हॉट चूत चुदाई स्टोरी में एक दूकान वाली बहुत सुंदर थी, उसे गाँव का हर लंड चोदना चाहता था. एक दूध वाले ने उसकी वासना को इतना भड़का दिया कि वह उससे चुद भी गयी.
दोस्तो, मैं आपको एक सत्य पर आधारित सेक्स कहानी सुना रहा था.
कहानी के पिछले भाग
दूकान वाली भाभी की प्यासी चूत
में आपने पढ़ लिया था कि गांव में राजू की पत्नी चुन्नी को सब लोग ललानी कहते थे और वह दुकान पर बैठ कर सबके अश्लील मजाक सहती रहती थी.
फिर एक दूध वाले नबी आलम ने ललानी को उसकी के घर में अपनी बांहों में भर लिया तो उसका खड़ा लंड लुंगी में से ललानी को महसूस होने लगा.
अब आगे हॉट चूत चुदाई स्टोरी:
दोस्तो. जैसा कि आप लोग जानते हैं कि ज्यादातर मुस्लिम लोग कुर्ता और लुंगी, जिसे तहमद भी कहते थे, पहनते थे. मुस्लिम लोग नीचे नेकर या कह लो अंडरवियर भी नहीं पहनते थे.
उस दिन जब नबी आलम ने चुन्नी को अपनी बांहों में भींचा तो चुन्नी ने अपनी पूरी ताकत से नबी आलम को पीछे धकेलते हुए धक्का दे दिया.
वह नबी आलम की पकड़ से अलग होती हुई गुस्से से बोली- निकल जा कमीने, अब मैं समझी कि तुम मुझ पर इतने मेहरबान क्यों थे? नहीं लेना कोई दूध मुझे … और उठाओ अपना ये सामान भी.
उसने सामान में ठोकर मार कर कहा.
नबी आलम की आंखों में आंसू आ गए.
उसने कहा- ललानी, ठीक है, मत लेना दूध … पर बस ये सामान तो ले लो. मैं तुम्हें अब कभी शक्ल नहीं दिखाऊंगा!
चुन्नी ने सोचा कि इसे अभी कैसे भी करके भगा देती हूँ, सामान इसे बाद में वापस कर दूंगी.
कुछ समय बाद चुन्नी बोली- ठीक है मुझे अब दूध नहीं चाहिए … तुम्हारे जो भी पैसे हैं, कल दे दूँगी!
नबी आलम भी चुपचाप उठकर बाहर आ गया और अब उसने दुकान पर आना बन्द कर दिया.
चुन्नी को यूं ही दूर से देख कर निकल जाता.
एक महीना बीत गया मगर चुन्नी को नबी आलम अपनी दुकान पर या गली में नहीं दिखा.
वैसे तो लोग उससे अब भी पहले जैसी डबल मीनिंग बातें करते या मजाक में कुछ भी बोल देते.
भूप सिंह भी अपने रंग दिखाता रहता मगर फिर भी कहीं न कहीं चुन्नी अन्दर से खुश नहीं थी.
वह अन्दर से ख़ुद में परेशान सी हो गई थी.
फिर एक दिन उसे कुछ सामान ढूंढते हुए नबी आलम का दिया हुआ सामान मिल गया.
जब उसने उसे खोल कर देखा तो उसमें एक सुन्दर सी लाल रंग की साड़ी और कुछ मेकअप का सामान था.
उसने ना चाहते हुए भी उस साड़ी को पहन लिया और आईने में खुद को देख कर शर्मा गई.
फिर उसे उस दिन का नबी आलम का खड़ा लंड याद आ गया और वह अपने ही सपने में खो गई.
आज उसने दुकान भी नहीं खोली और सो गई.
दोपहर को जब बच्चों ने उसे जगाया तो उसकी आंख खुली.
फिर बच्चों ने कुछ सवाल जवाब किए और रोजमर्रा की जिंदगी शुरू हो गई.
अब कभी कभी चुन्नी दूध देखती तो उसका खून खौल जाता क्योंकि अब जिससे वह दूध लेती वह दूध कम और पानी ज्यादा देता था.
कुछ दिन बीतने के बाद एक दिन चुन्नी ने अपने बड़े लड़के को नबी आलम के घर भेजा.
नबी आलम दूसरे दिन आया तो चुन्नी बोली- दूध देने क्यों नहीं आते हो?
नबी आलम बोला- अब ज्यादा दूध नहीं हो रहा है!
चुन्नी बोली- मुझे कुछ ना पता, कल से आधा लीटर दूध चाहिए बस … और पैसे जो चाहो ले लेना.
नबी आलम ना चाहते हुए बोला- ठीक है कल सुबह किसी बच्चे को भेज देना, मैं दूध उसे ही दे दूंगा.
चुन्नी बोली- ज्यादा ड्रामा मत करो, बच्चे स्कूल जाते हैं. चुपचाप 8-30 बजे के बाद दूध खुद देकर जाना पहले की तरह!
