जिगोलो Xxx कहानी में मेरी माँ घर घर जाकर ब्यूटी पार्लर का काम करती थी. मैं भी साथ जाने लगा और सब सीख गया. एक दिन एक लड़की को सर्विस देने मुझे जाना पड़ा.
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम राहुल है।
मैं एक कॉल बॉय हूं।
आज मैं आपको अपने कॉल बॉय बनने के सफर के बारे में बताऊंगा कि कैसे मेरे इस सफर की शुरुआत हुई, कैसे मैं कॉल बॉय के नेटवर्क से जुड़ा और मेरा अब तक का अनुभव कैसा रहा।
अगर आपको ऐसा लगता है कि इस पेशे में रोज़ नई खूबसूरत लड़कियां चोदने को मिलती हैं तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है।
इस काम में मजे के साथ-साथ अपनी अलग परेशानियां भी हैं।
मैं आपको अपनी कहानी के माध्यम से कॉल बॉय के काम की सच्ची घटनाओं से अवगत कराऊंगा।
मेरी जिगोलो Xxx कहानी शुरू होती है 2019 के लॉकडाउन से।
उस समय मैंने कॉलेज के प्रथम वर्ष में एडमिशन लिया था।
उसके कुछ समय बाद ही लॉकडाउन लग गया।
उस समय मैं और मेरी मॉम साथ में रहते थे।
मेरे पापा का देहांत काफी समय पहले ही हो गया था जब मैं बहुत छोटा था।
शुरुआत के कुछ दिन तो आसानी से कट गए लेकिन फिर धीरे-धीरे घर में मेरी मॉम की सेविंग्स खत्म होने लगी।
मेरी मॉम एक ब्यूटी पार्लर में काम करती थी।
उससे अपना खर्च ठीक-ठाक चल जाता था पर लॉकडाउन में पार्लर बंद होने से पैसे आने बंद हो गए थे।
मेरी मॉम ने अपने पार्लर की बॉस को कॉल किया और कुछ उधार के लिए बात की।
पर पार्लर बंद होने के कारण उसने एक ऑफर दिया कि उनके पार्लर की रेगुलर कस्टमर को उनके घर पर सर्विस की जरूरत है।
जब सुबह लॉकडाउन में थोड़े समय की छूट मिलती, इस समय क्लाइंट्स को उनके घर में पर्सनल सर्विस देने पर पैसे देने की बात हुई।
पर मेरी मॉम को सर्विस देने जाने के लिए आने-जाने की असुविधा थी क्योंकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद थे।
तो फिर मैं मॉम को उनके क्लाइंट्स के यहां लेकर जाने लगा।
जब मैं मॉम के साथ जाता था तो उन्हें काम करते देख मुझे भी इस काम में इंटरेस्ट आने लगा।
मैं भी काम सीखने लगा और लगभग 3-4 महीने में मैं काफी काम सीख गया।
जिन कस्टमर को लड़कों से सर्विस लेने में परेशानी नहीं थी, उनके पास मैं भी मॉम के साथ सर्विस देता था।
इसी काम ने एक दिन अचानक मुझे कॉल बॉय बनने का मौका दिया।
एक दिन मेरी मॉम की तबियत ठीक नहीं थी और एक क्लाइंट के पास सर्विस के लिए जाना था।
पर मेरी मॉम साथ नहीं जा सकती थी।
तो मैंने पूछा कि अगर सिर्फ मुझसे सर्विस लेने में कोई समस्या नहीं है तो मैं अकेला आ सकता हूं।
इस बात पर क्लाइंट की तरफ से कोई परेशानी न होने पर बॉस ने मुझे अकेले जाने को बोल दिया।
