वर्जिन चूत लिक स्टोरी में मैं मामा के घर रह कर पढ़ रही थी. वहां मेरा हमउम्र ममेरा भाई और एक बड़ी बहन थी. मैं बहन के साथ लेस्बियन हो गयी थी.
आप सभी पढ़ने वालों को मेरी फड़कती चूत का नमस्कार.
मैं आशा करती हूं कि आप सभी मजे में होंगे.
पहले मैं अपने बारे में बता दूँ. मेरा नाम जाह्नवी हैं और अभी मैं 29 साल की गदराई सफेद घोड़ी हूँ.
अक्सर लोग मुझे प्यार से भाभी भी बोलते हैं.
मेरा हुस्न दूध सा हैं और कातिल फिगर 34-30-36 का है.
मेरी शादी 3 साल पहले प्रयागराज में हो गई है.
मेरा अभी एक डेढ़ साल का बेटा भी है.
मैं पिछले 7-8 साल से अन्तर्वासना की पाठक हूँ इसलिए आज अपनी सच्ची सेक्स कहानी आप सभी को बताना चाहती हूँ.
ये सेक्स कहानी मेरी पहली स्टोरी है.
उस वक्त की बात है, जब मैं 19 साल की थी और अपनी जवानी में कदम रख रही थी.
इस वर्जिन चूत लिक स्टोरी में पहले मैं अपने सगे मामा के लड़के आशीष के साथ हुई पहली चुदाई को लिख रही हूँ.
मैं अपने माता पिता की इकलौती संतान हूं.
मेरा बचपन झांसी के पास एक गांव में गुजरा और बारहवीं तक की पढ़ाई झांसी में ही पूरी हो गई.
मैं एक संयुक्त परिवार से हूँ. मेरे घर में पापा तीन भाई हैं और हम सब अपने चाचा के साथ एक ही घर में रहते थे.
मेरी मां गांव में ही एक स्कूल में टीचर हैं और पापा पुलिस में हैं.
मैं बारहवीं के बाद बी.कॉम करने के लिए लखनऊ आ गई.
लखनऊ में मेरे मामा मामी रहते थे.
मेरे बस एक ही मामा हैं और वे एक बैंक में मैनेजर हैं.
जबकि मामी प्राइवेट डॉक्टर हैं.
मेरे मामा के दो बच्चे हैं.
पहले बेटी है, सुरभि दीदी जो मुझसे दो साल बड़ी है.
उसके बाद उनका बेटा आशीष है जो मुझसे एक साल छोटा है.
यह बात सन 2013 की है. जब मैं कॉलेज में अपने स्नातक के फर्स्ट ईयर में थी.
मामा का घर काफी बड़ा है तो मुझे भी उनके यहां रहने में कोई परेशानी नहीं हुई.
मैं सुरभि दीदी के साथ उनके रूम में रहने लगी थी.
मेरी और सुरभि दीदी की पहले से ही अच्छी दोस्ती थी.
सुरभि दीदी भी तब बी.टेक के तीसरे साल में थीं और उस वक्त मतलब 21 साल की उम्र में वे बिल्कुल दुबली पतली थीं.
उनका और मेरा फिगर तब एक जैसा ही था.
उनका रंग थोड़ा सांवला हैं परंतु फेस कट बिल्कुल अनुष्का शर्मा जैसा है.
रात को दोनों साथ में सोने लगे तो हमारे बीच में लेस्बियन सेक्स होने लगा क्योंकि ना मुझे कोई लड़का पसंद आया और ना सुरभि दीदी को.
हमारे बीच अब सही चल रहा था क्योंकि हम दोनों एक दूसरे के जिस्म की आग को रात के अंधेरे में ठंडी कर दिया करती थी.
और हम एक दूसरी से बहुत गंदा मजाक करने लगी थी.
एक दिन में घर में कॉलेज से जल्दी आ गई तो आशीष घर पर ही था.
मेरी उससे थोड़ी देर सामान्य बात हुई, फिर मैं अपने रूम में आकर कॉलेज के कपड़े उतारने लगी.
मैंने लोअर टी-शर्ट पहन ली और किचन में आकर अपना खाना लेने लगी.
मामा और मामी दोनों शाम को पांच बजे से पहले नहीं आते थे.
मैं किचन में खाना ले रही थी कि तभी पीछे से आशीष ने मुझे कस के पकड़ लिया.
मुझे लगा कि इसने ऐसे ही पकड़ा होगा.
मैं उससे बोली- क्या हुआ भाई?
वह बोला- मुझे आपकी चूत चाटनी है!
इतना बेबाक सुनकर मैं पहले तो थोड़ी डर गई कि ये क्या है?
तभी वह बोला- मुझे पता है आप और दीदी दोनों एक दूसरे की चूत चाटती हो. मैंने एक बार आप दोनों को लेस्बो करते हुए देखा है.
यह कह कर उसने अपने मोबाइल में हमारी एक वीडियो दिखाई.
मैं बहुत सहम सी गई तो बोला- डर मत दीदी, यार मैं थोड़ी खा जाऊंगा. बस जैसे आप दोनों एक दूसरे की चाटती हो, वैसे ही मुझे चाटना है. मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगा.
मैं चुपचाप खड़ी थी.
आशीष ने सीधे अपना हाथ मेरी चूत पर रख दिया और मसलते हुए बोला- प्लीज़ दीदी ये सिर्फ हम दोनों के बीच रहेगा. आप ये बात सुरभि दीदी को भी मत बताना.
मैं अभी भी चुप खड़ी थी.
वह मेरे गाल पर किस करता हुआ बोला- यार अगर आपको मजा नहीं आया तो फिर कभी नहीं करूंगा.
इसके बाद वह मेरे लोअर के अन्दर हाथ डालकर पैंटी के ऊपर से चूत को सहलाने लगा.
वह चूत को टोटलते हुए बोला- यार दीदी, आपकी चूत तो कचौरी की तरह फूली है … और गर्म भी ऐसी है जैसे अभी कढ़ाई में से कचौरी निकली हो!
मैं अभी भी चुप थी.
फिर वह बोला- आप तो किचन की पट्टी पर थाली रख कर खाना खाओ. मैं नीचे आपकी कचौरी खाता हूं.
मैं घूम कर खड़ी हो गई और खाना खाने लगी.
तभी वह नीचे बैठा और उसने मेरे लोअर और पैंटी को नीचे खींच कर आधी उतार दी.