दूसरे दिन 9 बज कर 12 मिनट हो गए थे पर नबी आलम नहीं आया …
जबकि चुन्नी वही लाल रंग की साड़ी पहन कर रेडी हुई थी जो नबी आलम ने दी थी.
वह नई दुल्हन के जैसी सज-धज कर उसका बेसब्री से इंतजार कर रही थी.
ठीक 9-35 पर दरवाजे पर दस्तक हुई और जब चुन्नी ने दरवाजा खोल कर देखा तो नबी आलम आया था.
चुन्नी ने उसे घर के अन्दर बुलाया और दरवाज़ा बंद कर दिया.
वह नबी आलम से चिपक गई और बोली- मेरी बात इतनी बुरी लग गई तुम्हें … जो आना ही बंद कर दिया. मुझसे गलती हो गई, गुस्से में उल्टा सीधा मुँह से निकल गया था.
नबी आलम ये बात सुनकर खुश हो गया और बोला- ललानी मेरी जान, तुम कुछ भी कहो, पर मैं तुमसे प्यार करता हूं.
चुन्नी बोली- मैं भी तुमसे प्यार करती हूं, पर उस दिन तो न जाने क्या हो गया था … बस ऐसे ही डांट दिया था.
बस फिर क्या था … नबी आलम ने चुन्नी को चूमना शुरू कर दिया.
चुन्नी भी पागलों की तरह उसका साथ दे रही थी ‘आह आराम से करो न!’
नबी आलम ने चुन्नी को कुछ देर में ही गर्म कर दिया और उसके दूध दबा दबा कर चुन्नी को मजे की दुनिया में पहुंचा दिया.
अब चुन्नी को नबी आलम का खड़ा लंड उसकी चूत पर महसूस हुआ तो उसका हाथ अपने आप नबी आलम की लुंगी में उसके लंड पर चला गया.
जब उसने नबी आलम का खड़ा लंड अपने हाथ में पकड़ा तो उसे राजू के लंड से बड़ा और मोटा महसूस हुआ.
चुन्नी नीचे बैठ गईं और नबी आलम का लंड बाहर निकाल लिया.
जब उसने नबी आलम का खड़ा लंड देखा तो वह उसे चूमे बिना नहीं रह पाई.
नबी आलम भी मदहोश हो गया और बोला- मेरी जान, तुम कहती थी ना मेरा दूध … तो आज इसे चूसो और पी लो मेरा दूध.
चुन्नी बोली- पर दुकान नहीं खुली है न तो कोई ना कोई घर में सामान लेने आ जाएगा. उससे दिक्कत हो जाएगी. तुम जो कहोगे मैं सब करूंगी, पर अभी नहीं!
चुन्नी नबी आलम के होंठों और गाल पर किस करने लगी.
नबी आलम ने भी दिल में सोचा कि जल्दीबाजी करना ठीक नहीं होगा. वरना हाथ आई चिड़िया उड़ जाएगी.
वह अपने मन में मुस्कुराया और चुन्नी से अलग हो गया.
उसने अलग होते होते चुन्नी की गांड अपने हाथ से पकड़ कर दबा दी.
उस दिन खुशी में नबी आलम ने पूरी बाल्टी दूध चुन्नी को दे दिया और चला गया.
चुन्नी ने उसके जाने के बाद दुकान खोली और अपना काम-काज देखने लगी.
आज चुन्नी बहुत खुश थी.
अब से उसने समझ लिया था कि मर्दों को किस तरीके से उल्लू बनाया जा सकता है तो वह सबसे दिल खोलकर बात करती रही और पूरा दिन हंसी मजाक करती रही.
अब तो हर दिन नबी आलम दूध बांटकर जब भी गांव में आता, तब वह चुन्नी के लिए कुछ ना कुछ खाने की चीज जैसे समोसे पकोड़ी फल मिठाई आदि साथ में ले आता.
वह हर रोज़ वापसी में आता तो चुन्नी को दुकान पर सामान दे जाता.
अगर कोई उस समय दुकान पर खड़ा होता तो वह चुपचाप सामान देकर चला जाता.
अगर गली में कोई नहीं हुआ, दुकान पर सिर्फ चुन्नी होती तो उसे किस करके, दूध दबा कर या गांड सहला कर ही जाता.
चुन्नी की जिंदगी अब मस्त कट रही थी.
कुछ दिनों बाद नबी आलम बोला- मुझे प्यार करना है!
चुन्नी बोली- कहीं जगह नहीं है, मैं भी समझती हूं तुम्हारे दिल की बात!
कुछ दिन बाद बारिश का मौसम चालू हो गया.
बारिश में दुकान पर ज्यादा लोग सामान लेने नहीं आते तो नबी आलम भी अपना सारा काम निपटा कर दुकान पर बैठा रहता.
बीच बीच में मौका मिलते ही अपना दिल बहला लेता.
वह चुन्नी को किस करके या दूध दबा कर मस्ती कर लेता.
