़लक की फूली हुई चूत में डाल दिया और फिर मैं फ़लक के ऊपर ही लेट गया।

इसी बीच फ़लक का फोन बजा।
फ़लक ने कॉल उठाया और कहने लगी, “तुम लोग निकल जाओ, मैं बस से आ जाऊँगी, मुझे मार्केट में कुछ काम है!”

मैंने फ़लक से पूछा, “कौन है?”
वह बोली, “मेरे गाँव की लड़की है, कॉलेज से अपने-अपने घर जा रही है।”

मैंने फ़लक से कहा, “क्या आप घर नहीं जा रही हो?”
फ़लक ने मुझसे कहा, “रूम कल मॉर्निंग तक के लिए मिला है, तो सोच रही हूँ कि अभी और चुदाई करा लूँ आपसे!”

मैंने फ़लक से कहा, “मैं तो शाम को अपने क्लिनिक जाऊँगा।”
तो फ़लक बोली, “शाम तक तो चोदो!”

मैंने भी ‘हाँ’ में सिर हिला दिया।
फिर हमने लस्सी पी और अपने काम में लग गए।

फ़लक ने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और फिर से चूसने लगी।
मैं भी फ़लक के चूचे पकड़कर मसलने लगा और कभी उसके गाल पर तो कभी उसकी गर्दन पर चूमने-चाटने लगा.

जिससे फ़लक और उत्तेजित होने लगी।
वह कहने लगी, “अब आप बिना जैली के मेरी चूत को रगड़कर चुदाई कर दो और मेरी इस चूत की आग बुझा दो!”

तो मैंने फ़लक से कहा, “मैं तुम्हें घोड़ी बनाकर चूँदूगा!”

तो वह मान गई।
वह घोड़ी बन गई और मैंने अपने लंड को उसकी चूत के मुँह पर रखा।
वह कहने लगी, “अब मेरी चूत में डाल दो मेरे राजा!”

तो मैंने बिल्कुल सूखा लंड उसकी चूत में जैसे ही पेला, तो मेरे लंड में भी दर्द होने लगा और उसकी भी चीख निकल गई!

वह दर्द की वजह से एकदम उल्टी लेट गई।
मुझे पता था कि ऐसा हो सकता है, क्योंकि जब भी मैंने किसी लड़की या औरत की घोड़ी बनाकर सूखे लंड से चुदाई की है, तो वह दर्द के मारे एकदम लेट जाती है और फिर रोने लगती है।

ऐसा ही फ़लक के साथ भी हुआ।
लेकिन जैसे ही फ़लक लेटी, मैं भी उसके साथ-साथ उसके ऊपर ही लेटा चला गया और मैंने अपना लंड फ़लक की चूत से बाहर नहीं आने दिया।

फ़लक के उल्टा लेटते ही मैंने अपने लंड की स्पीड बढ़ा दी, जिससे फ़लक को बहुत दर्द हो रहा था और वह मुझसे छूटने के लिए छटपटाने लगी।

लेकिन मैं उसके ऊपर ही लेटकर उसकी चूत के अंदर अपना लंड चलाता रहा।
करीब पंद्रह मिनट तक मैं उसे चोदता रहा, तब तक फ़लक का दर्द भी बंद हो गया और वह अपनी कमर उठा-उठाकर मुझसे चुदाई कराती रही।

एकदम से मैंने फ़लक से कहा, “मैं आने वाला हूँ!”
तो फ़लक ने मुझसे कहा, “रस मेरे मुँह में निकालना!”

तो मैंने उसे मना किया, “यह गंदा है!”
तो वह बोली, “कोई बात नहीं, मुझे आपका रस अपने मुँह में ही लेना है!”

फिर मैंने अपना लंड निकाल कर फ़लक के मुँह में दिया और उसके मुँह में ही रस डाल दिया।
फ़लक मेरे लंड का सारा रस पी गई।

फिर हमने अपने कपड़े पहने और बाहर निकल आए।
बाहर देखा तो बहुत तेज़ बारिश हो रही थी और रात का समय भी हो गया था।

मैंने फ़लक से कहा, “तुम्हारा घर कहाँ पर है?”
तो उसने मुझे बताया, “इगलास में है।”

मैंने उसे कहा, “तुम आज रात यहीं रुको और सुबह चली जाना।”
तो फ़लक ने कहा, “मैं अकेले नहीं रुकूँगी!”

वह मुझे रोकने के लिए ज़िद करने लगी।
मैंने भी अपने घर पर कॉल करके कहा, “मैं आज घर नहीं आ पाऊँगा।”

फिर हम दोनों उसी होटल में रुक गए।
हमने कॉल करके खाना मँगा लिया।

खाना खाकर हम फिर चुदाई करने लगे और हम सारी रात चुदाई करते रहे।

हमने 22 घंटे में कुल 7 बार चुदाई की!

अगले दिन फ़लक ने मुझे एक लंबा किस किया और फिर हम अपने-अपने घर आने लगे।

बाद में फ़लक ने मुझे व्हाट्सएप पर मैसेज किया और कहा, “यह मेरा मोबाइल नंबर है!”
मैंने उसे ओके कहा।

फिर उसने मुझे बताया, “मेरी एक दोस्त भी चुदाई करवाना चाहती है और इस बार हम दोनों एक साथ आपके साथ चुदना चाहती हैं!”
तो मैंने उसे कहा, “जब भी तुम्हें टाइम हो तो कॉल करना!”

फ़लक ने ओके कहा और फिर मैं अपने मरीज़ देखने में व्यस्त हो गया।

मुझे अगले दिन फिर अपने दूसरे क्लाइंट की चुदाई करनी थी जिसने पहले से होटल बुक कर लिया था।






मैं रात में बादाम वाला दूध पीकर सो गया।

आप लोगों को मेरी यह सच्ची कुवारी चूत की चुदाई कहानी कैसी लगी?
मुझे मेरे मेल पर कमेंट करके ज़रूर बताएं!



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