फिर वह चूत को बड़े प्यार से कुत्ते की चाटने लगा.
मैं जल्दी ही सिहर उठी और बोली- प्लीज भाई, अब छोड़ दे मेरा पानी निकलने वाला है!
वह बोला- यार दीदी, अब आप मेरे मुँह में ही अपना पानी छोड़ दो.
मैंने चूत से रस छोड़ दिया और वह मेरी चूत से निकला सारा पानी पूरा पी गया.
फिर वह उठ कर अपना मुँह धोने चला गया.
मैं खाना खा चुकी थी तो मैंने अपना लोअर पैंटी ऊपर करके सही से पहन लिया.
अब वह बोला- दीदी, आप वर्जिन हो या किसी का लंड खा चुकी हो?
मैं उससे बोली- यार, प्लीज मुझसे ये सब मत पूछो, मुझे बहुत शर्म आ रही है.
वह बोला- ठीक है. मैं अब इधर से चला ही जाता हूँ!
वह चला गया तो मैं भी कमरे में आकर अपना काम करने लगी.
थोड़ी देर बाद मैं अपने काम से फ्री हो गई तो मैंने घड़ी की तरफ देखा.
उसमें अभी 3 बजने का समय हो रहा था.
मतलब सुरभि दीदी को घर आने में अभी भी एक घंटा और लगने वाला था.
मेरे पास समय था तो मैं टीवी देखने लगी.
तभी मेरा भाई भी मेरे पास आ गया और हम दोनों टीवी देखने लगे.
कुछ देर बाद वह मेरे करीब आकर बोला- मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं.
मैं बोली- ना यार, ये गलत है. हम दोनों भाई बहन हैं!
वह बोला- कुछ नहीं होता, आजकल सब चलता है. वैसे भी आप मेरी कौन सी सगी बहन हो?
मैं बोली- सगी नहीं परंतु हूं तो तुम्हारी सगी बुआ की बेटी ना … तो बहन ही हुई न!
वह इस बार मेरा नाम लेकर बोला- जाह्नवी एक बात बता, तुझे सेक्स की जरूरत है या नहीं?
एक बार चूत चाटने के बाद साले ने आप शब्द का सम्बोधन भी खत्म कर दिया था.
मैं बोली- नहीं.
वह बोला- फिर क्यों तू सुरभि से अपनी चूत चाट कर साफ करवाती है?
मुझे शर्म आ गई और इसी कारण मैंने अपना सर नीचा कर लिया.
वह बेशर्मी से बोला- तुझे भी लंड चाहिए और मुझे तेरी चूत चाहिए … तो क्यों ना हम दोनों घर के अन्दर ही एक दूसरे की जरूरत पूरी कर देते हैं. इसमें ना तुझे बाहर किसी को बॉय फ्रेंड बनाना पड़ेगा और ना मुझको गर्ल फ्रेंड की जरूरत होगी. घर में ही मस्ती हो जाएगी और कोई डर का लफड़ा भी नहीं!
मैं सोचने लगी कि लौंडा बात तो सही कह रहा है, साले का लंड ले ही लेती हूँ.
तभी वह फिर से बोला- और ये वादा है मेरा कि तेरी मर्जी के बिना मैं तेरे साथ सेक्स नहीं करूंगा … और चूत को भी, जब तेरा मन होगा, तभी चाटूँगा!
मैं उसकी तरफ देख कर बोली- ठीक है भाई, अब बैठ जा … और मुझे टीवी देखने दे.
वह मुझसे फुसलाता हुआ बोला- एक बात बता जाह्नवी, मैं तुझे अब अकेले में दीदी ही बोलूँ या जाह्नवी … या कुछ और?
मैं बोली- तेरा मतलब क्या है?
वह बोला- यार अब तुझे अकेले में जाह्नवी बोलने का मन करता है. घर में मां पापा के सामने दीदी ही बोलूँगा.
मैं बोली- हां ठीक है.
वह बोला- अभी जब मैंने तेरी कचौरी खाई तो तुझे कैसा लगा?
मैं बोली- अच्छा लगा भाई.
वह बोला- सुरभि दीदी और मैं दोनों में से कौन अच्छे से चाटता है?
मैं बोली- छोड़ ना ये सब!
वह हंस कर बोला- ठीक है, बस आप ये सुरभि दीदी को मत बताना!
मैं बोली- हां ठीक है.
वह बोला- अब जब भी हम दोनों बस हुए घर में, तब तेरी चूत पी सकता हूँ न!
मैं बोली- हां बाबा, अब और एक भी सवाल मत पूछ … मुझे टीवी देखने दे.
फिर कुछ देर में सुरभि भी घर आ गई तो मैंने उसको खाना लगाया और हम दोनों शाम को छत पर घूमने आ गए.
आशीष क्रिकेट खेलने चला गया.
उस शाम को मैंने छत पर उसको आज दिन में जो मेरे साथ हुआ, सब बता दिया.
वह बोली- ओह … मेरे भाई की इतनी हिम्मत हो गई … लगता है साला अब बहन चोद होने लगा है.
हम दोनों जब भी अकेली होती हैं तो आपस में बहुत गालियां दे कर बात करती हैं.
मैं बोली- हां यार, साला मेरी चूत का पानी भी पी गया और बोला कि तुमको कुछ ना बताऊं.
तो सुरभि बोली- ठीक है, देख अब वह कुत्ता क्या क्या करता है तेरे साथ? चल मैं ऐसे ही बनूँगी जैसे मुझे तुम दोनों के बारे में कुछ नहीं पता.
मैं बोली- हां ठीक है.
फिर मैं बोली- यार, जब वह मेरी चूत चाट रहा था तो मुझे लग रहा था कि काश अब ये अपना लंड भी मेरी चूत में उतार दे!
सुरभि बोली- साली कुतिया, इतनी जल्दी ना ले लेना लंड … पहले उसको कुछ दिन सिर्फ चूत चाटने दे. फिर देखते हैं क्या करना है इस बहन के लंड के साथ!
मैं हंसती हुई बोली- हां बहन का लंड तो बन ही जाएगा … आज नहीं तो कल!
फिर शाम को हम दोनों ने घर का काम किया और रात को दोनों अपने रूम में आ गए.
कमरे में सुरभि ने पूछा- यार उसके पास जो वीडियो है, वह उसने कैसे बना लिया? जब कि हम दोनों तो अक्सर रात को ये सब करती हैं. जब कभी दिन में भी किया, तब भी सब जगह के गेट बंद करके करती थी?