एक दिन बारिश बहुत तेज़ हो रही थी तो नबी आलम ने मौके का फायदा उठा कर चुन्नी को दुकान के काउंटर पर झुका दिया और अपना लंड पर थूक लगा कर चुन्नी की बालों वाली चूत में लंड घुसा दिया.
चुन्नी ने आज कई महीनों बाद मोटा लंड अपनी चूत में लिया था तो उसे दर्द हुआ और वह चीख पड़ी.
मगर तेज बारिश में उसकी चीख नबी आलम के अलावा किसी ने नहीं सुनी.
फिर नबी आलम अपना पूरा लंड डाल कर चुन्नी को तेज तेज चोदने लगा और चुन्नी दर्द और मजे में आह आह ओह ओह करती हुई चुदती रही.
आज पहली बार चुन्नी को पता चला कि चुदाई 10 मिनट से ज्यादा भी देर तक चलती है.
इधर नबी आलम भी मजे से चुन्नी को झुका कर अपना खतना हुआ लंड चुन्नी की चूत में अन्दर बाहर कर रहा था.
वह बीच बीच में चुन्नी के दूध भी मसल रहा था.
चुन्नी को भी आज एक नया जीवन मिल गया था और वह भी गैर मर्द के लंड से चुदाई का मजा ले रही थी.
करीब 25 मिनट के बाद नबी आलम ने चुन्नी की चूत में बारिश कर दी और आराम से बैठ गया.
चुन्नी भी इतनी देर में अपनी चूत से दो बार पानी छोड़ चुकी थी.
उसने नबी आलम को खूब चूमा और बोली- तुम में बहुत ताकत है!
नबी आलम बोला- क्यों राजू भईया में नहीं है इतनी ताकत क्या?
चुन्नी बोली- वे तो दस मिनट में ही थक जाते हैं.
नबी आलम बोला- तुम्हारी चूत पर बाल बहुत हैं ललानी!
चुन्नी बोली- अब तुम्हें कभी दोबारा मेरी चूत पर बाल नहीं मिलेंगे. अब तक तो इसकी सफाई करने की जरूरत नहीं पड़ी पर अब मुझे इसे साफ रखने की वजह मिल गई है.
थोड़ी देर में नबी आलम का लंड फिर से खड़ा हो गया और वह चुन्नी को दोबारा झुका कर चोदने लगा.
इतने में उसे कोई दुकान पर आता हुआ दिखाई दिया तो वे दोनों अलग हो गए.
कुछ देर बाद जब सामान लेकर वह लड़का चला गया तो उन दोनों ने फिर से चुदाई चालू कर दी.
फिर से आह आह आह आराम से और टप टप की आवाजें दुकान में गूंजने लगीं.
दोस्तो, अब ये सिलसिला रोज रोज चलने लगा.
चुन्नी को भी मोटे लंड का स्वाद मिल गया था तो वह भी रोजाना दुकान में नबी आलम से चुदवाने लगी थी.
नबी आलम भी चुन्नी को उसकी पसन्द की हर चीज दिलाने लगा था.
कुछ ही दिनों में मोहल्ले वालों को शक हो गया कि चुन्नी को नबी आलम चोद रहा है.
अब तो चुन्नी से हर जवान लड़का या बूढ़ा मजाक मजाक में कह देता- ललानी, ये गलत बात है, तुम अपनी रसमलाई दूध वाले को ही खिला रही हो!
कोई कहता कि मजा तो तुम ही ले रही हो!
अब तो भूप सिंह भी कहता कि ललानी हमारे गियर में भी दम था, पर तुम तो एक मुल्ले से अपनी गाड़ी चलवा रही हो!
चुन्नी किसी से कुछ नहीं कहती.
चुन्नी नबी आलम से दुकान में कम चुदवाने लगी थी इसी वजह से नबी आलम भी गुस्सा रहने लगा था.
फिर एक दिन नबी आलम बोला- मुझसे सच में प्यार करती हो तो ये लो नींद की गोली और सबके खाने में मिला देना.
बस चुन्नी मान गई और उसने ना चाहते हुए भी गोलियां हाथ में ले लीं और आज रात 11बजे आने को बोला.
शाम को चुन्नी ने सबके खाने में नींद की गोली मिला दी और सब खाना खा कर 9 बजे तक सो गए.
फिर चुन्नी नहा धोकर सज धज कर रेडी हो गई.
वह नबी आलम के आने की राह देखने लगी.
नबी आलम भी 10:45 तक आ गया.
उसके आने से पहले ही चुन्नी ने बिस्तर लगा रखा था.
नबी आलम चुन्नी को लेकर बिस्तर पर चला गया और चूमने चाटने लगा.
आज दोनों को कोई जल्दी नहीं थी.
बहुत आराम से दोनों ने एक दूसरे के होंठों को चूसा और नबी आलम चुन्नी को नंगी कर दिया.
उसने उस दिन पहली बार चुन्नी की चूत में अपनी जीभ डाल दी.
इस मजे से चुन्नी पागल हो गई और आह आह ओह ओह करने लगी.
