न्यू सेक्स पार्टनर स्टोरी में मैं और दीदी डांस क्लास में जाने लगी. वहां एक लड़के से मेरी अच्छी ट्युनिंग हो गयी. एक दिन उसने मुझे सबके सामने प्रोपोज कर दिया.
नमस्कार दोस्तो, जैसा कि आपने पिछली सेक्स कहानी
ममेरे भाई ने बहन की कुंवारी चूत फाड़ दी
में मैंने आपको बताया था कि मैं और सुरभि दीदी अपने घर में ही भाई के लंड से चुद रही थीं … यानि मैं अपने मेरे ममेरे भाई से और दीदी अपने सगे भाई से दिल खोलकर चुदवा रही थीं.
रात को मामा मामी के सोने के बाद या दिन में जब भी जहां भी मौका मिलता, आशीष मेरी चूत में लंड घुसा देता.
मैं भी प्यार से ‘अह आह्ह्’ की मदभरी सिसकारियों के साथ उसके लंड का स्वागत करती.
कभी वह अपनी सगी बहन सुरभि दीदी की चुत में लंड पेल देता था.
मतलब हम तीनों की लाइफ मस्त चल रही थी.
अब आगे न्यू सेक्स पार्टनर स्टोरी:
फिर सुरभि दीदी ने डांस क्लास ज्वाइन कर ली, तो उनके साथ मैं भी डांस क्लास जाने लगी.
उधर हमें एक राहुल नाम का लड़का मिला.
वह बहुत ही हैंडसम था और उसकी हाइट भी गजब की थी. पूरी 5 फुट 10 इंच की लंबाई और अच्छी कसरती बॉडी एकदम किसी पहलवान की तरह दिखने वाला बंदा था.
वह इस शहर के एक नामचीन रईस परिवार का इकलौता वारिस था.
उसकी कोई बहन नहीं थी.
वह सुरभि दीदी के साथ बचपन से एक ही क्लास में पढ़ता आया था तो सुरभि दीदी को वह अपनी सगी बहन मानता था.
उसी हिसाब से मैं भी उसको राहुल भैया बोलने लगी.
डांस क्लास में उस दिन हमारी पहली मुलाकात हुई थी और सुरभि दीदी ने राहुल से मेरा परिचय करवाया था.
फिर मेरी राहुल से अच्छी दोस्ती हो गई.
मैं उसके साथ डांस करने लगी.
हम दोनों को अभी 3 महीने ही हुए थे कि सुरभि दीदी की पुणे में जॉब लग गई तो दीदी पुणे चली गईं.
अभी तक हम दोनों बहनों ने सिर्फ चूत में लंड लिया था … मेरी गांड की सील, पैक थी.
दीदी के जाने के बाद मैं घर में आशीष के लंड से जब तब चुद लिया करती थी.
अब तो आशीष और मैं रात को अकेले ही साथ में सोने लगे थे तो वह रोज रात को मेरी लेने लगा था.
कभी रोल प्ले के साथ, कभी पति बन कर, तो काफी देवर भाभी वाली चुदाई होने लगी थी.
सब कुछ सही चल रहा था.
डांस क्लास में भी मैं राहुल भैया के साथ खूब मजे से नाचती और वह भी मेरी कमर में हाथ डालकर मुझे मस्त नचाता था.
तब मेरी उम्र 21 साल थी और राहुल 25 साल का था.
क्लब में सब हमारी डांस की जोड़ी को सबसे अच्छी जोड़ी माना जाने लगा था.
फिर एक दिन डांस क्लब में हम दोनों एक रूम में अकेले थे.
जैसा कि हमेशा डांस क्लब में डांसिंग परफ़ोर्मेंस के समय हम सभी को ऊपर टाइट टी-शर्ट पहननी होती थी.
यह ड्रेस सभी पहनते थे.
इस टाइट टी-शर्ट में मेरे मस्त बूब्स किसी भी लड़के को पागल करने के लिए काफी थे.
क्योंकि वैसे ही मेरा बदन दूध की तरह सफेद है और मैं स्लिम गिलहरी की तरह नाजुक कोमल जिस्म की मालकिन हूं.