मैं बोली- हां यार, यह मुझे भी समझ में नहीं आया. कल उससे पूछती हूँ.
सुरभि बोली- और हां … उसके मोबाइल से वीडियो भी डिलीट करवा देना क्योंकि कोई और ने देख लिया तो दिक्कत हो जाएगी.
मैं बोली- हां कल उसको प्यार से समझा दूंगी.
वह बोली- हां ठीक है.
अब हम दोनों ब्रा पैंटी में एक दूसरे से चिपक कर लेटी थीं.
तभी बगल वाले रूम में यानि आशीष के रूम से से बॉथरूम में नल चालू होने की आवाज आई.
तो सुरभि फुसफुसा कर बोली- लगता है आज साला मेरा भाई तेरे नाम की मुठ मार रहा है!
मैं बोली- वह तो उसने दोपहर में ही मार ली होगी.
सुरभि बोली- हां दूसरे राउंड की फायरिंग कर ली होगी. कोई भाई बहन सेक्स कहानी पढ़ रहा होगा अन्तर्वासना पर!
मैं उसके बूब्स मसलती हुई बोली- तुझे इतनी दिक्कत है तो खुद जाकर हिला दे अपने भाई का लंड!
वह हंस कर बोली- उस बहन के लौड़े को मेरी नहीं, अपनी बुआ की बेटी की चूत पसंद है. अब क्या करूं मैं?
मैं बोली- हां यार बोल तो रहा था कि दीदी आपकी चूत कचौरी की तरह है.
वह बोली- हां यार बात तो सही बोला मेरा भाई, तेरी चूत है तो कचौरी जैसी फूली!
मैं हंस दी.
फिर वह बोली- चल कुतिया, अब नीचे आ जा और मेरी चूत चाट. तेरी तो दिन में मेरे भाई ने चाट दी.
मैं सुरभि की पैंटी उतार कर उसकी चूत चाटने लगी.
वह मेरा सर अपनी चूत में रगड़ती हुई बोली- यार, सच में बहुत मजा आता, जब मैं तुमको अपने भाई के सामने नंगी देखती. कितनी शर्म होती तेरे चेहरे पर … और उस सूअर की आखों में तेरी चूत के लिए कितनी लालसा होती देखती!
मैं बोली- हां यार सच में चूत चाटते समय उसकी आखों में बहुत चमक दिख रही थी.
सुरभि बोली- हां यार, ये भाई होते ही ऐसे हैं, इनको बहन से ज्यादा हॉट माल और कोई लड़की नहीं लगती!
मैं बोली- तुम तो उसकी सगी बहन हो … चढ़वा लो न अपने ऊपर!
वह बोली- हां, चढ़वा लूँगी, पहले तुम खुश हो जाओ … फिर बताना कि उसकी परफ़ोर्मेंस कैसी है!
मैं बोली- क्या सच में तू अपने सगे भाई से चुदवा लेगी?
वह बोली- हां यार, उसमें गलत क्या है? सही तो बोला आशीष ने कि घर का माल घर में ही इस्तेमाल हो तो अच्छा है. वैसे भी आजकल बाहर के लड़कों से प्यार करो तो ये सेक्स करने के बाद परेशान करने लगते हैं. भाई के साथ सेफ तो रहेगा.
मैं बोली- सही है यार.
वह बोली- हां, वैसे भी वह खुद हमारे पास चल कर आ रहा है, हम भी ले लेते हैं मजा उसमें क्या बुराई!
तब तक उसकी चूत पानी छोड़ चुकी थी.
फिर मैंने रूमाल से उसकी चूत साफ की.
वह बोली- चल अब सो जा!
फिर हम दोनों एक दूसरे की चूत से चूत लगा कर लेट गईं.
मैं उसके एक दूध को अपने मुँह में लेकर सो गई.
सुबह हम तीनों रोज की तरह अपने स्कूल और कॉलेज चले गए.
मामा मामी भी अपने काम पर चले गए.
घर से निकलते टाइम आशीष मुझसे बोला- दीदी, आज भी जल्दी घर आ जाना!
मैंने भी मुस्कुरा कर हामी भर दी.
मैं अपने कॉलेज का काम 12 बजे तक खत्म करके घर वापस आ गई.
मैंने देखा कि आशीष पहले से घर में है.
मैं उससे इठला कर बोली- तू आज स्कूल से जल्दी क्यों आ गया?
वह मुस्कुराते हुए बोला- यार दीदी जब से तुमको देखा है, तो अब तुम्हारे बिन रहा नहीं जाता.
मैं उससे बोली- आज तो आ गया, पर अब कभी आया तो मैं तेरी शिकायत मामी से कर दूंगी. तुम्हारी 12 वीं क्लास हैं. तुम ध्यान से पढ़ाई करो मैं कहीं भागी थोड़ी जा रही हूं.
वह बोला- सॉरी दीदी, आज के बाद स्कूल बंक करके कभी नहीं आऊंगा.
मैं बोली- ठीक है.
फिर उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मेरे साथ लिप किस करनी शुरू कर दी.
मैंने उसको धक्का दे दिया और बोली- तुमने सिर्फ चूत चाटने की बोला था, लिप किस मत कर … और वैसे भी अभी बाहर से आई हूँ तो पसीना पसीना हूं तो पहले कॉलेज की ड्रेस (सलवार सूट) उतार लूं फिर आती हूं.
उसने मुझे अपने पास खींच लिया और बोला- अरे जाह्नवी डार्लिंग … तेरी पसीना से लथपथ चूत तो अभी ऐसी लगेगी जैसे गर्म कढ़ाई से तेल लगी कचौरी लगती है.
यह कह कर उसने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया.
तो मेरी सलवार नीचे जा गिरी.
मैंने उसको धक्का दिया और बोली- आज मेरा मन नहीं हैं.
वह हंस कर बोला- सच्ची?
मैं बोली- हां सच्ची.
वह बोला- ठीक है, तो नहीं चाटता आज!
फिर मैं अपने रूम में आकर कपड़े चेंज करके नीचे गई तो हम दोनों साथ में बैठ कर खाना खाने लगे.
मैंने उससे पूछा- तुमने हम दोनों की वीडियो कब बनाई और कैसे देखा?