अब तक नबी आलम ने चुन्नी को चोदा तो कई बार था मगर सब जल्दीबाजी में हुआ था.
पर आज दोनों में से किसी को कोई डर या जल्दी नहीं थी.
आज दोनों को पता था और पूरा भरोसा था कि आज उन्हें परेशान करने कोई नहीं आएगा.
नबी आलम किसी पागल कुत्ते की तरह चुन्नी की चूत चाट रहा था.
चुन्नी ने भी जल्द ही अपना पानी नबी आलम के मुँह में छोड़ दिया.
नबी आलम ने चुन्नी को अपना लंड चूसने का इशारा किया तो चुन्नी भी झट से लंड चूसने लगी.
कुछ देर चुन्नी से लंड चुसवा कर नबी आलम ने चुन्नी की टांगें फैला दीं और अपने कंधे पर रख कर अपना लंड चुन्नी की चूत में घुसेड़ दिया.
चुन्नी पागल हो गई और ‘आह आह आह ओह ओह आई आई’ करती हुई मस्त आवाज निकालने लगी.
इधर नबी आलम भी अपना हर धक्का पूरी ताकत से लगाते हुए चुन्नी को चोद रहा था.
पट पट की आवाज के साथ चुन्नी की आवाज निकल रही थी- आह ओह … और तेज चोदो मुझे … आह आह.
चुन्नी खुल कर चुदवा रही थी.
कुछ देर में ही चुन्नी ने फिर से पानी छोड़ दिया और अब नबी आलम का लंड सरकता हुआ चिकनाई में अन्दर बाहर हो रहा था.
मगर आलम पूरी दम से चुदाई में लगा हुआ था.
कुछ देर चुदाई के बाद चुन्नी ने फिर से पानी छोड़ दिया और उसके बाद नबी आलम ने भी अपना वीर्य चुन्नी की चूत को पिला दिया.
इस तरह से सुबह 5 बजे तक हर तरह से नबी आलम ने चुन्नी को चोदा.
उसने झुका कर, लिटा कर, कुतिया बना कर, अपने लौड़े पर झूला झुला कर खूब चोदा.
चुदाई के बाद सुबह 5 बजे जब नबी आलम चुन्नी के घर से बाहर निकल रहा था, तो उसे रास्ते में अपने ट्यूबेल से आता हुआ भूप सिंह मिल गया.
भूप सिंह ने उसे देख लिया और वह समझ गया कि ये चुन्नी को चोद कर आ रहा है.
गांव में तो पहले से ही बहुत लोगों को शक था कि नबी आलम चुन्नी में कुछ चल रहा है.
अब भूप सिंह को भी नबी आलम पर शक पक्का सा होने लगा.
सुबह सुबह चुन्नी की हॉट चूत चुदाई से वह काफी थक गई और इसी वजह से वह देर से जागी.
आज सब देर से उठे थे.
फिर चुन्नी ने भी अपनी तबियत खराब का बहाना कर दिया इसलिए आज चुन्नी की बेटी डोली ने उसे दुकान खोलने से रोक लिया.
डोली ने ही घर का सारा काम किया.
जब नबी आलम दूध देने आया तो डोली ने चुन्नी की तबियत खराब बताई.
नबी आलम अनजान बनते हुए बोला- अरे ललानी तो ठीक थी, अचानक उनको क्या हुआ?
वह चुन्नी के कमरे में चला आया, उसके साथ में डोली भी आ गई.
नबी आलम बोला- अरे ललानी, कल शाम तो मैंने तुम्हें ठीक देखा था, रात को ऐसा क्या खा लिया जो बीमार पड़ गईं?
वह यह कह कर मुस्कुरा दिया!
चुन्नी भी मुस्कुरा कर बोली- कुछ नहीं, बस केला खा लिया था.
डोली अपनी मां और नबी आलम की बात समझने की कोशिश कर रही थी पर उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था.
नबी आलम बोला- ललानी, जब केला नुकसान देता है तो खाती ही क्यों हो?
चुन्नी बोली- अरे ये वाला केला बिना छिलके का था, इसी लिए ताकत ज्यादा थी और मैंने अब तक छिलका चढ़ा हुआ ही केला खाया है!
डोली को कुछ भी समझ में नहीं आया कि छिलके वाला केला कौन खाता है.
उसने कहा- मम्मी कल तो अपने घर केले आए ही नहीं तो झूठ क्यों बोल रही हो?
चुन्नी बोली- बेटा केले तो आए थे, ये तेरे चच्चा ही मुझे केला दे गए थे.
डोली बोली- मम्मी अच्छा हुआ कि मैंने केला नहीं खाया था … नहीं तो मैं भी बीमार पड़ जाती!
ये बात सुनकर चुन्नी चौंक गई.
नबी आलम बोला- बेटा, अगर एक बार मेरा लाया हुआ केला खा लिया तो तुझे भी ये बीमारी अच्छी लगेगी.
यह कह कर वह हंस दिया.