ऊपर चुस्त टी-शर्ट और नीचे टाइट लैगी पहनती थी.
इस लैगी में मेरी कदली सी जांघें और पीछे तनी हुई गांड देख कर लौंडे अपने लौड़े सहलाने लगते थे, इस बात को छिपी नजरों से देख कर मैं मस्त हो जाती थी.
यह सच भी है कि किसी भी टनाटन दिखने वाली लड़की को इस तरह की चुस्त ड्रेस में देख कर कोई भी लड़का दीवाना बन जाएगा.
उस दिन हम दोनों अकेले थे.
मैं उससे राहुल भैया का सम्बोधन करती हुई किसी काम के लिए बोली.
तो उसने मेरे पास आकर प्यार से कहा- प्लीज़ तुम मुझे भैया मत बोला करो.
मैं बोली- क्यों?
वह बोला- राहुल बोला करो न!
मैं बोली- ठीक है.
अब जब भी हम दोनों डांस करते और कभी कभी डांस स्टेप के दौरान वह मेरी जांघ पर या गांड को छूता, तो मैं अन्दर से गनगना तो जाती लेकिन जानबूझ कर अनदेखा कर देती थी.
वह मुझे हॉट लगता था लेकिन उसकी तरफ से जब तक कोई सिग्नल नहीं मिलता, तब तक मैं कैसे उसके साथ कुछ कर सकती थी.
कुछ दिन बाद हमारे शहर में डांस की प्रतियोगिता थी.
इस प्रतियोगिता में हम दोनों ने भी भाग लिया और हम दोनों जीत भी गए थे.
चूंकि हम दोनों पिछले 8 महीने से साथ में डांस कर रहे थे तो हमारे बीच काफी अच्छी बान्डिंग हो गई थी.
मैं अभी भी उसे सिर्फ अपना दोस्त मानती थी पर शायद वह अपने मन में कुछ और सोचने लगा था.
हुआ क्या कि उस दिन जब उसने डांस की प्रतियोगिता जीतने की खुशी में अपने खुद होटल में पार्टी रखी और उसने सबके सामने मुझे प्रपोज किया, तो मैं सन्न रह गई.
पहले तो मैं मना करना चाहती थी, पर मैंने सोचा कि मेरे मना करने से शायद इतने लोगों के सामने इसको शर्मिंदा महसूस ना होना पड़े.
इसी वजह से मैंने उसका प्रपोजल स्वीकार कर लिया.
पार्टी शाम की थी और उस दिन मामा मामी किसी रिश्तेदार के यहां गए थे.
उनको वापिस आने में कुछ दिन का समय लग सकता था.
चूंकि राहुल और उसकी फैमिली को मामा मामी अच्छे से जानते थे तो मामी बोलीं- तुम और आशीष दोनों राहुल की पार्टी में चले जाना.
मैंने हामी भर दी और पार्टी में जाने के लिए तैयार होने लगी.
मैंने उस दिन लाल कलर का वन पीस पहना था जो सिर्फ घुटनों तक आता है.
उसे पहन कर मैं तैयार हुई तो आशीष बोला- मस्त देशी परी लग रही हो, आज तो बहुत से लड़के पक्का तेरे नाम से लंड हिलाएंगे!
मैं बोली- साले ठरकी … लार तो तेरी भी टपक रही है. चल जल्दी … वरना तेरा ही खड़ा हो जाएगा तो तू अभी ही मेरे ऊपर चढ़ जाएगा.
वह हंस कर बोला- मेरी छम्मक छल्लो, इस ड्रेस में ऊपर चढ़ने की जरूरत ही नहीं है. बस झुका कर कुतिया बना कर तेरी ले लूंगा.
मैं हंस दी और उसे गाली देती हुई चलने के लिए कहने लगी.
फिर हम दोनों उसके यहां पार्टी में आ गए.
उधर बहुत भीड़ थी.
तभी राहुल ने मुझे पुनः प्रपोज किया और उसके बाद हम दोनों ने बहुत देर तक डांस किया.