वह बोला- यार एक बार तुम दोनों के रूम से रात को आवाज आ रही थी ‘उम्म्म अह्ह्ह’ जैसी सेक्स की कामुक आवाज. मैं तभी समझ गया था कि तुम दोनों के बीच कुछ तो चल रहा है.
‘फिर?’
‘फिर चार दिन पहले ही जब घर में सिर्फ हम तीनों थे, तो तुम दोनों अपने रूम में थीं. मैंने दिमाग लगाया और जो हमारे रूम के ऊपर एक खिड़की बनी है, जो दोनों के रूम की तरफ खुलती है, उसमें मैंने एक ईट के सहारे अपना मोबाइल टिका दिया और अंदाज से पलंग की तरफ उसका कैमरा कर दिया. बस तुम दोनों की वीडियो बन गई.’
मैं बोली- ओह, तो तुम मेरे साथ पहले से सेक्स करना चाहते थे?
वह बोला- हां यार, तुम मुझे शुरू से ही बहुत पसंद थीं.
मैं बोली- अच्छा तो सुरभि के साथ भी करोगे ऐसे सेक्स का खेल?
वह बोला- ना यार, वह सगी दीदी है. उसके साथ सेक्स करने में अजीब सा न लगेगा?
मैं बोली- अच्छा खुद की दीदी दीदी … और मैं रंडी!
वह बोला- ना यार तुम रंडी नहीं हो सकती पर मेरी रखैल तो हो ही सकती हो!
‘साले मादरचोद!’ मेरे मुँह से भद्दी सी गाली निकली और मैं उसे मारने को हुई.
वह हँसता हुआ मेरे हाथ से बचने की कोशिश करने लगा.
फिर मैं उसका मोबाइल लेकर वही वीडियो देखने लगी.
मैंने उससे कहा कि इस वीडियो को डिलीट कर दे.
वह बोला- क्यों?
मैंने उसको समझाया कि अगर कोई ने देख लिया, तो दिक्कत हो जाएगी.
वह बोला- यदि तुमने चूत चाटने से मना कर दिया तो फिर मैं क्या करूंगा?
मैं बोली- साले एक बार चूत चटवा तो ली है, क्या अब भी मुझ पर विश्वास नहीं है क्या?
वह बोला- विश्वास तो है!
मैं बोली- तो बस डिलीट कर दे!
उसने अपने मोबाइल से वीडियो को डिलीट कर दिया.
मैंने पूछा- कोई कॉपी?
वह बोला- नहीं है.
फिर मैंने उससे पूछा- तेरी कोई गर्ल फ्रेंड है?
वह बोला- ना यार, अब मुझे गर्ल फ्रेंड नहीं बनाना!
मैं बोली- क्यों?
वह बोला- यार पहले थी एक क्लासमेट … परंतु जब वह मुझसे प्यार करने के बाद किसी और के साथ चली गई तो मुझे बहुत बुरा लगा.
मैं बोली- अच्छा मतलब वह तेरे से ब्रेकअप करके चली गई?
वह बोला- हां यार.
मैंने उससे पूछा- तो तुमने उसके साथ सेक्स किया था?
वह बोला- ना यार सिर्फ किस हुआ हमारे बीच में.
मैं बोली- कोई बात ना भाई, मैं तो हूँ न .. मैं सब मजा करवा दूँगी!
वह मेरे दूध को सर से सहला कर हम्म करने लगा.
फिर मैंने उसके सर को हटाते हुए उससे पूछा- आज से पहले कभी अपनी आखों से चूत देखी?
वह बोला- नहीं यार, अब तक सिर्फ आपकी देखी हैं.
तो मैं बोली- साले, जब मर्जी होती है तो आप आप करने लगता है वरना रंडी और रखैल बना लेता है!
वह हँसते हुए बोला- ये तो मेरा प्यार है … वह सब छोड़ो यह बताओ कि आपने कभी सेक्स किया?
मैं बोली- नहीं यार!
वह बोला- सच्ची?
मैं बोली- मुच्ची.
यह सुनकर वह बहुत खुश हुआ.
मैं बोली- क्या हुआ?
वह बोला- कुछ नहीं, मतलब सील पैक माल हो तुम!
मैं बोली- आगे बोल ना.
वह बोला- आप काम से फ्री हो तो ऊपर मेरे रूम में आओ … और नीचे से गेट लगा कर आना!
यह कह कर वह ऊपर अपने रूम में चला गया.
मैं नीचे अपना काम खत्म करके 2 बजे ऊपर उसके रूम में गई.
तो देखा वह अपने रूम में नंगा लेट कर मोबाइल में पोर्न देख रहा था.
मैं उसको नंगा देख कर वापिस रूम से बाहर आने लगी तो वह आवाज लगाता हुआ बोला- आ जाओ दीदी.
मैं बोली- पहले कपड़े पहन, मुझे अजीब लग रहा है.
वह हंस कर बोला- ठीक है.
उसने बनियान और निक्कर पहन ली और बाहर आ गया.
वह बोला- अब आओ रूम में!
मैं अन्दर आ गई और उसके बेड पर बैठ गई.
वह मुझे घूरने लगा.
मैं बोली- क्या हुआ?
वह बोला- यार काश तुम मेरी बुआ की बेटी ना होती, तो तुमसे शादी कर लेता.
मैं बोली- पागल मत बन, काम की बात कर!
वह बोला- आओ दोनों साथ में लेट जाते हैं बेड पर!
मैंने उससे कहा- पहले ये बता कि जब मैं बोली कि कभी किसी लड़के के साथ मैंने सेक्स नहीं किया तो तुम इतना खुश क्यों हुए?
वह बोला- अपनी बहन की सील खोलना हर किसी भाई को नसीब नहीं होती.
मैं बोली- अच्छा तो ये सब चल रहा है तेरे दिमाग में? साले मैं अभी तेरे साथ सेक्स करना नहीं चाहती.
वह हंस कर बोला- अरे अभी नहीं … कभी तो करेगी?
तो मैं बोली- अच्छा बाबा, अब मैं जा रही हूँ अपने रूम में.
वह हंस दिया और उसने लपक कर मेरी गांड पर एक चमाट मारते हुए कहा- साली मस्त गांड है तेरी.
मैं कुछ नहीं बोली और बाहर चली गई.
दोस्तो, मैं अपने ममेरे भाई के साथ किस तरह से चुदी, वह भाई बहन सेक्स कहानी अगले भाग में लिखूँगी.