मैं अपना पार्लर का किट लेकर निकल पड़ा।
दिए गए पते पर जाकर मैंने दरवाजा खटखटाया।
तो लगभग 40 वर्ष की आंटी ने दरवाजा खोला।
उनका नाम नेहा था।
अब मैं आपको नेहा के बारे में बताता हूं।
अगर आप ये सोच रहे होंगे कि मेरी मुलाकात किसी खूबसूरत आंटी से हुई होगी जिसको देखते ही किसी का भी लंड खड़ा हो जाए तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है।
नेहा का रंग गोरा था।
उसने नाइटी पहनी हुई थी पर ना तो उसकी चूची का पता चल रहा था ना ही गांड का।
उसका शरीर एकदम पतला था।
बाद में मुझे पता चला वजन मात्र 42 किलो था और हाइट भी कम थी।
जबकि उसके सामने मैं 75 किलो का 6 फीट हाइट के साथ शरीर के मुकाबले उससे बहुत बड़ा दिख रहा था।
नेहा ने मुझे देखकर मुस्कुराते हुए अंदर बुलाया।
फिर मैंने उनसे सर्विस के बारे में पूछा।
तो उसने पहले हेयर कट और आईब्रो बनाने को बोला।
मैंने उनको ड्रेस चेंज कर कुछ हल्का पहनने को बोला जिससे कपड़ों पर बाल ना लगें।
फिर वो कपड़े बदलकर आई।
उसने एक छोटा सा स्लीवलेस ड्रेस पहना था जो उसके शरीर से चिपका हुआ था।
पर उसके बाद भी उसके शरीर में कोई उभार नहीं दिख रहा था।
फिर मैं अपने काम में लग गया।
हल्की बातचीत करते हुए उसके बारे में पूछा।
तो उसने बताया कि वो एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करती है और उसका तलाक हो चुका है और वो घर में अकेली रहती है।
कटिंग और आईब्रो बनाने के बाद मैंने कहा, “मैम, और कोई सर्विस चाहिए?”
नेहा मुस्कुराते हुए बोली, “और क्या सर्विस करते हो?”
मैं कुछ समझ नहीं पाया।
मैंने पार्लर की सर्विस की लिस्ट बता दी।
उसने मुस्कुराते हुए कहा कि उसे वैक्सिंग करवानी है।
मैं अपना सामान तैयार करने लगा।
फिर मैंने वैक्सिंग शुरू किया।
पहले हाथ की वैक्सिंग की।
फिर उसने हाथ ऊपर उठाए और अपने अंडरआर्म्स दिखाए जिसमें काफी बाल थे, उसकी वैक्सिंग करने को कहा।
मैंने दोनों अंडरआर्म्स क्लीन कर दिए।
फिर उसके दोनों अंडरआर्म्स को चेक करने लगा कि कहीं कोई बाल बच तो नहीं गया।
उसने मुझे छूकर चेक करने को कहा।
मैं अंडरआर्म्स को छूने लगा।
तभी उसने हल्की सी सिसकारी ली और अचानक से मेरे लंड में हलचल हुई।
मुझे समझ आया कि नेहा क्या करना चाह रही है।
मैंने अनजान बनकर आगे का काम चालू किया और सोचा कि आगे जो होगा देखा जाएगा।
उसके बाद मैंने नेहा के पैरों की वैक्सिंग शुरू की और उसकी जांघों की वैक्सिंग करने लगा।
तभी मुझे पता लगा कि उसने पैंटी नहीं पहनी हुई थी।
उसकी जांघों के बीच में काफी घने बाल दिख रहे थे।
मैं जांघों की वैक्सिंग करने के बाद रुक गया।
फिर उसने कहा, “बिकिनी वैक्स भी कर दो!”