कुछ ड्रिंक भी चल रही थी तो मुझे भी मस्ती चढ़ गई थी.
उस रात को ग्यारह बजे तक सभी लोग खाना खा कर निकलने लगे थे.
आशीष भी बोला- चलो दीदी, हम लोग भी घर चलते हैं.
इस पर राहुल उससे बोला- भाई, तुम्हारा घर तो यहां 25 किलोमीटर दूर है, रात काफी हो जाएगी. तुम दोनों यहीं होटल में रूक जाओ.
मैंने भी कहा- हां भाई, कल सुबह चलते हैं.
अब राहुल ने अपने स्टाफ को बोल कर हमारे लिए एक रूम खुलवा दिया.
फिर वह आशीष से बोला- भाई तुम चले जाओ इस बंदे के साथ, ये तुमको रूम में छोड़ देगा.
आशीष ने कुछ ज्यादा ही पी ली थी तो वह बिना किसी हिचकिचाहट के उस स्टाफ के बंदे के साथ कमरे में चला गया.
उसके जाने के बाद हम दोनों यानि मैं और राहुल बाहर गार्डन में आ गए.
उधर मैंने राहुल को बता दिया- मैं तुमसे प्यार नहीं करती राहुल, उधर सबके सामने सिर्फ तुमको शर्मिंदा ना होना पड़े इसलिए मैं वहां पर कुछ नहीं बोली.
यह सुनकर राहुल बोला- ठीक है, पर मेरा एक काम करोगी?
मैं बोली- क्या?
उसने मेरे कंधे पर हाथ रख कर सीधा बोल दिया- आज मुझे तुम्हारी चूत मारनी है!
मैं बोली- पागल है क्या?
वह बोला- हां, तेरी ये दूध सी सफेद टांगें मुझे पागल कर रही हैं.
मैं बोली- छी: … मैं जा रही हूँ रूम में!
वह बोला- सिर्फ एक बार!
उसने बहुत मनाया, पर मैं नहीं मानी.
तो वह बोला- अच्छा तुम जो चाहो, मैं तुम्हें वह सब दे दूंगा. बस एक बार तुम मेरे साथ सेक्स कर लो.
मैं कुछ नहीं बोली और ऊपर आकर अपने कमरे में आ गई.
आशीष अब तक सो चुका था.
राहुल ने कॉल करके मुझे पुनः छत पर बुलाया.
मैं उसकी बात सुनने छत पर गई तो वहां कोई नहीं दिखा.
मैं वापिस लौटने लगी तो पीछे से राहुल ने मुझे पकड़ लिया और मेरी कमर को अपने दोनों हाथ से पकड़ कर वह मेरी गर्दन को चूमने लगा.
वह बोला- मैं तुम सोने की एक चैन दूंगा, बस तुम मेरे साथ मजा कर लो!
मैं कुछ नहीं बोली तो उसकी हिम्मत बढ़ गई.
फिर उसने मेरे वन पीस को पीछे से ऊपर कमर तक उठा दिया.
मैं नीचे लाल कलर की पैंटी पहनी थी.
वह मेरी गांड को सहलाते हुए बोला- चलो रूम में आ जाओ.
वह मुझे अपनी भुजाओं में जकड़ कर कमरे में ले जाने लगा.
मैं चुप थी … शायद मेरे मन में भी राहुल के साथ सेक्स करने का मूड बनने लगा था लेकिन मैं मुँह से कुछ कहना नहीं चाहती थी.
हम दोनों छत के बगल वाले रूम में आ गए.
वह बोला- पहले भी लंड लिया है चूत में?
मैं बोली- नहीं!
वह बोला- सच बोल … उस हिसाब से सामान बुलवाना है नीचे से!
मैं बोली- हां, पहले गांव में मैंने अपने ब्वॉय फ्रेंड के साथ सेक्स किया है.
मैं उससे झूठ बोली कि मैंने आशीष के साथ चुदाई का मजा लिया है.
वह बोला- तभी तुमने मेरा प्रपोजल स्वीकार नहीं किया!
मैं बोली- हां, यही समझ लो.
वह बोला- ठीक है कोई बात नहीं.