वर्जिन चूत लिक स्टोरी पर आपके मेल मुझे प्रोत्साहित करेंगे.
धन्यवाद.
आप सभी पढ़ने वालों को मेरी फड़कती चूत का नमस्कार.
मैं आशा करती हूं कि आप सभी मजे में होंगे.
पहले मैं अपने बारे में बता दूँ. मेरा नाम जाह्नवी हैं और अभी मैं 29 साल की गदराई सफेद घोड़ी हूँ.
अक्सर लोग मुझे प्यार से भाभी भी बोलते हैं.
मेरा हुस्न दूध सा हैं और कातिल फिगर 34-30-36 का है.
मेरी शादी 3 साल पहले प्रयागराज में हो गई है.
मेरा अभी एक डेढ़ साल का बेटा भी है.
मैं पिछले 7-8 साल से अन्तर्वासना की पाठक हूँ इसलिए आज अपनी सच्ची सेक्स कहानी आप सभी को बताना चाहती हूँ.
ये सेक्स कहानी मेरी पहली स्टोरी है.
उस वक्त की बात है, जब मैं 19 साल की थी और अपनी जवानी में कदम रख रही थी.
इस वर्जिन चूत लिक स्टोरी में पहले मैं अपने सगे मामा के लड़के आशीष के साथ हुई पहली चुदाई को लिख रही हूँ.
मैं अपने माता पिता की इकलौती संतान हूं.
मेरा बचपन झांसी के पास एक गांव में गुजरा और बारहवीं तक की पढ़ाई झांसी में ही पूरी हो गई.
मैं एक संयुक्त परिवार से हूँ. मेरे घर में पापा तीन भाई हैं और हम सब अपने चाचा के साथ एक ही घर में रहते थे.
मेरी मां गांव में ही एक स्कूल में टीचर हैं और पापा पुलिस में हैं.
मैं बारहवीं के बाद बी.कॉम करने के लिए लखनऊ आ गई.
लखनऊ में मेरे मामा मामी रहते थे.
मेरे बस एक ही मामा हैं और वे एक बैंक में मैनेजर हैं.
जबकि मामी प्राइवेट डॉक्टर हैं.
मेरे मामा के दो बच्चे हैं.
पहले बेटी है, सुरभि दीदी जो मुझसे दो साल बड़ी है.
उसके बाद उनका बेटा आशीष है जो मुझसे एक साल छोटा है.
यह बात सन 2013 की है. जब मैं कॉलेज में अपने स्नातक के फर्स्ट ईयर में थी.
मामा का घर काफी बड़ा है तो मुझे भी उनके यहां रहने में कोई परेशानी नहीं हुई.
मैं सुरभि दीदी के साथ उनके रूम में रहने लगी थी.
मेरी और सुरभि दीदी की पहले से ही अच्छी दोस्ती थी.
सुरभि दीदी भी तब बी.टेक के तीसरे साल में थीं और उस वक्त मतलब 21 साल की उम्र में वे बिल्कुल दुबली पतली थीं.
उनका और मेरा फिगर तब एक जैसा ही था.
उनका रंग थोड़ा सांवला हैं परंतु फेस कट बिल्कुल अनुष्का शर्मा जैसा है.
रात को दोनों साथ में सोने लगे तो हमारे बीच में लेस्बियन सेक्स होने लगा क्योंकि ना मुझे कोई लड़का पसंद आया और ना सुरभि दीदी को.
हमारे बीच अब सही चल रहा था क्योंकि हम दोनों एक दूसरे के जिस्म की आग को रात के अंधेरे में ठंडी कर दिया करती थी.
और हम एक दूसरी से बहुत गंदा मजाक करने लगी थी.
एक दिन में घर में कॉलेज से जल्दी आ गई तो आशीष घर पर ही था.
मेरी उससे थोड़ी देर सामान्य बात हुई, फिर मैं अपने रूम में आकर कॉलेज के कपड़े उतारने लगी.
मैंने लोअर टी-शर्ट पहन ली और किचन में आकर अपना खाना लेने लगी.
मामा और मामी दोनों शाम को पांच बजे से पहले नहीं आते थे.
मैं किचन में खाना ले रही थी कि तभी पीछे से आशीष ने मुझे कस के पकड़ लिया.
मुझे लगा कि इसने ऐसे ही पकड़ा होगा.
मैं उससे बोली- क्या हुआ भाई?
वह बोला- मुझे आपकी चूत चाटनी है!
इतना बेबाक सुनकर मैं पहले तो थोड़ी डर गई कि ये क्या है?
तभी वह बोला- मुझे पता है आप और दीदी दोनों एक दूसरे की चूत चाटती हो. मैंने एक बार आप दोनों को लेस्बो करते हुए देखा है.
यह कह कर उसने अपने मोबाइल में हमारी एक वीडियो दिखाई.
मैं बहुत सहम सी गई तो बोला- डर मत दीदी, यार मैं थोड़ी खा जाऊंगा. बस जैसे आप दोनों एक दूसरे की चाटती हो, वैसे ही मुझे चाटना है. मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगा.
मैं चुपचाप खड़ी थी.
आशीष ने सीधे अपना हाथ मेरी चूत पर रख दिया और मसलते हुए बोला- प्लीज़ दीदी ये सिर्फ हम दोनों के बीच रहेगा. आप ये बात सुरभि दीदी को भी मत बताना.
मैं अभी भी चुप खड़ी थी.
वह मेरे गाल पर किस करता हुआ बोला- यार अगर आपको मजा नहीं आया तो फिर कभी नहीं करूंगा.
इसके बाद वह मेरे लोअर के अन्दर हाथ डालकर पैंटी के ऊपर से चूत को सहलाने लगा.
वह चूत को टोटलते हुए बोला- यार दीदी, आपकी चूत तो कचौरी की तरह फूली है … और गर्म भी ऐसी है जैसे अभी कढ़ाई में से कचौरी निकली हो!
मैं अभी भी चुप थी.
फिर वह बोला- आप तो किचन की पट्टी पर थाली रख कर खाना खाओ. मैं नीचे आपकी कचौरी खाता हूं.
मैं घूम कर खड़ी हो गई और खाना खाने लगी.
तभी वह नीचे बैठा और उसने मेरे लोअर और पैंटी को नीचे खींच कर आधी उतार दी.
फिर वह चूत को बड़े प्यार से कुत्ते की चाटने लगा.