और ऐसा कहते ही उसने अपना ड्रेस ऊपर उठा दिया।
नेहा ने पैंटी नहीं पहनी हुई थी।
उसकी चूत के चारों ओर काफी घने बाल उग आए थे।
उसने कहा, “लॉकडाउन में कोई चोदने वाला नहीं मिला इसलिए सफाई नहीं हुई है। पर आज साफ कर ही दो। शायद इसी बहाने चुदाई का मौका मिल जाए।”
ऐसा बोलकर वो हंसने लगी।
उसके साथ मैं भी हंस पड़ा।
फिर मैंने नेहा की चूत की सफाई में लग गया।
उसकी चूत की सफाई करते हुए मेरा भी लंड खड़ा हो गया था।
पर मैं कोई ऐसी हरकत नहीं करना चाहता था कि कोई परेशानी हो जाए।
वैसे भी नेहा दिखने में कुछ खास नहीं थी तो मैंने कंट्रोल करने की सोची।
मैंने अपना काम खत्म किया और उसका ड्रेस नीचे कर दिया।
उस समय लॉकडाउन की सुबह की छूट खत्म होने का समय हो गया था।
मैंने कहा, “मैम, मेरा टाइम हो गया है। मुझे पेमेंट कर दीजिए।”
उसने पहले मुझे गुस्से से देखा फिर उदास होकर बोली, “मैं जानती हूं मैं दिखने में कुछ खास नहीं हूं। इसीलिए अपनी चूत खोलकर दिखाने के बाद भी तुम मुझे चोदना नहीं चाहते। इसी कारण से मैं कॉल बॉय सर्विस वालों से लड़के बुलवा कर चुदाई करवाती थी। पर लॉकडाउन के कारण अभी वो लड़के यहां तक नहीं आ सकते हैं। इसीलिए जब पार्लर सर्विस में तुम आ गए तो तुमसे ही अपनी चूत मरवाने की सोची।”
अब मेरे दिमाग में नेहा की चूत मारने की बात चलने लगी।
तभी उसने कहा, “तुम खुद से तो मेरी चूत नहीं चोदोगे लेकिन अगर तुम कॉल बॉय बनकर मुझे चोदोगे तो मैं तुम्हें ज्यादा पैसे दूंगी।”
मेरे मन में खुशी के लड्डू फूटने लगे कि जिसे मैं फ्री में चोदने के लिए तैयार हो रहा था वो पैसे देकर चुदने वाली थी।
उसने मुझसे कहा, “लॉकडाउन में कर्फ्यू लगने का टाइम होने वाला है। जल्दी से एक राउंड चोदो फिर चले जाना।”
मैंने कुछ सोचा फिर कहा, “अगर आज मैं यहीं रुक जाऊं और पूरा दिन और रात में भी सर्विस दूं तो कैसा रहेगा?”
ये सुनते ही नेहा का चेहरा खुशी से खिल गया।
उसने कहा, “फिर मैं भी तुम्हें खुश कर दूंगी!”
फिर मैंने मॉम को कॉल किया और बहाना बनाते हुए बोला, “मॉम, यहां कस्टमर के घर पर और भी लोग हैं जिन्हें पार्लर सर्विस की जरूरत है और कर्फ्यू लगने वाला है। इसीलिए आज मैं सर्विस कर यहीं रुक जाऊंगा और कल सुबह आ जाऊंगा।”
बात करने के बाद मैं नेहा के बगल में जाकर बैठ गया और फिर मुस्कुराते हुए उससे पूछा, “अब कौन सी सर्विस शुरू करूं?”
उसने भी मुस्कुराते हुए कहा, “बस मुझे खुश कर दो!”
मुझे इसके पहले चुदाई का कुछ खास अनुभव तो नहीं था।
बस कुछ समय पहले अपने स्कूल की एक मैम के साथ ट्यूशन में चुदाई की हुई थी।
इसी अनुभव का फायदा उठाते हुए मैंने नेहा को चोदने के तरीके सोचने लगा।
मैंने नेहा की आंखों में देखा और उसके होठों में अपने होठ लगा दिए।
फिर हम एक दूसरे के होठों को चूसने लगे।
कभी मैं उसके मुंह में अपनी जीभ डालता, कभी वो अपनी जीभ मेरे मुंह में।
ऐसे ही हमारी चुम्मा-चाटी लगभग 15-20 मिनट तक चली।
फिर मैंने उसे अपनी गोद में उठा लिया।
चूंकि उसका वजन बहुत ही कम था वो आसानी से मेरी गोद में आ गई।
और ऐसे ही उसे मैं बाथरूम में ले गया।
थोड़ी देर पहले ही मैंने उसकी कटिंग की थी और वैक्सिंग भी की थी इसलिए सफाई भी जरूरी थी।
बाथरूम में मैंने उसे नंगी कर दिया और मैं भी नंगा हो गया।
वैसे तो मेरा लंड ज्यादा बड़ा नहीं है लगभग 6 इंच का ही है पर वो मेरे लौड़े को देखकर खुश हो गई।