अब उसने मेरी ड्रेस को कंधों से पकड़ कर उतार दिया.
मेरी ड्रेस मेरे पैरों में नीचे जा गिरी.
मैंने अन्दर लाल कलर की ब्रा पैंटी पहनी हुई थी.
वह मुझे कामुक नजरों से देखता हुआ बोला- सच में मैं आज से पहले ग्यारह लड़कियां चोद चुका हूँ … पर तुमसे ज्यादा सुंदर कोई नहीं थी.
मैं बोली- ओह मक्खन मत लगा, जल्दी से अपना काम कर ले. आज मैं बहुत थक गई हूँ तो मुझे नींद आ रही है!
वह बोला- आज तुमको मैं सोने नहीं दूंगा.
यह कह कर उसने मेरे 30 साइज के दोनों बूब्स को अपने हाथों में भर लिया और मसलने लगा.
उसके हाथों की सख्ती से मैं कराहने लगी- अहह… आराम से करो न यार!
मैं खड़ी खड़ी ही सिस्याने लगी थी.
फिर उसने मेरी ब्रा को उतार कर दूर फेंक दिया और नीचे बैठ कर मेरी पैंटी के ऊपर से ही चूत को चाटने लगा.
उसने अपने दांतों से पैंटी को पकड़ कर नीचे उतार दिया और अपने फोन से नौकर को कुछ सामान लाने का बोल दिया.
मैं उसके सामने नंगी खड़ी थी.
अब उसने खुद के कपड़े उतारना शुरू किए.
उसका लंड देख कर तो मेरी जान ही निकल गई … आठ इंच का खीरे सा मोटा लंड मेरे सामने दहशत फैला रहा था.
वह मेरी नंगी चुत की ओर ध्यान से देखने लगा.
दोस्तो, आपकी प्यारी जाह्नवी पहली बार इतने मोटे लौड़े से चुदने की सोच कर डर रही थी.
प्लीज अपने सेक्सी सेक्सी मेल लिख कर मुझे बताओ कि आठ इंच के लंड से चुदने में चुत का क्या हाल होता है.
न्यू सेक्स पार्टनर स्टोरी पर अपने विचार बताओ.
नमस्कार दोस्तो, जैसा कि आपने पिछली सेक्स कहानी
ममेरे भाई ने बहन की कुंवारी चूत फाड़ दी
में मैंने आपको बताया था कि मैं और सुरभि दीदी अपने घर में ही भाई के लंड से चुद रही थीं … यानि मैं अपने मेरे ममेरे भाई से और दीदी अपने सगे भाई से दिल खोलकर चुदवा रही थीं.
रात को मामा मामी के सोने के बाद या दिन में जब भी जहां भी मौका मिलता, आशीष मेरी चूत में लंड घुसा देता.
मैं भी प्यार से ‘अह आह्ह्’ की मदभरी सिसकारियों के साथ उसके लंड का स्वागत करती.
कभी वह अपनी सगी बहन सुरभि दीदी की चुत में लंड पेल देता था.
मतलब हम तीनों की लाइफ मस्त चल रही थी.
अब आगे न्यू सेक्स पार्टनर स्टोरी:
फिर सुरभि दीदी ने डांस क्लास ज्वाइन कर ली, तो उनके साथ मैं भी डांस क्लास जाने लगी.
उधर हमें एक राहुल नाम का लड़का मिला.
वह बहुत ही हैंडसम था और उसकी हाइट भी गजब की थी. पूरी 5 फुट 10 इंच की लंबाई और अच्छी कसरती बॉडी एकदम किसी पहलवान की तरह दिखने वाला बंदा था.
वह इस शहर के एक नामचीन रईस परिवार का इकलौता वारिस था.
उसकी कोई बहन नहीं थी.
वह सुरभि दीदी के साथ बचपन से एक ही क्लास में पढ़ता आया था तो सुरभि दीदी को वह अपनी सगी बहन मानता था.
उसी हिसाब से मैं भी उसको राहुल भैया बोलने लगी.