मैं जल्दी ही सिहर उठी और बोली- प्लीज भाई, अब छोड़ दे मेरा पानी निकलने वाला है!
वह बोला- यार दीदी, अब आप मेरे मुँह में ही अपना पानी छोड़ दो.
मैंने चूत से रस छोड़ दिया और वह मेरी चूत से निकला सारा पानी पूरा पी गया.
फिर वह उठ कर अपना मुँह धोने चला गया.
मैं खाना खा चुकी थी तो मैंने अपना लोअर पैंटी ऊपर करके सही से पहन लिया.
अब वह बोला- दीदी, आप वर्जिन हो या किसी का लंड खा चुकी हो?
मैं उससे बोली- यार, प्लीज मुझसे ये सब मत पूछो, मुझे बहुत शर्म आ रही है.
वह बोला- ठीक है. मैं अब इधर से चला ही जाता हूँ!
वह चला गया तो मैं भी कमरे में आकर अपना काम करने लगी.
थोड़ी देर बाद मैं अपने काम से फ्री हो गई तो मैंने घड़ी की तरफ देखा.
उसमें अभी 3 बजने का समय हो रहा था.
मतलब सुरभि दीदी को घर आने में अभी भी एक घंटा और लगने वाला था.
मेरे पास समय था तो मैं टीवी देखने लगी.
तभी मेरा भाई भी मेरे पास आ गया और हम दोनों टीवी देखने लगे.
कुछ देर बाद वह मेरे करीब आकर बोला- मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं.
मैं बोली- ना यार, ये गलत है. हम दोनों भाई बहन हैं!
वह बोला- कुछ नहीं होता, आजकल सब चलता है. वैसे भी आप मेरी कौन सी सगी बहन हो?
मैं बोली- सगी नहीं परंतु हूं तो तुम्हारी सगी बुआ की बेटी ना … तो बहन ही हुई न!
वह इस बार मेरा नाम लेकर बोला- जाह्नवी एक बात बता, तुझे सेक्स की जरूरत है या नहीं?
एक बार चूत चाटने के बाद साले ने आप शब्द का सम्बोधन भी खत्म कर दिया था.
मैं बोली- नहीं.
वह बोला- फिर क्यों तू सुरभि से अपनी चूत चाट कर साफ करवाती है?
मुझे शर्म आ गई और इसी कारण मैंने अपना सर नीचा कर लिया.
वह बेशर्मी से बोला- तुझे भी लंड चाहिए और मुझे तेरी चूत चाहिए … तो क्यों ना हम दोनों घर के अन्दर ही एक दूसरे की जरूरत पूरी कर देते हैं. इसमें ना तुझे बाहर किसी को बॉय फ्रेंड बनाना पड़ेगा और ना मुझको गर्ल फ्रेंड की जरूरत होगी. घर में ही मस्ती हो जाएगी और कोई डर का लफड़ा भी नहीं!
मैं सोचने लगी कि लौंडा बात तो सही कह रहा है, साले का लंड ले ही लेती हूँ.
तभी वह फिर से बोला- और ये वादा है मेरा कि तेरी मर्जी के बिना मैं तेरे साथ सेक्स नहीं करूंगा … और चूत को भी, जब तेरा मन होगा, तभी चाटूँगा!
मैं उसकी तरफ देख कर बोली- ठीक है भाई, अब बैठ जा … और मुझे टीवी देखने दे.
वह मुझसे फुसलाता हुआ बोला- एक बात बता जाह्नवी, मैं तुझे अब अकेले में दीदी ही बोलूँ या जाह्नवी … या कुछ और?
मैं बोली- तेरा मतलब क्या है?
वह बोला- यार अब तुझे अकेले में जाह्नवी बोलने का मन करता है. घर में मां पापा के सामने दीदी ही बोलूँगा.
मैं बोली- हां ठीक है.
वह बोला- अभी जब मैंने तेरी कचौरी खाई तो तुझे कैसा लगा?
मैं बोली- अच्छा लगा भाई.
वह बोला- सुरभि दीदी और मैं दोनों में से कौन अच्छे से चाटता है?
मैं बोली- छोड़ ना ये सब!
वह हंस कर बोला- ठीक है, बस आप ये सुरभि दीदी को मत बताना!
मैं बोली- हां ठीक है.
वह बोला- अब जब भी हम दोनों बस हुए घर में, तब तेरी चूत पी सकता हूँ न!
मैं बोली- हां बाबा, अब और एक भी सवाल मत पूछ … मुझे टीवी देखने दे.
फिर कुछ देर में सुरभि भी घर आ गई तो मैंने उसको खाना लगाया और हम दोनों शाम को छत पर घूमने आ गए.
आशीष क्रिकेट खेलने चला गया.
उस शाम को मैंने छत पर उसको आज दिन में जो मेरे साथ हुआ, सब बता दिया.
वह बोली- ओह … मेरे भाई की इतनी हिम्मत हो गई … लगता है साला अब बहन चोद होने लगा है.
हम दोनों जब भी अकेली होती हैं तो आपस में बहुत गालियां दे कर बात करती हैं.
मैं बोली- हां यार, साला मेरी चूत का पानी भी पी गया और बोला कि तुमको कुछ ना बताऊं.
तो सुरभि बोली- ठीक है, देख अब वह कुत्ता क्या क्या करता है तेरे साथ? चल मैं ऐसे ही बनूँगी जैसे मुझे तुम दोनों के बारे में कुछ नहीं पता.
मैं बोली- हां ठीक है.
फिर मैं बोली- यार, जब वह मेरी चूत चाट रहा था तो मुझे लग रहा था कि काश अब ये अपना लंड भी मेरी चूत में उतार दे!
सुरभि बोली- साली कुतिया, इतनी जल्दी ना ले लेना लंड … पहले उसको कुछ दिन सिर्फ चूत चाटने दे. फिर देखते हैं क्या करना है इस बहन के लंड के साथ!
मैं हंसती हुई बोली- हां बहन का लंड तो बन ही जाएगा … आज नहीं तो कल!
फिर शाम को हम दोनों ने घर का काम किया और रात को दोनों अपने रूम में आ गए.
कमरे में सुरभि ने पूछा- यार उसके पास जो वीडियो है, वह उसने कैसे बना लिया? जब कि हम दोनों तो अक्सर रात को ये सब करती हैं. जब कभी दिन में भी किया, तब भी सब जगह के गेट बंद करके करती थी?