फिर मैंने शावर चालू कर उसके बदन में साबुन लगाना शुरू किया।
उसके पूरे बदन को साबुन के झाग से रगड़ने लगा।
उसकी छाती पर चूचे तो चपटे थे पर निप्पल बड़े-बड़े थे जिनको मैं रगड़ने लगा जो कि पूरे टाइट हो गए थे, फिर उसको मुंह में भरकर चूसने लगा।
नेहा के मुंह से आह्ह आह आह की आवाजें पूरे बाथरूम में गूंज रही थीं।
फिर मैंने उसकी चूत को भी रगड़ना शुरू किया।
उसकी चूत पहले से ही फटी हुई थी।
उसमें दो उंगलियां आराम से जा रही थीं।
साथ ही साथ मैं उसके गांड में भी उंगली कर रहा था।
ऐसे ही रगड़ते हुए थोड़ी देर में नेहा दो बार झड़ गई और छोटे शरीर की होने के कारण थक गई थी।
अभी मेरा लंड एक बार भी शांत नहीं हुआ था और मैं नेहा को पूरी तरह संतुष्ट करना चाहता था।
इसीलिए मैंने फिर नेहा को उठाया और बेडरूम में ले जाकर उसको टॉवेल से साफ किया और उसे बेड पर लिटा दिया।
अपने आप को साफ करके उसके ऊपर जाकर उसके निप्पलों को चूसने लगा।
धीरे-धीरे उसके निप्पल फिर से टाइट हो गए।
फिर मैं उसके पूरे शरीर को चाटते हुए उसके चूत पर गया और उसके चूत को मुंह में भरकर चूसने लगा।
नेहा मेरा सर अपनी चूत में दबाने लगी और लगभग 10 मिनट चूत चाटने के बाद वो मेरे मुंह में ही झड़ गई।
पर अभी मेरी शुरुआत हुई थी।
मैंने नेहा से कंडोम का पूछा।
तो उसने अपने ड्रेसिंग टेबल से कंडोम निकालकर लाने को बोला।
कंडोम लगाकर मैं सीधा नेहा के ऊपर चढ़ा और उसकी चूत में अपना लंड पेल दिया।
वो पहले से ही काफी खेली-खाई थी इसलिए मेरा लंड आसानी से उसकी चूत में चला गया।
और नेहा मजे से अपनी चुदाई करवा रही थी।
लगभग 10 मिनट तक नेहा के ऊपर चढ़कर चोदने के बाद मैंने उसे उठाकर अपनी गोद में बैठाकर चोदा।
फिर उसे उठाकर दीवार से टीका कर चोदा, फिर घोड़ी बनाकर चोदते हुए उसकी चूत में ही झड़ गया।
झड़ने के बाद मैं बिस्तर पर जाकर लेट गया और नेहा मेरे ऊपर आकर लेट गई।
थोड़ी देर बाद मैंने उसे पूछा, “कैसी लगी मेरी सर्विस?”
नेहा ने कहा, “मैंने काफी कॉल बॉयज के साथ चुदाई की हुई है और मेरे लंड और शरीर का साइज भी अच्छा है। जिससे मुझे भी कॉल बॉय के काम मिल सकते हैं।”
फिर उसने मुझे कॉल बॉय की एजेंसी का नंबर दिया जिससे मैं चाहूं तो अपना काम आगे जारी रख सकूं। जिसके बारे में हम अगली कहानी में बात करेंगे।
अब नेहा के साथ आगे की कहानी बताता हूं।
पहली चुदाई होने के बाद लगभग दिन के 2 बज गए थे।
हमने लंच करने की सोची।
लंच के साथ नेहा ने व्हिस्की की बॉटल निकाली जिससे हमने कुछ पैग लगाए और लंच किया।
लंच के बाद हम दोनों फिर से बिस्तर पर आकर बैठ गए।
फिर नेहा ने मेरा सिकुड़ा हुआ लंड मुंह में ले लिया और चूसने लगी जिससे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और मैं उसका मुंह चोदने लगा।
उसके बाद मैंने नेहा को लिटाकर 69 पोजिशन में आ गया। मैं उसकी चिकनी चूत चाटने लगा और उसके मुंह की चुदाई करने लगा।
फिर दोनों ने एक दूसरे के मुंह में अपना पानी छोड़ दिया।
मैंने उसका पानी पिया और उसने भी मेरे लंड को चाटकर साफ कर दिया।
फिर दोनों साथ ही सो गए।
इसके बाद रात में कैसे उसकी गांड मारी और किस तरह से चुदाई की, ये कहानी के अगले भाग में बताऊंगा।
तब तक के लिए मेरी कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद!
