पोर्न टीचर चुदाई कहानी में मेरे दोस्त की मम्मी मस्त माल थी. वे हमारी टीचर भी थी. एक बार मैं कुछ दिन दोस्त के घर रुका. मैं आंटी को ही देखता रहता था.
प्यारे साथियो और चूत के दीवानो, आज मैं एक असली सेक्स स्टोरी के साथ आया हूँ।
यह पोर्न टीचर चुदाई कहानी तब की है जब मैं 12th क्लास में पढ़ता था।
मैं तब 18 साल का था।
मेरा एक दोस्त था शौर्य।
उसकी मम्मी हमें हिंदी पढ़ाया करती थी।
उनका नाम था सविता।
उनके पति मेडिकल शॉप चलाते थे।
सविता बहुत ही सेक्सी, हॉट, चिकनी चमेली थी।
मुझे वो बहुत ही पसंद थी।
मेम बहुत ही खूबसूरत थी।
वैसे तो 38 साल की थी लेकिन दिखने में वो अब भी 28 की लगती थी।
उन्हें देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था।
जब भी वो हमारी क्लास में आती तो लंड खड़ा हो जाता था।
उनके करीब आने के लिए उनका चहेता बनने के लिए मैं शौर्य के पास ही बैठा करता था जिससे वो भी मेरे पास आया करती थी।
मैं उनके सारे काम करता था।
उन्हें मुझ पर बहुत भरोसा था।
उन्हें देखने के लिए तो मैं उनके पास ट्यूशन भी पढ़ने लग गया।
जिससे मैं उन्हें दिन भर देखा करता था।
जब भी मेरा लंड खड़ा होता तो मैं स्कूल में उनके सामने से लंड को पकड़ते हुए जाता था।
जिससे वो भी मेरे लंड को देखे।
एक बार मेरे मम्मी-पापा कहीं बाहर गए हुए थे तो उन्होंने मुझे शौर्य के घर छोड़ दिया, मतलब सविता मेम के घर।
मैं बहुत खुश था कि अब तो दिन भर सविता मेम के साथ रहूंगा।
संडे के दिन मैं, शौर्य और मेम घर पर ही थे।
मेम के पति बाहर गए हुए थे।
उन्होंने शौर्य को फोन करके बुला लिया।
फिर मैं और सविता मेम दोनों ही घर में अकेले थे।
मेम बाथरूम में कपड़े धो रही थी।
वे मुझे आवाज लगाकर बोली, “नवनीत दुकान पर से साबुन लेकर आ जाओ!”
मैं बोला, “ठीक है!”
मैं साबुन लेने के लिए गया तो रास्ते में मुझे याद आया कि मैं पैसे लाना तो भूल गया।
मैं घर गया और बेल बजाई लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला।
तो फिर मैंने दूसरी चाबी से गेट खोला।
मैंने मेम को आवाज लगाई और पूछा, “मेम मेरे पैसे कहां रखे हैं? मैं ले जाना भूल गया।”
मेम नहा रही थी और आवाज लगाकर बोली, “अलमारी में से ले जाओ।”
मैं बाथरूम के पास से होकर जा रहा था तो देखा कि बाथरूम का गेट खुला है।
मैंने अंदर देखा तो मेम नहा रही थी।
मेम पूरी गीली हो रही थी और एकदम जलपरी लग रही थी।
मेरा लंड मेम को देखकर कड़क हो गया।
मैं बेकाबू होता उससे पहले वहां से चला गया और मेम को साबुन लेकर दिया।
और फिर अपने कमरे में जाकर मेम के बारे में सोचने लगा और एक प्लान बनाया।
फिर मैंने बाथरूम में जाकर फोन कैमरा लगा दिया।
मेम ने मुझे खाना खाने के लिए बुलाया।
मैं और मेम आमने-सामने बैठकर खाना खा रहे थे।
मेरी नजर मेम के होठों पर थी।
मेम मुझे देखकर बोली, “क्या देख रहे हो? खाना खा लो!”
फिर हमने खाना खाया और फिर हम सोफे पर जाकर बैठ गए और टीवी में फिल्म देखने लगे।
मूवी में रोमांटिक सीन आ रहे थे तो मेम उन्हें देखकर मेम के चेहरे पर वासना झलकने लगी।
फिर मेम बाथरूम में गई।
मैं भी उनके पीछे-पीछे गया।
मैंने बाथरूम में देखा तो मेम अपनी पेटीकोट ऊपर करके अपनी चूत मसल रही थी।
मेम के अंदर बहुत आग भरी हुई थी।
मेम ने बाहर आने के लिए पेटीकोट पहना और बाहर आने लगी तो मैं वहां से चला गया और सोफे पर जाकर टीवी देखने का नाटक करने लगा।
लेकिन टेढ़ी नजरों से मेम को देख रहा था।
मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैं बाथरूम में गया और लंड हिलाने लगा।
फिर मुझे याद आया कि मैंने तो बाथरूम में फोन कैमरा लगा रखा है।
मैंने फोन लिया और फिर रिकॉर्डेड वीडियो चलाई जिसमें मेम की चूत साफ दिखाई दे रही थी।
उसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया।
मेम ने मुझे आवाज लगाई तो फिर जल्दी-जल्दी लैपटॉप छोड़कर बाहर गया। बाहर जाकर देखा तो मेम के ऊपर रूई का कट्टा पड़ गया था।
मेम ने मुझसे बोला, “देख क्या रहे हो? हटाओ इसे जल्दी!”