डांस क्लास में उस दिन हमारी पहली मुलाकात हुई थी और सुरभि दीदी ने राहुल से मेरा परिचय करवाया था.
फिर मेरी राहुल से अच्छी दोस्ती हो गई.
मैं उसके साथ डांस करने लगी.
हम दोनों को अभी 3 महीने ही हुए थे कि सुरभि दीदी की पुणे में जॉब लग गई तो दीदी पुणे चली गईं.
अभी तक हम दोनों बहनों ने सिर्फ चूत में लंड लिया था … मेरी गांड की सील, पैक थी.
दीदी के जाने के बाद मैं घर में आशीष के लंड से जब तब चुद लिया करती थी.
अब तो आशीष और मैं रात को अकेले ही साथ में सोने लगे थे तो वह रोज रात को मेरी लेने लगा था.
कभी रोल प्ले के साथ, कभी पति बन कर, तो काफी देवर भाभी वाली चुदाई होने लगी थी.
सब कुछ सही चल रहा था.
डांस क्लास में भी मैं राहुल भैया के साथ खूब मजे से नाचती और वह भी मेरी कमर में हाथ डालकर मुझे मस्त नचाता था.
तब मेरी उम्र 21 साल थी और राहुल 25 साल का था.
क्लब में सब हमारी डांस की जोड़ी को सबसे अच्छी जोड़ी माना जाने लगा था.
फिर एक दिन डांस क्लब में हम दोनों एक रूम में अकेले थे.
जैसा कि हमेशा डांस क्लब में डांसिंग परफ़ोर्मेंस के समय हम सभी को ऊपर टाइट टी-शर्ट पहननी होती थी.
यह ड्रेस सभी पहनते थे.
इस टाइट टी-शर्ट में मेरे मस्त बूब्स किसी भी लड़के को पागल करने के लिए काफी थे.
क्योंकि वैसे ही मेरा बदन दूध की तरह सफेद है और मैं स्लिम गिलहरी की तरह नाजुक कोमल जिस्म की मालकिन हूं.
ऊपर चुस्त टी-शर्ट और नीचे टाइट लैगी पहनती थी.
इस लैगी में मेरी कदली सी जांघें और पीछे तनी हुई गांड देख कर लौंडे अपने लौड़े सहलाने लगते थे, इस बात को छिपी नजरों से देख कर मैं मस्त हो जाती थी.
यह सच भी है कि किसी भी टनाटन दिखने वाली लड़की को इस तरह की चुस्त ड्रेस में देख कर कोई भी लड़का दीवाना बन जाएगा.
उस दिन हम दोनों अकेले थे.
मैं उससे राहुल भैया का सम्बोधन करती हुई किसी काम के लिए बोली.
तो उसने मेरे पास आकर प्यार से कहा- प्लीज़ तुम मुझे भैया मत बोला करो.
मैं बोली- क्यों?
वह बोला- राहुल बोला करो न!
मैं बोली- ठीक है.
अब जब भी हम दोनों डांस करते और कभी कभी डांस स्टेप के दौरान वह मेरी जांघ पर या गांड को छूता, तो मैं अन्दर से गनगना तो जाती लेकिन जानबूझ कर अनदेखा कर देती थी.
वह मुझे हॉट लगता था लेकिन उसकी तरफ से जब तक कोई सिग्नल नहीं मिलता, तब तक मैं कैसे उसके साथ कुछ कर सकती थी.
कुछ दिन बाद हमारे शहर में डांस की प्रतियोगिता थी.
इस प्रतियोगिता में हम दोनों ने भी भाग लिया और हम दोनों जीत भी गए थे.
चूंकि हम दोनों पिछले 8 महीने से साथ में डांस कर रहे थे तो हमारे बीच काफी अच्छी बान्डिंग हो गई थी.
मैं अभी भी उसे सिर्फ अपना दोस्त मानती थी पर शायद वह अपने मन में कुछ और सोचने लगा था.
हुआ क्या कि उस दिन जब उसने डांस की प्रतियोगिता जीतने की खुशी में अपने खुद होटल में पार्टी रखी और उसने सबके सामने मुझे प्रपोज किया, तो मैं सन्न रह गई.