चुन्नी समझ गई कि अब पानी सर से ऊपर जा रहा है तो वह बोली- बेटी जा … और कुछ खाना बना ले.
डोली किचन में चली गई.
चुन्नी ने नबी आलम से कहा- मेरी लड़की से गंदा मजाक करते हुए शर्म नहीं आई तुम्हें?
नबी आलम बोला- अरे कभी न कभी तो उसे भी केला खाना ही है!
चुन्नी समझ तो गई थी कि डोली भी किसी न किसी से केला खा ही लेगी … इससे पहले उसकी शादी करवा देती हूँ.
दोस्तो, यह सेक्स कहानी सच्ची घटना पर आधारित है.
इसमें आगे अभी बहुत कुछ लिखना बाकी है पर वह सब आपके मेल मिलने पर ही लिखूँगा कि भूप सिंह का क्या हुआ और डोली ने किसका केला खाया.
हॉट चूत चुदाई स्टोरी पर आपके मेल आमंत्रित हैं.
दोस्तो, मैं आपको एक सत्य पर आधारित सेक्स कहानी सुना रहा था.
कहानी के पिछले भाग
दूकान वाली भाभी की प्यासी चूत
में आपने पढ़ लिया था कि गांव में राजू की पत्नी चुन्नी को सब लोग ललानी कहते थे और वह दुकान पर बैठ कर सबके अश्लील मजाक सहती रहती थी.
फिर एक दूध वाले नबी आलम ने ललानी को उसकी के घर में अपनी बांहों में भर लिया तो उसका खड़ा लंड लुंगी में से ललानी को महसूस होने लगा.
अब आगे हॉट चूत चुदाई स्टोरी:
दोस्तो. जैसा कि आप लोग जानते हैं कि ज्यादातर मुस्लिम लोग कुर्ता और लुंगी, जिसे तहमद भी कहते थे, पहनते थे. मुस्लिम लोग नीचे नेकर या कह लो अंडरवियर भी नहीं पहनते थे.
उस दिन जब नबी आलम ने चुन्नी को अपनी बांहों में भींचा तो चुन्नी ने अपनी पूरी ताकत से नबी आलम को पीछे धकेलते हुए धक्का दे दिया.
वह नबी आलम की पकड़ से अलग होती हुई गुस्से से बोली- निकल जा कमीने, अब मैं समझी कि तुम मुझ पर इतने मेहरबान क्यों थे? नहीं लेना कोई दूध मुझे … और उठाओ अपना ये सामान भी.
उसने सामान में ठोकर मार कर कहा.
नबी आलम की आंखों में आंसू आ गए.
उसने कहा- ललानी, ठीक है, मत लेना दूध … पर बस ये सामान तो ले लो. मैं तुम्हें अब कभी शक्ल नहीं दिखाऊंगा!
चुन्नी ने सोचा कि इसे अभी कैसे भी करके भगा देती हूँ, सामान इसे बाद में वापस कर दूंगी.
कुछ समय बाद चुन्नी बोली- ठीक है मुझे अब दूध नहीं चाहिए … तुम्हारे जो भी पैसे हैं, कल दे दूँगी!
नबी आलम भी चुपचाप उठकर बाहर आ गया और अब उसने दुकान पर आना बन्द कर दिया.
चुन्नी को यूं ही दूर से देख कर निकल जाता.
एक महीना बीत गया मगर चुन्नी को नबी आलम अपनी दुकान पर या गली में नहीं दिखा.
वैसे तो लोग उससे अब भी पहले जैसी डबल मीनिंग बातें करते या मजाक में कुछ भी बोल देते.
भूप सिंह भी अपने रंग दिखाता रहता मगर फिर भी कहीं न कहीं चुन्नी अन्दर से खुश नहीं थी.
वह अन्दर से ख़ुद में परेशान सी हो गई थी.
फिर एक दिन उसे कुछ सामान ढूंढते हुए नबी आलम का दिया हुआ सामान मिल गया.
जब उसने उसे खोल कर देखा तो उसमें एक सुन्दर सी लाल रंग की साड़ी और कुछ मेकअप का सामान था.
उसने ना चाहते हुए भी उस साड़ी को पहन लिया और आईने में खुद को देख कर शर्मा गई.
फिर उसे उस दिन का नबी आलम का खड़ा लंड याद आ गया और वह अपने ही सपने में खो गई.
आज उसने दुकान भी नहीं खोली और सो गई.
दोपहर को जब बच्चों ने उसे जगाया तो उसकी आंख खुली.
फिर बच्चों ने कुछ सवाल जवाब किए और रोजमर्रा की जिंदगी शुरू हो गई.
अब कभी कभी चुन्नी दूध देखती तो उसका खून खौल जाता क्योंकि अब जिससे वह दूध लेती वह दूध कम और पानी ज्यादा देता था.
कुछ दिन बीतने के बाद एक दिन चुन्नी ने अपने बड़े लड़के को नबी आलम के घर भेजा.
नबी आलम दूसरे दिन आया तो चुन्नी बोली- दूध देने क्यों नहीं आते हो?