मैंने कट्टा हटाया और मेम को खड़ा किया।
मेम के पैर में चोट लग गई थी तो वो खड़ी नहीं हो पा रही थी।
मेम ने मुझसे बोला, “मुझे गोदी में उठाओ और बेड पर छोड़कर आओ।”
मैं चुपचाप खड़ा था।
मेम चिल्लाई और बोली, “क्या देख रहे हो? शर्मा मत! उठाओ और अंदर छोड़कर आओ!”
मैंने सोचा अच्छा मौका मिल रहा है चिकनी के हाथ लगाने का।
मैंने मेम को उठाया और बेडरूम में लेकर गया और बेड पर लिटाया।
मेम बोली, “किचन में जाकर तेल लेकर आओ। मेरे पैरों की मालिश कर दो।”
मैंने सोचा आज तो किस्मत भी साथ दे रही है।
मैं तेल लेकर आया।
मेम ने अपना पेटीकोट जांघ तक चढ़ा लिया और बोली, “लो मालिश कर दो।”
मैंने हाथ में तेल लिया और मेम के पैरों की मालिश करने लगा।
मेम के पैर बड़े ही कोमल थे।
मेरे तो भाग्य ही खुल गए थे।
फिर मेम बोली, “नवनीत तुम चुप-चुप क्यों रहते हो? हमेशा बोलते रहना चाहिए।”
मैं बोला, “जी मेम!”
मेम बोली, “अब मैं उलटी लेट रही हूं। मेरी पीठ की भी मालिश कर दो। तुम बहुत अच्छी मालिश करते हो।”
मैं बोला, “जी मेम!”
मेम की पीठ गोरी-गोरी और मुलायम के दम मक्खन जैसी थी।
मन कर रहा था कि खा जाओ लेकिन क्या करूं … मेरे अंदर हिम्मत नहीं थी।
मेम मुझसे बोली, “तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या?”
मैंने मना कर दिया।
मेम बोली, “अच्छा तुम्हें कैसी लड़की पसंद है?”
मैं मेम की पीठ देखने में मदहोश था तो मैंने बोल दिया, “आप जैसी!”
मेम बोली, “क्या? बोले तुमने?”
मैं बोला, “कुछ नहीं। सॉरी सॉरी गलती से बोल दिया।”
मेम बोली, “घबराओ मत। खुलकर बोलो। ये समझ लो कि आज मैं तुम्हारी मेम नहीं दोस्त हूं।”
तो फिर मैं बोला, “मुझे आप जैसी लड़की पसंद है। इतनी खूबसूरत हो!”
मेम बोली, “चल झूठे! मेरा मन रखने के लिए बोल रहा है ना तू?”
मैं बोला, “नहीं मेम! आप सच में बहुत सुंदर हो। मेरा बस चले तो आपसे अभी शादी कर लूं।”
मेम बोली, “क्या बोले तुम? शादी कर लूं मुझसे? ऐसा क्या देखा तुमने मुझमें?”
मैं बोला, “मेम आपकी आंखें और आपकी अलग अंदाज में वो मुस्कान मुझे बहुत अच्छी लगती है।”
मेम से ऐसी बात करने से मेरे अंदर हिम्मत आ गई और मैं धीरे-धीरे मेम के कंधों पर लेकर गया और वहां मालिश करने लगा।
जिससे मेम मदहोश हो गई और मेम को नींद आ गई।
मैंने मेम को सीधा लिटाया और फिर मेम की कमर की मालिश करने लगा।
जिससे मेम कामुक नींद में सो गई।
फिर मैंने मेम के होठों पर उंगली फेरी और किस करने के लिए आगे बढ़ा।
जैसे ही मेरे होठ मेम के रसीले होठों के पास पहुंचे, मेम की आंखें खुल गईं और धक्का देकर दूर किया और बोली, “मैंने तुम्हें थोड़ी सी छूट क्या दे दी? तुम तो मेरे साथ सेक्स करने की कोशिश कर रहे हो!”
