कार Xxx स्टोरी में मेरा दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड को चोदने मेरे दूसरे दोस्त के कमरे पर लाया पर काम नहीं हुआ. तो मैंने उन दोनों को अपनी कार में मस्ती करवाई.
नमस्कार दोस्तो!
मेरा नाम शिवांश है।
मेरी उम्र 22 साल है और मेरी हाइट 6.2 फीट है।
अच्छे शरीर के साथ मेरी लुक भी बहुत हैंडसम वाली है।
ये कार Xxx स्टोरी रियल है, तो आप लोग फील जरूर कीजिएगा।
आशा करता हूँ आप लोग मेरी कार Xxx स्टोरी का पूरा आनंद लेंगे।
दो महीने पहले हुआ यूँ कि मेरे एक कॉलेज फ्रेंड का कॉल मुझे आया।
उसका नाम मनीष है।
वो मेरे कॉलेज का क्लासमेट था।
वो कॉलेज के बगल में ही रहता है, इसलिए कॉलेज में उसका हमेशा आना-जाना लगा रहता था।
सारे कॉलेज के लड़के या लड़कियाँ, कोई काम होता कॉलेज का तो वो मनीष उनका काम करवा देता।
इससे ये होता था कि सब लड़कियाँ और लड़के उसके दोस्त थे।
उस दिन जब उसने मुझे कॉल किया तो बताया कि उसे कोई रूम चाहिए, जहाँ उसे अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स करना था। लेकिन रूम बिल्कुल सेफ होना चाहिए।
मैंने बोला, “ठीक है। कब आएगा?”
तो उसने बोला, “कल।”
मैंने अपने एक दूसरे दोस्त से बात की। मैंने उसे कहा कि रूम के बदले दारू पिला दूँगा।
वो रेडी हो गया अपना रूम देने के लिए।
अगले दिन जब मेरा दोस्त मनीष और उसकी गर्लफ्रेंड आए तो मैं उन्हें रिसीव करने अपनी कार से गया।
अब मैं उसकी गर्लफ्रेंड के बारे में बता दूँ।
उसकी गर्लफ्रेंड का नाम श्रुति वर्मा है।
देखने में वो एकदम गदराई हुई फिगर वाली 18-19 साल की लगती थी।
रंग गोरा था उसका।
फिर हम लोग तीनों मेरी कार में बैठकर रूम की ओर जाने लगे।
वहाँ पहुँचने पर मैंने मनीष से बोला कि मुझे भी इसका रस चखना है।
वो मुस्कुराया और बोला, “ठीक है, पहले मैं तो कर लूँ।”
उसके बाद जब हम रूम के पास पहुँचे तो मैंने देखा रूम में ताला लगा हुआ है।
मैंने उस लड़के को कॉल लगाया और चाबी के लिए पूछा।
तो उसने बताया कि चाबी उसके पास ही है और उसे आने में 3 – 4 घंटे लग सकते हैं।
मुझे उस समय ओयो के बारे में जानकारी नहीं थी और ना ही वो दोनों को थी।
तो मैंने बोला, “फिर कभी आओ, इस बार कोई गड़बड़ नहीं होगी।”
इसके बाद श्रुति मेरी ओर देखी और फिर उदास होकर अपनी नज़रें नीचे कर लीं।
उसकी आँखों में एक अलग ही नशा था।
ऐसा लग रहा था वो बेताब है चुदवाने के लिए।
फिर हम लोग कार के पास आ गए।
मैंने मनीष से बोला कि वो किस ये सब कार में ही कर सकता है।
वो और श्रुति पीछे वाली सीट पर बैठ गए।
मैं कार चलाने लग गया।
25-30 मिनट लगते मुझे उन्हें बस स्टैंड छोड़ने में।
इतनी देर में मनीष पीछे श्रुति को किस कर रहा था और उसके चूचियों को भी मसल रहा था।
श्रुति की नज़र बार-बार मेरी रियर व्यू मिरर की तरफ देख रही थी, जिससे मेरी और उसकी नज़र मिल जा रही थी बार-बार।
फिर हम लोग बस स्टैंड पहुँच गए और वो लोग वहाँ से चले गए अपने घर।
उसी दिन रात में मेरे इंस्टाग्राम आईडी पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आई किसी एंजेल श्रुति के नाम से।
मैंने एक्सेप्ट किया।
फिर हमारी बात होना शुरू हुई।
ये लड़की वही थी जिसे मेरा दोस्त लेके आया था।
मैंने उसे पूछा, “कैसी हो?”
वो बोली, “बस अपना सुनाओ।”
मैंने जवाब दिया, “सब ठीक।”
फिर उसने मुझे बताया कि मनीष ने उसे बताया कि मैं भी उसकी चुदाई करना चाहता था, लेकिन रूम नहीं मिला इसलिए नहीं कर पाया।
इस पर मैंने भी बोला, “हाँ! आपकी बदन आग फेंकती है, क्या करूँ?”