नबी आलम बोला- अब ज्यादा दूध नहीं हो रहा है!
चुन्नी बोली- मुझे कुछ ना पता, कल से आधा लीटर दूध चाहिए बस … और पैसे जो चाहो ले लेना.
नबी आलम ना चाहते हुए बोला- ठीक है कल सुबह किसी बच्चे को भेज देना, मैं दूध उसे ही दे दूंगा.
चुन्नी बोली- ज्यादा ड्रामा मत करो, बच्चे स्कूल जाते हैं. चुपचाप 8-30 बजे के बाद दूध खुद देकर जाना पहले की तरह!
दूसरे दिन 9 बज कर 12 मिनट हो गए थे पर नबी आलम नहीं आया …
जबकि चुन्नी वही लाल रंग की साड़ी पहन कर रेडी हुई थी जो नबी आलम ने दी थी.
वह नई दुल्हन के जैसी सज-धज कर उसका बेसब्री से इंतजार कर रही थी.
ठीक 9-35 पर दरवाजे पर दस्तक हुई और जब चुन्नी ने दरवाजा खोल कर देखा तो नबी आलम आया था.
चुन्नी ने उसे घर के अन्दर बुलाया और दरवाज़ा बंद कर दिया.
वह नबी आलम से चिपक गई और बोली- मेरी बात इतनी बुरी लग गई तुम्हें … जो आना ही बंद कर दिया. मुझसे गलती हो गई, गुस्से में उल्टा सीधा मुँह से निकल गया था.
नबी आलम ये बात सुनकर खुश हो गया और बोला- ललानी मेरी जान, तुम कुछ भी कहो, पर मैं तुमसे प्यार करता हूं.
चुन्नी बोली- मैं भी तुमसे प्यार करती हूं, पर उस दिन तो न जाने क्या हो गया था … बस ऐसे ही डांट दिया था.
बस फिर क्या था … नबी आलम ने चुन्नी को चूमना शुरू कर दिया.
चुन्नी भी पागलों की तरह उसका साथ दे रही थी ‘आह आराम से करो न!’
नबी आलम ने चुन्नी को कुछ देर में ही गर्म कर दिया और उसके दूध दबा दबा कर चुन्नी को मजे की दुनिया में पहुंचा दिया.
अब चुन्नी को नबी आलम का खड़ा लंड उसकी चूत पर महसूस हुआ तो उसका हाथ अपने आप नबी आलम की लुंगी में उसके लंड पर चला गया.
जब उसने नबी आलम का खड़ा लंड अपने हाथ में पकड़ा तो उसे राजू के लंड से बड़ा और मोटा महसूस हुआ.
चुन्नी नीचे बैठ गईं और नबी आलम का लंड बाहर निकाल लिया.
जब उसने नबी आलम का खड़ा लंड देखा तो वह उसे चूमे बिना नहीं रह पाई.
नबी आलम भी मदहोश हो गया और बोला- मेरी जान, तुम कहती थी ना मेरा दूध … तो आज इसे चूसो और पी लो मेरा दूध.
चुन्नी बोली- पर दुकान नहीं खुली है न तो कोई ना कोई घर में सामान लेने आ जाएगा. उससे दिक्कत हो जाएगी. तुम जो कहोगे मैं सब करूंगी, पर अभी नहीं!
चुन्नी नबी आलम के होंठों और गाल पर किस करने लगी.
नबी आलम ने भी दिल में सोचा कि जल्दीबाजी करना ठीक नहीं होगा. वरना हाथ आई चिड़िया उड़ जाएगी.
वह अपने मन में मुस्कुराया और चुन्नी से अलग हो गया.
उसने अलग होते होते चुन्नी की गांड अपने हाथ से पकड़ कर दबा दी.
उस दिन खुशी में नबी आलम ने पूरी बाल्टी दूध चुन्नी को दे दिया और चला गया.
चुन्नी ने उसके जाने के बाद दुकान खोली और अपना काम-काज देखने लगी.
आज चुन्नी बहुत खुश थी.
अब से उसने समझ लिया था कि मर्दों को किस तरीके से उल्लू बनाया जा सकता है तो वह सबसे दिल खोलकर बात करती रही और पूरा दिन हंसी मजाक करती रही.
अब तो हर दिन नबी आलम दूध बांटकर जब भी गांव में आता, तब वह चुन्नी के लिए कुछ ना कुछ खाने की चीज जैसे समोसे पकोड़ी फल मिठाई आदि साथ में ले आता.
वह हर रोज़ वापसी में आता तो चुन्नी को दुकान पर सामान दे जाता.
अगर कोई उस समय दुकान पर खड़ा होता तो वह चुपचाप सामान देकर चला जाता.
अगर गली में कोई नहीं हुआ, दुकान पर सिर्फ चुन्नी होती तो उसे किस करके, दूध दबा कर या गांड सहला कर ही जाता.
चुन्नी की जिंदगी अब मस्त कट रही थी.
कुछ दिनों बाद नबी आलम बोला- मुझे प्यार करना है!