आपको मेरी जिगोलो Xxx कहानी कैसी लगी जरूर बताएं।
मेरी ईमेल आईडी है
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम राहुल है।
मैं एक कॉल बॉय हूं।
आज मैं आपको अपने कॉल बॉय बनने के सफर के बारे में बताऊंगा कि कैसे मेरे इस सफर की शुरुआत हुई, कैसे मैं कॉल बॉय के नेटवर्क से जुड़ा और मेरा अब तक का अनुभव कैसा रहा।
अगर आपको ऐसा लगता है कि इस पेशे में रोज़ नई खूबसूरत लड़कियां चोदने को मिलती हैं तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है।
इस काम में मजे के साथ-साथ अपनी अलग परेशानियां भी हैं।
मैं आपको अपनी कहानी के माध्यम से कॉल बॉय के काम की सच्ची घटनाओं से अवगत कराऊंगा।
मेरी जिगोलो Xxx कहानी शुरू होती है 2019 के लॉकडाउन से।
उस समय मैंने कॉलेज के प्रथम वर्ष में एडमिशन लिया था।
उसके कुछ समय बाद ही लॉकडाउन लग गया।
उस समय मैं और मेरी मॉम साथ में रहते थे।
मेरे पापा का देहांत काफी समय पहले ही हो गया था जब मैं बहुत छोटा था।
शुरुआत के कुछ दिन तो आसानी से कट गए लेकिन फिर धीरे-धीरे घर में मेरी मॉम की सेविंग्स खत्म होने लगी।
मेरी मॉम एक ब्यूटी पार्लर में काम करती थी।
उससे अपना खर्च ठीक-ठाक चल जाता था पर लॉकडाउन में पार्लर बंद होने से पैसे आने बंद हो गए थे।
मेरी मॉम ने अपने पार्लर की बॉस को कॉल किया और कुछ उधार के लिए बात की।
पर पार्लर बंद होने के कारण उसने एक ऑफर दिया कि उनके पार्लर की रेगुलर कस्टमर को उनके घर पर सर्विस की जरूरत है।
जब सुबह लॉकडाउन में थोड़े समय की छूट मिलती, इस समय क्लाइंट्स को उनके घर में पर्सनल सर्विस देने पर पैसे देने की बात हुई।
पर मेरी मॉम को सर्विस देने जाने के लिए आने-जाने की असुविधा थी क्योंकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद थे।
तो फिर मैं मॉम को उनके क्लाइंट्स के यहां लेकर जाने लगा।
जब मैं मॉम के साथ जाता था तो उन्हें काम करते देख मुझे भी इस काम में इंटरेस्ट आने लगा।
मैं भी काम सीखने लगा और लगभग 3-4 महीने में मैं काफी काम सीख गया।
जिन कस्टमर को लड़कों से सर्विस लेने में परेशानी नहीं थी, उनके पास मैं भी मॉम के साथ सर्विस देता था।
इसी काम ने एक दिन अचानक मुझे कॉल बॉय बनने का मौका दिया।
एक दिन मेरी मॉम की तबियत ठीक नहीं थी और एक क्लाइंट के पास सर्विस के लिए जाना था।
पर मेरी मॉम साथ नहीं जा सकती थी।
तो मैंने पूछा कि अगर सिर्फ मुझसे सर्विस लेने में कोई समस्या नहीं है तो मैं अकेला आ सकता हूं।
इस बात पर क्लाइंट की तरफ से कोई परेशानी न होने पर बॉस ने मुझे अकेले जाने को बोल दिया।
मैं अपना पार्लर का किट लेकर निकल पड़ा।
दिए गए पते पर जाकर मैंने दरवाजा खटखटाया।
तो लगभग 40 वर्ष की आंटी ने दरवाजा खोला।
उनका नाम नेहा था।
अब मैं आपको नेहा के बारे में बताता हूं।
अगर आप ये सोच रहे होंगे कि मेरी मुलाकात किसी खूबसूरत आंटी से हुई होगी जिसको देखते ही किसी का भी लंड खड़ा हो जाए तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है।
नेहा का रंग गोरा था।
उसने नाइटी पहनी हुई थी पर ना तो उसकी चूची का पता चल रहा था ना ही गांड का।
उसका शरीर एकदम पतला था।
बाद में मुझे पता चला वजन मात्र 42 किलो था और हाइट भी कम थी।
जबकि उसके सामने मैं 75 किलो का 6 फीट हाइट के साथ शरीर के मुकाबले उससे बहुत बड़ा दिख रहा था।
नेहा ने मुझे देखकर मुस्कुराते हुए अंदर बुलाया।
फिर मैंने उनसे सर्विस के बारे में पूछा।
तो उसने पहले हेयर कट और आईब्रो बनाने को बोला।
मैंने उनको ड्रेस चेंज कर कुछ हल्का पहनने को बोला जिससे कपड़ों पर बाल ना लगें।
फिर वो कपड़े बदलकर आई।
उसने एक छोटा सा स्लीवलेस ड्रेस पहना था जो उसके शरीर से चिपका हुआ था।
पर उसके बाद भी उसके शरीर में कोई उभार नहीं दिख रहा था।
फिर मैं अपने काम में लग गया।
हल्की बातचीत करते हुए उसके बारे में पूछा।
तो उसने बताया कि वो एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करती है और उसका तलाक हो चुका है और वो घर में अकेली रहती है।
कटिंग और आईब्रो बनाने के बाद मैंने कहा, “मैम, और कोई सर्विस चाहिए?”