पहले तो मैं मना करना चाहती थी, पर मैंने सोचा कि मेरे मना करने से शायद इतने लोगों के सामने इसको शर्मिंदा महसूस ना होना पड़े.
इसी वजह से मैंने उसका प्रपोजल स्वीकार कर लिया.
पार्टी शाम की थी और उस दिन मामा मामी किसी रिश्तेदार के यहां गए थे.
उनको वापिस आने में कुछ दिन का समय लग सकता था.
चूंकि राहुल और उसकी फैमिली को मामा मामी अच्छे से जानते थे तो मामी बोलीं- तुम और आशीष दोनों राहुल की पार्टी में चले जाना.
मैंने हामी भर दी और पार्टी में जाने के लिए तैयार होने लगी.
मैंने उस दिन लाल कलर का वन पीस पहना था जो सिर्फ घुटनों तक आता है.
उसे पहन कर मैं तैयार हुई तो आशीष बोला- मस्त देशी परी लग रही हो, आज तो बहुत से लड़के पक्का तेरे नाम से लंड हिलाएंगे!
मैं बोली- साले ठरकी … लार तो तेरी भी टपक रही है. चल जल्दी … वरना तेरा ही खड़ा हो जाएगा तो तू अभी ही मेरे ऊपर चढ़ जाएगा.
वह हंस कर बोला- मेरी छम्मक छल्लो, इस ड्रेस में ऊपर चढ़ने की जरूरत ही नहीं है. बस झुका कर कुतिया बना कर तेरी ले लूंगा.
मैं हंस दी और उसे गाली देती हुई चलने के लिए कहने लगी.
फिर हम दोनों उसके यहां पार्टी में आ गए.
उधर बहुत भीड़ थी.
तभी राहुल ने मुझे पुनः प्रपोज किया और उसके बाद हम दोनों ने बहुत देर तक डांस किया.
कुछ ड्रिंक भी चल रही थी तो मुझे भी मस्ती चढ़ गई थी.
उस रात को ग्यारह बजे तक सभी लोग खाना खा कर निकलने लगे थे.
आशीष भी बोला- चलो दीदी, हम लोग भी घर चलते हैं.
इस पर राहुल उससे बोला- भाई, तुम्हारा घर तो यहां 25 किलोमीटर दूर है, रात काफी हो जाएगी. तुम दोनों यहीं होटल में रूक जाओ.
मैंने भी कहा- हां भाई, कल सुबह चलते हैं.
अब राहुल ने अपने स्टाफ को बोल कर हमारे लिए एक रूम खुलवा दिया.
फिर वह आशीष से बोला- भाई तुम चले जाओ इस बंदे के साथ, ये तुमको रूम में छोड़ देगा.
आशीष ने कुछ ज्यादा ही पी ली थी तो वह बिना किसी हिचकिचाहट के उस स्टाफ के बंदे के साथ कमरे में चला गया.
उसके जाने के बाद हम दोनों यानि मैं और राहुल बाहर गार्डन में आ गए.
उधर मैंने राहुल को बता दिया- मैं तुमसे प्यार नहीं करती राहुल, उधर सबके सामने सिर्फ तुमको शर्मिंदा ना होना पड़े इसलिए मैं वहां पर कुछ नहीं बोली.
यह सुनकर राहुल बोला- ठीक है, पर मेरा एक काम करोगी?
मैं बोली- क्या?
उसने मेरे कंधे पर हाथ रख कर सीधा बोल दिया- आज मुझे तुम्हारी चूत मारनी है!
मैं बोली- पागल है क्या?
वह बोला- हां, तेरी ये दूध सी सफेद टांगें मुझे पागल कर रही हैं.
मैं बोली- छी: … मैं जा रही हूँ रूम में!
वह बोला- सिर्फ एक बार!
उसने बहुत मनाया, पर मैं नहीं मानी.
तो वह बोला- अच्छा तुम जो चाहो, मैं तुम्हें वह सब दे दूंगा. बस एक बार तुम मेरे साथ सेक्स कर लो.
मैं कुछ नहीं बोली और ऊपर आकर अपने कमरे में आ गई.