चुन्नी बोली- कहीं जगह नहीं है, मैं भी समझती हूं तुम्हारे दिल की बात!
कुछ दिन बाद बारिश का मौसम चालू हो गया.
बारिश में दुकान पर ज्यादा लोग सामान लेने नहीं आते तो नबी आलम भी अपना सारा काम निपटा कर दुकान पर बैठा रहता.
बीच बीच में मौका मिलते ही अपना दिल बहला लेता.
वह चुन्नी को किस करके या दूध दबा कर मस्ती कर लेता.
एक दिन बारिश बहुत तेज़ हो रही थी तो नबी आलम ने मौके का फायदा उठा कर चुन्नी को दुकान के काउंटर पर झुका दिया और अपना लंड पर थूक लगा कर चुन्नी की बालों वाली चूत में लंड घुसा दिया.
चुन्नी ने आज कई महीनों बाद मोटा लंड अपनी चूत में लिया था तो उसे दर्द हुआ और वह चीख पड़ी.
मगर तेज बारिश में उसकी चीख नबी आलम के अलावा किसी ने नहीं सुनी.
फिर नबी आलम अपना पूरा लंड डाल कर चुन्नी को तेज तेज चोदने लगा और चुन्नी दर्द और मजे में आह आह ओह ओह करती हुई चुदती रही.
आज पहली बार चुन्नी को पता चला कि चुदाई 10 मिनट से ज्यादा भी देर तक चलती है.
इधर नबी आलम भी मजे से चुन्नी को झुका कर अपना खतना हुआ लंड चुन्नी की चूत में अन्दर बाहर कर रहा था.
वह बीच बीच में चुन्नी के दूध भी मसल रहा था.
चुन्नी को भी आज एक नया जीवन मिल गया था और वह भी गैर मर्द के लंड से चुदाई का मजा ले रही थी.
करीब 25 मिनट के बाद नबी आलम ने चुन्नी की चूत में बारिश कर दी और आराम से बैठ गया.
चुन्नी भी इतनी देर में अपनी चूत से दो बार पानी छोड़ चुकी थी.
उसने नबी आलम को खूब चूमा और बोली- तुम में बहुत ताकत है!
नबी आलम बोला- क्यों राजू भईया में नहीं है इतनी ताकत क्या?
चुन्नी बोली- वे तो दस मिनट में ही थक जाते हैं.
नबी आलम बोला- तुम्हारी चूत पर बाल बहुत हैं ललानी!
चुन्नी बोली- अब तुम्हें कभी दोबारा मेरी चूत पर बाल नहीं मिलेंगे. अब तक तो इसकी सफाई करने की जरूरत नहीं पड़ी पर अब मुझे इसे साफ रखने की वजह मिल गई है.
थोड़ी देर में नबी आलम का लंड फिर से खड़ा हो गया और वह चुन्नी को दोबारा झुका कर चोदने लगा.
इतने में उसे कोई दुकान पर आता हुआ दिखाई दिया तो वे दोनों अलग हो गए.
कुछ देर बाद जब सामान लेकर वह लड़का चला गया तो उन दोनों ने फिर से चुदाई चालू कर दी.
फिर से आह आह आह आराम से और टप टप की आवाजें दुकान में गूंजने लगीं.
दोस्तो, अब ये सिलसिला रोज रोज चलने लगा.
चुन्नी को भी मोटे लंड का स्वाद मिल गया था तो वह भी रोजाना दुकान में नबी आलम से चुदवाने लगी थी.
नबी आलम भी चुन्नी को उसकी पसन्द की हर चीज दिलाने लगा था.
कुछ ही दिनों में मोहल्ले वालों को शक हो गया कि चुन्नी को नबी आलम चोद रहा है.
अब तो चुन्नी से हर जवान लड़का या बूढ़ा मजाक मजाक में कह देता- ललानी, ये गलत बात है, तुम अपनी रसमलाई दूध वाले को ही खिला रही हो!
कोई कहता कि मजा तो तुम ही ले रही हो!
अब तो भूप सिंह भी कहता कि ललानी हमारे गियर में भी दम था, पर तुम तो एक मुल्ले से अपनी गाड़ी चलवा रही हो!
चुन्नी किसी से कुछ नहीं कहती.
चुन्नी नबी आलम से दुकान में कम चुदवाने लगी थी इसी वजह से नबी आलम भी गुस्सा रहने लगा था.
फिर एक दिन नबी आलम बोला- मुझसे सच में प्यार करती हो तो ये लो नींद की गोली और सबके खाने में मिला देना.
बस चुन्नी मान गई और उसने ना चाहते हुए भी गोलियां हाथ में ले लीं और आज रात 11बजे आने को बोला.
शाम को चुन्नी ने सबके खाने में नींद की गोली मिला दी और सब खाना खा कर 9 बजे तक सो गए.
फिर चुन्नी नहा धोकर सज धज कर रेडी हो गई.
वह नबी आलम के आने की राह देखने लगी.