तो उसने बोला, “ये आग बहुत परेशान करती है, इसे बुझा दो!”
मैं समझ नहीं पाया कि ये तो डायरेक्ट बोल रही है।
फिर मैंने लिखा, “मनीष को पता चल जाएगा।”
तो इस पर उसने बोला, “कौन बोलेगा? आप बोलोगे?”
तो मैंने कहा, “मैं क्यों बोलूँगा? तुम्हारा बॉयफ्रेंड है, तुम ही बोलोगी।”
तो श्रुति ने बोला, “मैं भी नहीं बोलूँगी।”
अब मुझे लाइन क्लियर लग रहा था।
तो मैंने उसे एक-दो नंगी फोटो माँगी।
उसने मना कर दिया।
फिर मैंने एक-दो सेक्सी फोटो उसे भेजी।
इसे देखकर लगता है कि वो भी मूड में आ गई और कहने लगी, “कब लोगे मुझे, जान?”
मैंने जवाब दिया, “कल!”
फिर उसने बताया कि वो 11 बजे कल बस स्टैंड में आ जाएगी।
उसने मेरा फोन नंबर लिया और बोला, “आके कॉल करूँगी… मुझे तड़पा-तड़पा के लोगे ना?”
मैंने कहा, “हाँ मेरी जान!”
फिर मैंने एक होटल वाले से बात की, रूम की डिटेल्स ली कि सेफ है या नहीं।
सारी जानकारी लेके मैंने उसी होटल के रूम में जाने का सोचा।
अगले दिन सुबह 10:30 बजे उसका कॉल आया। उसने बोला कि मुझे 11 बजे आना है।
मैंने ओके बोल के कॉल कट कर दिया।
उसने फिर 11 बजे कॉल किया और बताया कि वो पहुँच गई है।
मैं भी बोला, “मैं भी आ गया हूँ। कहाँ हो तुम?”
और कॉल कट कर दी।
थोड़ी देर में एक लड़की मेरी कार के पास आई और पीछे वाला गेट खोल के सीधा अंदर बैठ गई।
उसने अपना चेहरा दुपट्टे से छुपाया हुआ था।
वो कार पहचान गई थी, इसलिए डायरेक्ट आके पीछे बैठ गई।
फिर मैंने उसे ठंडा पानी और चॉकलेट्स, कोल्ड ड्रिंक ला के दिया कि वो थोड़ा रिलैक्स हो जाए।
और मैं फिर श्रुति के साथ एक मॉल की पार्किंग में पहुँचा।
मैंने कार एकदम कोने में लगाई जहाँ पूरा अंधेरा था।
मैं जाके पीछे श्रुति के बगल में बैठ गया।
धीरे-धीरे हम लोग नज़दीक आए।
फिर हम लोग एक दूसरे को किस करने लग गए।
10 मिनट ऐसे ही करने के बाद मैं उसकी चूचियों को छूने लगा और दबाने लगा।
वो खुद ही अपनी टॉप को उतार के साथ में ब्रा की हुक मुझसे खुलवा के अपनी दोनों चूचियों को मेरे सामने कर दी।
मैं बारी-बारी से उसकी चूचियों को चूस रहा था।
वो सेक्सी आवाजें निकाल रही थी।
उसके बाद मैंने अपना हाथ उसकी जींस की तरफ ले गया और जींस खोल दी।
एक तरफ मैं श्रुति की चूचियों को चूस रहा था और एक तरफ मैं उसकी चूत में अपनी हाथों का कमाल दिखा रहा था।
अब वो मछली की तरह तड़प रही थी।
श्रुति ने मेरा लंड को मेरी जींस से निकाला और रंडी की तरह मुँह में लेकर चूसने लगी।
हाय! मुझे तो समझ ही नहीं आ रहा था। और मजा बहुत आ रहा था।
5 मिनट लंड चूसने के बाद वो खुद मेरे लंड को हाथ से पकड़ कर मेरे ऊपर बैठ गई।
पहले मेरे लंड के ऊपर अपनी चूत को रगड़ी 5 मिनट तक … फिर मेरे लंड को अपनी छेद में सेट करके ऊपर-नीचे होने लगी।
उसकी चूत की गर्मी के कारण मैं ज्यादा देर टिक नहीं पाया और 10 मिनट में मेरा माल उसके चूत में गिर गया।
मैंने उसको अपने ऊपर से उतारा और मैं अपने कपड़े पहन कर ड्राइविंग सीट पर चला गया।
लेकिन उसने अपना कपड़ा नहीं पहना।
मैं समझ गया ये और चुदेगी।
इसलिए मैंने होटल रूम जाने का सोचा।
रास्ते में मैंने मेडिकल से सेक्स पावर की गोली ले ली और खा ली।
20 मिनट में ही गोली ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया।