नेहा मुस्कुराते हुए बोली, “और क्या सर्विस करते हो?”
मैं कुछ समझ नहीं पाया।
मैंने पार्लर की सर्विस की लिस्ट बता दी।
उसने मुस्कुराते हुए कहा कि उसे वैक्सिंग करवानी है।
मैं अपना सामान तैयार करने लगा।
फिर मैंने वैक्सिंग शुरू किया।
पहले हाथ की वैक्सिंग की।
फिर उसने हाथ ऊपर उठाए और अपने अंडरआर्म्स दिखाए जिसमें काफी बाल थे, उसकी वैक्सिंग करने को कहा।
मैंने दोनों अंडरआर्म्स क्लीन कर दिए।
फिर उसके दोनों अंडरआर्म्स को चेक करने लगा कि कहीं कोई बाल बच तो नहीं गया।
उसने मुझे छूकर चेक करने को कहा।
मैं अंडरआर्म्स को छूने लगा।
तभी उसने हल्की सी सिसकारी ली और अचानक से मेरे लंड में हलचल हुई।
मुझे समझ आया कि नेहा क्या करना चाह रही है।
मैंने अनजान बनकर आगे का काम चालू किया और सोचा कि आगे जो होगा देखा जाएगा।
उसके बाद मैंने नेहा के पैरों की वैक्सिंग शुरू की और उसकी जांघों की वैक्सिंग करने लगा।
तभी मुझे पता लगा कि उसने पैंटी नहीं पहनी हुई थी।
उसकी जांघों के बीच में काफी घने बाल दिख रहे थे।
मैं जांघों की वैक्सिंग करने के बाद रुक गया।
फिर उसने कहा, “बिकिनी वैक्स भी कर दो!”
और ऐसा कहते ही उसने अपना ड्रेस ऊपर उठा दिया।
नेहा ने पैंटी नहीं पहनी हुई थी।
उसकी चूत के चारों ओर काफी घने बाल उग आए थे।
उसने कहा, “लॉकडाउन में कोई चोदने वाला नहीं मिला इसलिए सफाई नहीं हुई है। पर आज साफ कर ही दो। शायद इसी बहाने चुदाई का मौका मिल जाए।”
ऐसा बोलकर वो हंसने लगी।
उसके साथ मैं भी हंस पड़ा।
फिर मैंने नेहा की चूत की सफाई में लग गया।
उसकी चूत की सफाई करते हुए मेरा भी लंड खड़ा हो गया था।
पर मैं कोई ऐसी हरकत नहीं करना चाहता था कि कोई परेशानी हो जाए।
वैसे भी नेहा दिखने में कुछ खास नहीं थी तो मैंने कंट्रोल करने की सोची।
मैंने अपना काम खत्म किया और उसका ड्रेस नीचे कर दिया।
उस समय लॉकडाउन की सुबह की छूट खत्म होने का समय हो गया था।
मैंने कहा, “मैम, मेरा टाइम हो गया है। मुझे पेमेंट कर दीजिए।”
उसने पहले मुझे गुस्से से देखा फिर उदास होकर बोली, “मैं जानती हूं मैं दिखने में कुछ खास नहीं हूं। इसीलिए अपनी चूत खोलकर दिखाने के बाद भी तुम मुझे चोदना नहीं चाहते। इसी कारण से मैं कॉल बॉय सर्विस वालों से लड़के बुलवा कर चुदाई करवाती थी। पर लॉकडाउन के कारण अभी वो लड़के यहां तक नहीं आ सकते हैं। इसीलिए जब पार्लर सर्विस में तुम आ गए तो तुमसे ही अपनी चूत मरवाने की सोची।”
अब मेरे दिमाग में नेहा की चूत मारने की बात चलने लगी।
तभी उसने कहा, “तुम खुद से तो मेरी चूत नहीं चोदोगे लेकिन अगर तुम कॉल बॉय बनकर मुझे चोदोगे तो मैं तुम्हें ज्यादा पैसे दूंगी।”