मेम कपड़े पहनने लगी तो मैंने मेम को पकड़ा और बोला, “इसमें मेरी गलती नहीं मेम! आप हो इतनी सुंदर। अब इसमें कोई कुछ नहीं कर सकता। लेकिन मैं ये वादा करता हूं कि आपको कभी भी प्यार की कमी नहीं होने दूंगा।”
मैं खुद को मुझसे छुड़ाने की कोशिश करने लगी लेकिन मैंने उन्हें नहीं छोड़ा और कसके पकड़ लिया, उनकी गर्दन पर किस करने लगा, एक हाथ से उनकी मोटी गांड दबाने लगा और बोला, “मेम आप मुझसे अपने शरीर को ऐसे छुपा रही हो जैसे मैंने कुछ देखा ही नहीं। मैंने सब देख लिया बाथरूम में आपको नहाते हुए चूत मसलते हुए। और उसकी तो मेरे पास रिकॉर्डिंग भी है।”
मेम बोली, “तो तुमने सब कुछ देख लिया?”
फिर मैं बोला, “सब कुछ तो नहीं सिर्फ चूत देखी है आपकी। वो भी वीडियो में। लेकिन अब असली में देखना चाहता हूं। बस एक बार आप मान जाओ!”
मेम बोली, “बस एक शर्त पर! किसी को बताओगे नहीं और कभी धोखा नहीं दोगे मुझे।”
मैं बोला, “आपके लिए कुछ भी!”
मेम ने मेरा सर पकड़ा और मेरे होठों को चूसने लगी।
मैं भी मेम के एक भूखे शेर की तरह लिपट गया और जोर-जोर से मेम को चूसने लगा।
मेरा लंड एकदम कड़क हो गया।
मैंने मेम को मेरे पैरों के दोनों साइड पैर करके बैठाया और मेम के होठ, गर्दन को जोर-जोर से चूसने, चूमने, काटने लगा और मेम की पीठ पर हाथ फेरने लगा।
मेरा लंड पैंट के ऊपर आ गया और मेम की नाभि के टच होने लगा।
फिर मैं और मेम एक-दूसरे को चूमने, चूसने, काटने लगे।
फिर मैंने मेम को लिटाया और उनकी पेटीकोट में मुंह डाला और अंदर जाकर मेम की पैंटी के बाहर से चूत चाटने लगा।
और फिर मैंने मेम की पैंटी मुंह से खोल दी और पेटीकोट के अंदर मुंह देकर मेम की चूत चाटने लगा।
और फिर मैंने मेम की पूरी साड़ी उतारकर फेंक दी।
मेम अब बस ब्लाउज में थी।
मैं मेम की चूत की पंखुड़ियों को छोड़कर उनमें अपनी जीभ डाली।
जिससे मेम जोर-जोर से सिसकारियां भरने लगी, “आहहह… उम्म्म हह… उफ्फ…” करने लगी।
जिससे मेरा जोश बढ़ गया।
और फिर मेम की कमर पर जाकर कमर पर और मेम की नाभि में जीभ फेरने लगा।
जिससे मेम की सिसकारियां तेज होती गईं।
फिर मैं थोड़ा और ऊपर आया और ब्लाउज के बाहर से मेम के बोबों को काटा।
जिससे मेम दर्द भरी आवाज में चिल्लाई, “आअह्ह…!”
फिर मैंने मेम का ब्लाउज फाड़ा और फिर मेम की चूचियां दबाकर ब्रा के बाहर से ही चूसने लगा।
जोर-जोर से दबाने से मेम के बोबे ब्रा के ऊपर से बाहर आ गए।
फिर मैंने एक और बार मेम की ब्रा फाड़ दी जिससे मेम के कैदी बोबे आजाद हो गए।
मैं मेम की चूचियां देखकर बोला, “कितने बड़ी चूचियां हैं आपकी मेम! मैं तो इनका दीवाना हो गया।”
फिर मैं मेम की चूचियों पर भेड़ियों की तरह टूट पड़ा और उन्हें जोर-जोर से चूसने-चूमने लगा।
जिससे मेम चीखें निकलने लगी और मुझे उत्साहित करने लगी जैसे बोल रही हो कि “नवनीत और तेज! तेज नवनीत!”
मैं मेम की चूचियों की निप्पल्स को दांत से पकड़कर खींचने लगा।
फिर मेम ने मुझे लिटा दिया और मेरे लंड पर बैठ गई और अपनी चूत से मेरे लोड़े को मसलने लगी।
वे मेरी छाती को चाटने लगी और अपनी जीभ फेरने लगी, और फिर मेरी कांख को चाटने लगी।
फिर मेम ने अपने मुंह से मेरी चड्डी पकड़कर खोली और मेरा लंड एकदम से बाहर आया और मेम के मुंह पर जाकर लगा।
फिर मेम ने मेरे लंड को पकड़ा और बोली, “तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है! आज तो मेरी चूत की प्यास बुझ ही जाएगी!”