मैं बोली- हां यार, यह मुझे भी समझ में नहीं आया. कल उससे पूछती हूँ.
सुरभि बोली- और हां … उसके मोबाइल से वीडियो भी डिलीट करवा देना क्योंकि कोई और ने देख लिया तो दिक्कत हो जाएगी.
मैं बोली- हां कल उसको प्यार से समझा दूंगी.
वह बोली- हां ठीक है.
अब हम दोनों ब्रा पैंटी में एक दूसरे से चिपक कर लेटी थीं.
तभी बगल वाले रूम में यानि आशीष के रूम से से बॉथरूम में नल चालू होने की आवाज आई.
तो सुरभि फुसफुसा कर बोली- लगता है आज साला मेरा भाई तेरे नाम की मुठ मार रहा है!
मैं बोली- वह तो उसने दोपहर में ही मार ली होगी.
सुरभि बोली- हां दूसरे राउंड की फायरिंग कर ली होगी. कोई भाई बहन सेक्स कहानी पढ़ रहा होगा अन्तर्वासना पर!
मैं उसके बूब्स मसलती हुई बोली- तुझे इतनी दिक्कत है तो खुद जाकर हिला दे अपने भाई का लंड!
वह हंस कर बोली- उस बहन के लौड़े को मेरी नहीं, अपनी बुआ की बेटी की चूत पसंद है. अब क्या करूं मैं?
मैं बोली- हां यार बोल तो रहा था कि दीदी आपकी चूत कचौरी की तरह है.
वह बोली- हां यार बात तो सही बोला मेरा भाई, तेरी चूत है तो कचौरी जैसी फूली!
मैं हंस दी.
फिर वह बोली- चल कुतिया, अब नीचे आ जा और मेरी चूत चाट. तेरी तो दिन में मेरे भाई ने चाट दी.
मैं सुरभि की पैंटी उतार कर उसकी चूत चाटने लगी.
वह मेरा सर अपनी चूत में रगड़ती हुई बोली- यार, सच में बहुत मजा आता, जब मैं तुमको अपने भाई के सामने नंगी देखती. कितनी शर्म होती तेरे चेहरे पर … और उस सूअर की आखों में तेरी चूत के लिए कितनी लालसा होती देखती!
मैं बोली- हां यार सच में चूत चाटते समय उसकी आखों में बहुत चमक दिख रही थी.
सुरभि बोली- हां यार, ये भाई होते ही ऐसे हैं, इनको बहन से ज्यादा हॉट माल और कोई लड़की नहीं लगती!
मैं बोली- तुम तो उसकी सगी बहन हो … चढ़वा लो न अपने ऊपर!
वह बोली- हां, चढ़वा लूँगी, पहले तुम खुश हो जाओ … फिर बताना कि उसकी परफ़ोर्मेंस कैसी है!
मैं बोली- क्या सच में तू अपने सगे भाई से चुदवा लेगी?
वह बोली- हां यार, उसमें गलत क्या है? सही तो बोला आशीष ने कि घर का माल घर में ही इस्तेमाल हो तो अच्छा है. वैसे भी आजकल बाहर के लड़कों से प्यार करो तो ये सेक्स करने के बाद परेशान करने लगते हैं. भाई के साथ सेफ तो रहेगा.
मैं बोली- सही है यार.
वह बोली- हां, वैसे भी वह खुद हमारे पास चल कर आ रहा है, हम भी ले लेते हैं मजा उसमें क्या बुराई!
तब तक उसकी चूत पानी छोड़ चुकी थी.
फिर मैंने रूमाल से उसकी चूत साफ की.
वह बोली- चल अब सो जा!
फिर हम दोनों एक दूसरे की चूत से चूत लगा कर लेट गईं.
मैं उसके एक दूध को अपने मुँह में लेकर सो गई.
सुबह हम तीनों रोज की तरह अपने स्कूल और कॉलेज चले गए.
मामा मामी भी अपने काम पर चले गए.
घर से निकलते टाइम आशीष मुझसे बोला- दीदी, आज भी जल्दी घर आ जाना!
मैंने भी मुस्कुरा कर हामी भर दी.
मैं अपने कॉलेज का काम 12 बजे तक खत्म करके घर वापस आ गई.
मैंने देखा कि आशीष पहले से घर में है.
मैं उससे इठला कर बोली- तू आज स्कूल से जल्दी क्यों आ गया?
वह मुस्कुराते हुए बोला- यार दीदी जब से तुमको देखा है, तो अब तुम्हारे बिन रहा नहीं जाता.
मैं उससे बोली- आज तो आ गया, पर अब कभी आया तो मैं तेरी शिकायत मामी से कर दूंगी. तुम्हारी 12 वीं क्लास हैं. तुम ध्यान से पढ़ाई करो मैं कहीं भागी थोड़ी जा रही हूं.
वह बोला- सॉरी दीदी, आज के बाद स्कूल बंक करके कभी नहीं आऊंगा.
मैं बोली- ठीक है.
फिर उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मेरे साथ लिप किस करनी शुरू कर दी.
मैंने उसको धक्का दे दिया और बोली- तुमने सिर्फ चूत चाटने की बोला था, लिप किस मत कर … और वैसे भी अभी बाहर से आई हूँ तो पसीना पसीना हूं तो पहले कॉलेज की ड्रेस (सलवार सूट) उतार लूं फिर आती हूं.
उसने मुझे अपने पास खींच लिया और बोला- अरे जाह्नवी डार्लिंग … तेरी पसीना से लथपथ चूत तो अभी ऐसी लगेगी जैसे गर्म कढ़ाई से तेल लगी कचौरी लगती है.
यह कह कर उसने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया.
तो मेरी सलवार नीचे जा गिरी.
मैंने उसको धक्का दिया और बोली- आज मेरा मन नहीं हैं.
वह हंस कर बोला- सच्ची?
मैं बोली- हां सच्ची.
वह बोला- ठीक है, तो नहीं चाटता आज!
फिर मैं अपने रूम में आकर कपड़े चेंज करके नीचे गई तो हम दोनों साथ में बैठ कर खाना खाने लगे.
मैंने उससे पूछा- तुमने हम दोनों की वीडियो कब बनाई और कैसे देखा?
वह बोला- यार एक बार तुम दोनों के रूम से रात को आवाज आ रही थी ‘उम्म्म अह्ह्ह’ जैसी सेक्स की कामुक आवाज. मैं तभी समझ गया था कि तुम दोनों के बीच कुछ तो चल रहा है.