मेरे मन में खुशी के लड्डू फूटने लगे कि जिसे मैं फ्री में चोदने के लिए तैयार हो रहा था वो पैसे देकर चुदने वाली थी।
उसने मुझसे कहा, “लॉकडाउन में कर्फ्यू लगने का टाइम होने वाला है। जल्दी से एक राउंड चोदो फिर चले जाना।”
मैंने कुछ सोचा फिर कहा, “अगर आज मैं यहीं रुक जाऊं और पूरा दिन और रात में भी सर्विस दूं तो कैसा रहेगा?”
ये सुनते ही नेहा का चेहरा खुशी से खिल गया।
उसने कहा, “फिर मैं भी तुम्हें खुश कर दूंगी!”
फिर मैंने मॉम को कॉल किया और बहाना बनाते हुए बोला, “मॉम, यहां कस्टमर के घर पर और भी लोग हैं जिन्हें पार्लर सर्विस की जरूरत है और कर्फ्यू लगने वाला है। इसीलिए आज मैं सर्विस कर यहीं रुक जाऊंगा और कल सुबह आ जाऊंगा।”
बात करने के बाद मैं नेहा के बगल में जाकर बैठ गया और फिर मुस्कुराते हुए उससे पूछा, “अब कौन सी सर्विस शुरू करूं?”
उसने भी मुस्कुराते हुए कहा, “बस मुझे खुश कर दो!”
मुझे इसके पहले चुदाई का कुछ खास अनुभव तो नहीं था।
बस कुछ समय पहले अपने स्कूल की एक मैम के साथ ट्यूशन में चुदाई की हुई थी।
इसी अनुभव का फायदा उठाते हुए मैंने नेहा को चोदने के तरीके सोचने लगा।
मैंने नेहा की आंखों में देखा और उसके होठों में अपने होठ लगा दिए।
फिर हम एक दूसरे के होठों को चूसने लगे।
कभी मैं उसके मुंह में अपनी जीभ डालता, कभी वो अपनी जीभ मेरे मुंह में।
ऐसे ही हमारी चुम्मा-चाटी लगभग 15-20 मिनट तक चली।
फिर मैंने उसे अपनी गोद में उठा लिया।
चूंकि उसका वजन बहुत ही कम था वो आसानी से मेरी गोद में आ गई।
और ऐसे ही उसे मैं बाथरूम में ले गया।
थोड़ी देर पहले ही मैंने उसकी कटिंग की थी और वैक्सिंग भी की थी इसलिए सफाई भी जरूरी थी।
बाथरूम में मैंने उसे नंगी कर दिया और मैं भी नंगा हो गया।
वैसे तो मेरा लंड ज्यादा बड़ा नहीं है लगभग 6 इंच का ही है पर वो मेरे लौड़े को देखकर खुश हो गई।
फिर मैंने शावर चालू कर उसके बदन में साबुन लगाना शुरू किया।
उसके पूरे बदन को साबुन के झाग से रगड़ने लगा।
उसकी छाती पर चूचे तो चपटे थे पर निप्पल बड़े-बड़े थे जिनको मैं रगड़ने लगा जो कि पूरे टाइट हो गए थे, फिर उसको मुंह में भरकर चूसने लगा।
नेहा के मुंह से आह्ह आह आह की आवाजें पूरे बाथरूम में गूंज रही थीं।
फिर मैंने उसकी चूत को भी रगड़ना शुरू किया।
उसकी चूत पहले से ही फटी हुई थी।
उसमें दो उंगलियां आराम से जा रही थीं।
साथ ही साथ मैं उसके गांड में भी उंगली कर रहा था।
ऐसे ही रगड़ते हुए थोड़ी देर में नेहा दो बार झड़ गई और छोटे शरीर की होने के कारण थक गई थी।
अभी मेरा लंड एक बार भी शांत नहीं हुआ था और मैं नेहा को पूरी तरह संतुष्ट करना चाहता था।