मैं बोला, “मेम मेरे लंड को चूसो! वो आपके होठों के लिए तरस रहा है। उसे शांत करो!”
मेम बोली, “हां नवनीत! क्यों नहीं?”
फिर मेम मेरे लंड को पकड़कर हिलाने लगी और बोली, “तुम्हारा इतना बड़ा लंड लेकर तो मजा ही आ जाएगा!”
मैं बोला, “मेम आपने कब से सेक्स नहीं किया?”
मेम बोली, “मैंने बहुत टाइम से सेक्स नहीं किया। लगभग 10 महीनों से।”
मैं बोला, “क्या? 10 महीनों से आपको सेक्स करने का मन नहीं करता था क्या?”
मेम मेरे लंड को चूसती हुई बोली, “करता तो था लेकिन क्या मैं क्या कर सकती थी?”
मैं बोला, “लेकिन अब टेंशन न लो! मैं आज आपकी संतुष्टि के लिए हूं।”
मेम बोली, “हम्म!”
फिर मेम मेरा लंड चूसने-चाटने लगी और मेरे अंडों को मुंह में लेकर चूसने लगी।
मैंने मेम का सर पकड़ा और जोर-जोर से लंड चुसाने लगा।
फिर मेम बोली, “नवनीत अब और मत तड़पाओ! अब जल्दी से मेरी चूत चोदो!”
मैं बोला, “ठीक है मेम!”
मेम बोली, “अब तुम मुझे मेम कहना बंद करो!”
मैं बोला, “ओके डार्लिंग!”
मैंने सविता की दोनों टांगें फैलाकर अपने कंधे पर रखीं और सविता की चूत पर लंड सेट किया और रगड़ने लगा।
और फिर एकदम से सविता की चूत में लंड घुसने के लिए धक्का मारा।
जिससे मेरे लंड का टोपा सविता की चूत में घुस गया और सविता चिल्लाई!
फिर एक बार और जोर से धक्का मारा जिससे मेरा लंड आधा अंदर चला गया।
सविता डार्लिंग तेज-तेज चिल्लाने लगी और बोलने लगी, “बाहर निकालो!”
लेकिन मुझे तो आज चूत का पूरा मजा लेना था।
तो मैंने एक और धक्के के साथ पूरा लंड जोर से अंदर डाल दिया जिससे सविता बहुत तेज चिल्लाई और बेड को पकड़कर तेज-तेज ऊपर-नीचे होने लगी।
फिर मैं सविता की चूत में धीरे-धीरे लंड आगे-पीछे करने लगा।
जिससे थोड़ी देर बाद मेरे लंड ने सविता की चूत में जगह बना ली और फिर सविता भारी कामुक आवाजें निकालने लगी जिससे मैं उत्साहित हो रहा था।
और फिर मैंने लंड तेज-तेज घुसना शुरू किया।
पोर्न टीचर चुदाई करते हुए थोड़ी देर बाद सविता की चूत ने पानी छोड़ दिया।
फिर मैं सविता को गोदी में उठाकर उछाल-उछालकर चोदने लगा जिससे सविता बेबी की चूचियां मेरे मुंह पर आकर लग रही थीं जिन पर मैं बार-बार बाइट कर रहा था।
कुछ देर बाद मैंने सविता को एक टांग पर खड़ा करके चोदा और उसकी चूत मारते-मारते उसके होठ चूमने लगा और उसकी चूचियां मसलने लगा।
और फिर सविता को घोड़ी बनाया और फिर उसकी गांड पर लंड लगाकर जोर-जोर झटके दिए, पूरा लंड सविता की गांड में घुसा दिया और उसके बोबे पकड़कर धक्का-पेल चुदाई करने लगा।
जिससे सविता बहुत खुश थी और आवाजें निकल रही थीं, “आह्ह्ह… उफ्फ… उम्म्म…!”
फिर मैं थोड़ी देर में झड़ने वाला था तो अपना लंड निकालकर सविता की चूत में फिर से घुसा दिया और जल्दी-जल्दी आगे-पीछे करने लगा जिससे मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया।
मैंने पूरा पानी सविता की चूत में निकाल दिया और चूत में लंड घुसाकर मैं सविता डार्लिंग के ऊपर पड़ गया।
हम दोनों एक-दूसरे को चूमते-चूसते सो गए।
फिर रोजाना जब तक उसका पति नहीं आया मैंने सविता को चोदा।
उसके आने के बाद भी मैं सविता को रोजाना चोदता हूं।
अब वो और किसी से नहीं, सिर्फ मुझसे चुदवाती है।
इसके बाद हमारी चुदाई पहाड़ों के बीच हुई थी।
उसकी स्टोरी मैं आपको जल्दी भेज दूंगा।
आपको यह पोर्न टीचर चुदाई कहानी कैसी लगी?
मेल करें और कमेंट्स में भी लिखें.