आशीष अब तक सो चुका था.
राहुल ने कॉल करके मुझे पुनः छत पर बुलाया.
मैं उसकी बात सुनने छत पर गई तो वहां कोई नहीं दिखा.
मैं वापिस लौटने लगी तो पीछे से राहुल ने मुझे पकड़ लिया और मेरी कमर को अपने दोनों हाथ से पकड़ कर वह मेरी गर्दन को चूमने लगा.
वह बोला- मैं तुम सोने की एक चैन दूंगा, बस तुम मेरे साथ मजा कर लो!
मैं कुछ नहीं बोली तो उसकी हिम्मत बढ़ गई.
फिर उसने मेरे वन पीस को पीछे से ऊपर कमर तक उठा दिया.
मैं नीचे लाल कलर की पैंटी पहनी थी.
वह मेरी गांड को सहलाते हुए बोला- चलो रूम में आ जाओ.
वह मुझे अपनी भुजाओं में जकड़ कर कमरे में ले जाने लगा.
मैं चुप थी … शायद मेरे मन में भी राहुल के साथ सेक्स करने का मूड बनने लगा था लेकिन मैं मुँह से कुछ कहना नहीं चाहती थी.
हम दोनों छत के बगल वाले रूम में आ गए.
वह बोला- पहले भी लंड लिया है चूत में?
मैं बोली- नहीं!
वह बोला- सच बोल … उस हिसाब से सामान बुलवाना है नीचे से!
मैं बोली- हां, पहले गांव में मैंने अपने ब्वॉय फ्रेंड के साथ सेक्स किया है.
मैं उससे झूठ बोली कि मैंने आशीष के साथ चुदाई का मजा लिया है.
वह बोला- तभी तुमने मेरा प्रपोजल स्वीकार नहीं किया!
मैं बोली- हां, यही समझ लो.
वह बोला- ठीक है कोई बात नहीं.
अब उसने मेरी ड्रेस को कंधों से पकड़ कर उतार दिया.
मेरी ड्रेस मेरे पैरों में नीचे जा गिरी.
मैंने अन्दर लाल कलर की ब्रा पैंटी पहनी हुई थी.
वह मुझे कामुक नजरों से देखता हुआ बोला- सच में मैं आज से पहले ग्यारह लड़कियां चोद चुका हूँ … पर तुमसे ज्यादा सुंदर कोई नहीं थी.
मैं बोली- ओह मक्खन मत लगा, जल्दी से अपना काम कर ले. आज मैं बहुत थक गई हूँ तो मुझे नींद आ रही है!
वह बोला- आज तुमको मैं सोने नहीं दूंगा.
यह कह कर उसने मेरे 30 साइज के दोनों बूब्स को अपने हाथों में भर लिया और मसलने लगा.
उसके हाथों की सख्ती से मैं कराहने लगी- अहह… आराम से करो न यार!
मैं खड़ी खड़ी ही सिस्याने लगी थी.
फिर उसने मेरी ब्रा को उतार कर दूर फेंक दिया और नीचे बैठ कर मेरी पैंटी के ऊपर से ही चूत को चाटने लगा.
उसने अपने दांतों से पैंटी को पकड़ कर नीचे उतार दिया और अपने फोन से नौकर को कुछ सामान लाने का बोल दिया.
मैं उसके सामने नंगी खड़ी थी.
अब उसने खुद के कपड़े उतारना शुरू किए.
उसका लंड देख कर तो मेरी जान ही निकल गई … आठ इंच का खीरे सा मोटा लंड मेरे सामने दहशत फैला रहा था.
वह मेरी नंगी चुत की ओर ध्यान से देखने लगा.
दोस्तो, आपकी प्यारी जाह्नवी पहली बार इतने मोटे लौड़े से चुदने की सोच कर डर रही थी.
प्लीज अपने सेक्सी सेक्सी मेल लिख कर मुझे बताओ कि आठ इंच के लंड से चुदने में चुत का क्या हाल होता है.
न्यू सेक्स पार्टनर स्टोरी पर अपने विचार बताओ.