तब तक हम लोग होटल पहुँच गए थे।
वो होटल मेरे जान-पहचान का था और सेफ भी, इसलिए वहाँ मेरे लिए कोई आईडी ये सब दिखाने का रूल नहीं था।
हम अपने होटल रूम में पहुँचे।
अब शुरू हुआ असली चुदाई का खेल।
जाते साथ श्रुति मुझसे गले लग गई।
मेरी हाइट 6.2 की है तो वो मेरे चेस्ट तक ही आ रही थी।
और गले लगते समय वो ऊपर-ऊपर से ही मेरे लंड को अपनी चूत से फील करवा रही थी।
मुझे गोली का पूरा असर होने लगा।
मैंने उसे बेड पर पटका और तुरंत अपनी और उसकी कपड़ों को उतार कर रूम में एक चेयर थी उसी पर रख दिया।
उसने मेरे लंड को पकड़ा और मुँह में लिया।
मेरा लंड पहले से भी ज्यादा गर्म और लोहे की तरह हो गया।
10 मिनट श्रुति के मुँह को मैंने अपने लंड से चोदा।
लंड पूरा उसके गले तक जा रहा था।
उसकी साँसें फूल रही थीं।
फिर मैंने उसे सीधा लिटाया, एक तकिया उसके कमर के नीचे रख दिया।
श्रुति ने मुझे बोला, “बना लो मुझे अपनी रंडी, कुतिया, रखैल… जो बना सकते हो!”
और मेरे लंड को अपनी हाथ में लेकर अपनी चूत के ऊपर रगड़ने लगी।
उसकी तड़प बहुत ज्यादा बढ़ गई थी।
दवाई के कारण मुझे भी अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था।
तो मैंने अपनी लंड को उसके छेद में ऊपर लगाया और एक झटके में पूरा चूत के आखिरी हिस्से तक सटा दिया।
वो तड़पने लगी और मुझे पीछे धकेल रही थी जिससे मेरा लंड बाहर निकाल जाए।
लेकिन मैं अंदर ही डाले रखा।
कुछ देर रुकने के बाद जब उसे आराम हुआ तो मैं लंड को चूत के अंदर ही ऊपर-नीचे रगड़ रहा था।
इसे श्रुति को बहुत अच्छा लग रहा था।
और वो बोल रही थी, “अपनी रंडी को ऐसे मत तड़पाओ राजा! आज मसल के रख दो मेरी चूत। जितनी आग है मेरी चूत में सब बुझा दो! ये चूत की आग मुझे बहुत परेशान करती है जानू। चोद के इसको रद्दी कर दे, बूर फाड़ दे मेरी!”
मैं भी उसे लगातार झटके पर झटके देकर चोद रहा था।
वो सेक्सी आवाजें निकाल रही थी, “चोद डालो मेरे राजा! अपनी इस रांड को फाड़ दो मेरी बूर को! आह… आह… fuck my ass… आह… आह… उफ़!”
लगातार 15 मिनट जबरदस्त चुदाई के बाद उसका शरीर अकड़ने लगा।
एक बार वो झड़ गई, उसकी आँखों में एक सुकून आ गया था।
चेहरे पर हल्की स्माइल थी।
मेरा लंड अब भी लोहा बना हुआ था।
ऐसे ही फिर से मैंने उसे चोदना शुरू किया।
धीरे-धीरे उसे फिर जोश आ गया।
फिर से वो आवाजें निकालने लगी, “आह… आह… उफ़… चोद दो… और अंदर… और अंदर… बूर फाड़ दो… रंडी बना दो… चोद… चोद…”
लगातार 10 मिनट चोदने के बाद मैं और वो एक साथ झड़ गए।
और मैं उसके ऊपर लेट गया।
10 मिनट हम ऐसे ही लेटे रहे।
और फिर श्रुति उठी, अपने मुँह से मेरा लंड पूरा साफ किया और फिर अपने कपड़े लेकर पहनने लगी।
मैं भी थक गया था।
उसे मैंने बस स्टैंड पर उसकी घर वाली गाड़ी में बैठा दिया।
और मैं भी अपने घर आके नहा के सो गया।
अब श्रुति से मेरी रोजाना बात होती है।
बहुत बड़ी चुदक्कड़ बन गई है वो … रोज लंड लेने आ जाती है।
अब ये सब अगली कहानी में बताऊंगा कि कैसे उसे मैंने ड्रिंक करवा के रात भर चोदा और अपने लंड पर बैठाए रखा और प्रेग्नेंट ना होने के लिए दवा खिलाई।
आशा करता हूँ आप लोग फील लीजिएगा इस रियल कार Xxx स्टोरी का।
सभी चूत की देवी को मेरा प्रणाम!