इसीलिए मैंने फिर नेहा को उठाया और बेडरूम में ले जाकर उसको टॉवेल से साफ किया और उसे बेड पर लिटा दिया।
अपने आप को साफ करके उसके ऊपर जाकर उसके निप्पलों को चूसने लगा।
धीरे-धीरे उसके निप्पल फिर से टाइट हो गए।
फिर मैं उसके पूरे शरीर को चाटते हुए उसके चूत पर गया और उसके चूत को मुंह में भरकर चूसने लगा।
नेहा मेरा सर अपनी चूत में दबाने लगी और लगभग 10 मिनट चूत चाटने के बाद वो मेरे मुंह में ही झड़ गई।
पर अभी मेरी शुरुआत हुई थी।
मैंने नेहा से कंडोम का पूछा।
तो उसने अपने ड्रेसिंग टेबल से कंडोम निकालकर लाने को बोला।
कंडोम लगाकर मैं सीधा नेहा के ऊपर चढ़ा और उसकी चूत में अपना लंड पेल दिया।
वो पहले से ही काफी खेली-खाई थी इसलिए मेरा लंड आसानी से उसकी चूत में चला गया।
और नेहा मजे से अपनी चुदाई करवा रही थी।
लगभग 10 मिनट तक नेहा के ऊपर चढ़कर चोदने के बाद मैंने उसे उठाकर अपनी गोद में बैठाकर चोदा।
फिर उसे उठाकर दीवार से टीका कर चोदा, फिर घोड़ी बनाकर चोदते हुए उसकी चूत में ही झड़ गया।
झड़ने के बाद मैं बिस्तर पर जाकर लेट गया और नेहा मेरे ऊपर आकर लेट गई।
थोड़ी देर बाद मैंने उसे पूछा, “कैसी लगी मेरी सर्विस?”
नेहा ने कहा, “मैंने काफी कॉल बॉयज के साथ चुदाई की हुई है और मेरे लंड और शरीर का साइज भी अच्छा है। जिससे मुझे भी कॉल बॉय के काम मिल सकते हैं।”
फिर उसने मुझे कॉल बॉय की एजेंसी का नंबर दिया जिससे मैं चाहूं तो अपना काम आगे जारी रख सकूं। जिसके बारे में हम अगली कहानी में बात करेंगे।
अब नेहा के साथ आगे की कहानी बताता हूं।
पहली चुदाई होने के बाद लगभग दिन के 2 बज गए थे।
हमने लंच करने की सोची।
लंच के साथ नेहा ने व्हिस्की की बॉटल निकाली जिससे हमने कुछ पैग लगाए और लंच किया।
लंच के बाद हम दोनों फिर से बिस्तर पर आकर बैठ गए।
फिर नेहा ने मेरा सिकुड़ा हुआ लंड मुंह में ले लिया और चूसने लगी जिससे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और मैं उसका मुंह चोदने लगा।
उसके बाद मैंने नेहा को लिटाकर 69 पोजिशन में आ गया। मैं उसकी चिकनी चूत चाटने लगा और उसके मुंह की चुदाई करने लगा।
फिर दोनों ने एक दूसरे के मुंह में अपना पानी छोड़ दिया।
मैंने उसका पानी पिया और उसने भी मेरे लंड को चाटकर साफ कर दिया।
फिर दोनों साथ ही सो गए।
इसके बाद रात में कैसे उसकी गांड मारी और किस तरह से चुदाई की, ये कहानी के अगले भाग में बताऊंगा।
तब तक के लिए मेरी कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद!
आपको मेरी जिगोलो Xxx कहानी कैसी लगी जरूर बताएं।
मेरी ईमेल आईडी है