‘फिर?’
‘फिर चार दिन पहले ही जब घर में सिर्फ हम तीनों थे, तो तुम दोनों अपने रूम में थीं. मैंने दिमाग लगाया और जो हमारे रूम के ऊपर एक खिड़की बनी है, जो दोनों के रूम की तरफ खुलती है, उसमें मैंने एक ईट के सहारे अपना मोबाइल टिका दिया और अंदाज से पलंग की तरफ उसका कैमरा कर दिया. बस तुम दोनों की वीडियो बन गई.’
मैं बोली- ओह, तो तुम मेरे साथ पहले से सेक्स करना चाहते थे?
वह बोला- हां यार, तुम मुझे शुरू से ही बहुत पसंद थीं.
मैं बोली- अच्छा तो सुरभि के साथ भी करोगे ऐसे सेक्स का खेल?
वह बोला- ना यार, वह सगी दीदी है. उसके साथ सेक्स करने में अजीब सा न लगेगा?
मैं बोली- अच्छा खुद की दीदी दीदी … और मैं रंडी!
वह बोला- ना यार तुम रंडी नहीं हो सकती पर मेरी रखैल तो हो ही सकती हो!
‘साले मादरचोद!’ मेरे मुँह से भद्दी सी गाली निकली और मैं उसे मारने को हुई.
वह हँसता हुआ मेरे हाथ से बचने की कोशिश करने लगा.
फिर मैं उसका मोबाइल लेकर वही वीडियो देखने लगी.
मैंने उससे कहा कि इस वीडियो को डिलीट कर दे.
वह बोला- क्यों?
मैंने उसको समझाया कि अगर कोई ने देख लिया, तो दिक्कत हो जाएगी.
वह बोला- यदि तुमने चूत चाटने से मना कर दिया तो फिर मैं क्या करूंगा?
मैं बोली- साले एक बार चूत चटवा तो ली है, क्या अब भी मुझ पर विश्वास नहीं है क्या?
वह बोला- विश्वास तो है!
मैं बोली- तो बस डिलीट कर दे!
उसने अपने मोबाइल से वीडियो को डिलीट कर दिया.
मैंने पूछा- कोई कॉपी?
वह बोला- नहीं है.
फिर मैंने उससे पूछा- तेरी कोई गर्ल फ्रेंड है?
वह बोला- ना यार, अब मुझे गर्ल फ्रेंड नहीं बनाना!
मैं बोली- क्यों?
वह बोला- यार पहले थी एक क्लासमेट … परंतु जब वह मुझसे प्यार करने के बाद किसी और के साथ चली गई तो मुझे बहुत बुरा लगा.
मैं बोली- अच्छा मतलब वह तेरे से ब्रेकअप करके चली गई?
वह बोला- हां यार.
मैंने उससे पूछा- तो तुमने उसके साथ सेक्स किया था?
वह बोला- ना यार सिर्फ किस हुआ हमारे बीच में.
मैं बोली- कोई बात ना भाई, मैं तो हूँ न .. मैं सब मजा करवा दूँगी!
वह मेरे दूध को सर से सहला कर हम्म करने लगा.
फिर मैंने उसके सर को हटाते हुए उससे पूछा- आज से पहले कभी अपनी आखों से चूत देखी?
वह बोला- नहीं यार, अब तक सिर्फ आपकी देखी हैं.
तो मैं बोली- साले, जब मर्जी होती है तो आप आप करने लगता है वरना रंडी और रखैल बना लेता है!
वह हँसते हुए बोला- ये तो मेरा प्यार है … वह सब छोड़ो यह बताओ कि आपने कभी सेक्स किया?
मैं बोली- नहीं यार!
वह बोला- सच्ची?
मैं बोली- मुच्ची.
यह सुनकर वह बहुत खुश हुआ.
मैं बोली- क्या हुआ?
वह बोला- कुछ नहीं, मतलब सील पैक माल हो तुम!
मैं बोली- आगे बोल ना.
वह बोला- आप काम से फ्री हो तो ऊपर मेरे रूम में आओ … और नीचे से गेट लगा कर आना!
यह कह कर वह ऊपर अपने रूम में चला गया.
मैं नीचे अपना काम खत्म करके 2 बजे ऊपर उसके रूम में गई.
तो देखा वह अपने रूम में नंगा लेट कर मोबाइल में पोर्न देख रहा था.
मैं उसको नंगा देख कर वापिस रूम से बाहर आने लगी तो वह आवाज लगाता हुआ बोला- आ जाओ दीदी.
मैं बोली- पहले कपड़े पहन, मुझे अजीब लग रहा है.
वह हंस कर बोला- ठीक है.
उसने बनियान और निक्कर पहन ली और बाहर आ गया.
वह बोला- अब आओ रूम में!
मैं अन्दर आ गई और उसके बेड पर बैठ गई.
वह मुझे घूरने लगा.
मैं बोली- क्या हुआ?
वह बोला- यार काश तुम मेरी बुआ की बेटी ना होती, तो तुमसे शादी कर लेता.
मैं बोली- पागल मत बन, काम की बात कर!
वह बोला- आओ दोनों साथ में लेट जाते हैं बेड पर!
मैंने उससे कहा- पहले ये बता कि जब मैं बोली कि कभी किसी लड़के के साथ मैंने सेक्स नहीं किया तो तुम इतना खुश क्यों हुए?
वह बोला- अपनी बहन की सील खोलना हर किसी भाई को नसीब नहीं होती.
मैं बोली- अच्छा तो ये सब चल रहा है तेरे दिमाग में? साले मैं अभी तेरे साथ सेक्स करना नहीं चाहती.
वह हंस कर बोला- अरे अभी नहीं … कभी तो करेगी?
तो मैं बोली- अच्छा बाबा, अब मैं जा रही हूँ अपने रूम में.
वह हंस दिया और उसने लपक कर मेरी गांड पर एक चमाट मारते हुए कहा- साली मस्त गांड है तेरी.
मैं कुछ नहीं बोली और बाहर चली गई.
दोस्तो, मैं अपने ममेरे भाई के साथ किस तरह से चुदी, वह भाई बहन सेक्स कहानी अगले भाग में लिखूँगी.
वर्जिन चूत लिक स्टोरी पर आपके मेल मुझे प्रोत्साहित करेंगे.
धन्यवाद.