नबी आलम भी 10:45 तक आ गया.
उसके आने से पहले ही चुन्नी ने बिस्तर लगा रखा था.
नबी आलम चुन्नी को लेकर बिस्तर पर चला गया और चूमने चाटने लगा.
आज दोनों को कोई जल्दी नहीं थी.
बहुत आराम से दोनों ने एक दूसरे के होंठों को चूसा और नबी आलम चुन्नी को नंगी कर दिया.
उसने उस दिन पहली बार चुन्नी की चूत में अपनी जीभ डाल दी.
इस मजे से चुन्नी पागल हो गई और आह आह ओह ओह करने लगी.
अब तक नबी आलम ने चुन्नी को चोदा तो कई बार था मगर सब जल्दीबाजी में हुआ था.
पर आज दोनों में से किसी को कोई डर या जल्दी नहीं थी.
आज दोनों को पता था और पूरा भरोसा था कि आज उन्हें परेशान करने कोई नहीं आएगा.
नबी आलम किसी पागल कुत्ते की तरह चुन्नी की चूत चाट रहा था.
चुन्नी ने भी जल्द ही अपना पानी नबी आलम के मुँह में छोड़ दिया.
नबी आलम ने चुन्नी को अपना लंड चूसने का इशारा किया तो चुन्नी भी झट से लंड चूसने लगी.
कुछ देर चुन्नी से लंड चुसवा कर नबी आलम ने चुन्नी की टांगें फैला दीं और अपने कंधे पर रख कर अपना लंड चुन्नी की चूत में घुसेड़ दिया.
चुन्नी पागल हो गई और ‘आह आह आह ओह ओह आई आई’ करती हुई मस्त आवाज निकालने लगी.
इधर नबी आलम भी अपना हर धक्का पूरी ताकत से लगाते हुए चुन्नी को चोद रहा था.
पट पट की आवाज के साथ चुन्नी की आवाज निकल रही थी- आह ओह … और तेज चोदो मुझे … आह आह.
चुन्नी खुल कर चुदवा रही थी.
कुछ देर में ही चुन्नी ने फिर से पानी छोड़ दिया और अब नबी आलम का लंड सरकता हुआ चिकनाई में अन्दर बाहर हो रहा था.
मगर आलम पूरी दम से चुदाई में लगा हुआ था.
कुछ देर चुदाई के बाद चुन्नी ने फिर से पानी छोड़ दिया और उसके बाद नबी आलम ने भी अपना वीर्य चुन्नी की चूत को पिला दिया.
इस तरह से सुबह 5 बजे तक हर तरह से नबी आलम ने चुन्नी को चोदा.
उसने झुका कर, लिटा कर, कुतिया बना कर, अपने लौड़े पर झूला झुला कर खूब चोदा.
चुदाई के बाद सुबह 5 बजे जब नबी आलम चुन्नी के घर से बाहर निकल रहा था, तो उसे रास्ते में अपने ट्यूबेल से आता हुआ भूप सिंह मिल गया.
भूप सिंह ने उसे देख लिया और वह समझ गया कि ये चुन्नी को चोद कर आ रहा है.
गांव में तो पहले से ही बहुत लोगों को शक था कि नबी आलम चुन्नी में कुछ चल रहा है.
अब भूप सिंह को भी नबी आलम पर शक पक्का सा होने लगा.
सुबह सुबह चुन्नी की हॉट चूत चुदाई से वह काफी थक गई और इसी वजह से वह देर से जागी.
आज सब देर से उठे थे.
फिर चुन्नी ने भी अपनी तबियत खराब का बहाना कर दिया इसलिए आज चुन्नी की बेटी डोली ने उसे दुकान खोलने से रोक लिया.
डोली ने ही घर का सारा काम किया.
जब नबी आलम दूध देने आया तो डोली ने चुन्नी की तबियत खराब बताई.
नबी आलम अनजान बनते हुए बोला- अरे ललानी तो ठीक थी, अचानक उनको क्या हुआ?
वह चुन्नी के कमरे में चला आया, उसके साथ में डोली भी आ गई.
नबी आलम बोला- अरे ललानी, कल शाम तो मैंने तुम्हें ठीक देखा था, रात को ऐसा क्या खा लिया जो बीमार पड़ गईं?
वह यह कह कर मुस्कुरा दिया!
चुन्नी भी मुस्कुरा कर बोली- कुछ नहीं, बस केला खा लिया था.
डोली अपनी मां और नबी आलम की बात समझने की कोशिश कर रही थी पर उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था.
नबी आलम बोला- ललानी, जब केला नुकसान देता है तो खाती ही क्यों हो?
चुन्नी बोली- अरे ये वाला केला बिना छिलके का था, इसी लिए ताकत ज्यादा थी और मैंने अब तक छिलका चढ़ा हुआ ही केला खाया है!
डोली को कुछ भी समझ में नहीं आया कि छिलके वाला केला कौन खाता है.
उसने कहा- मम्मी कल तो अपने घर केले आए ही नहीं तो झूठ क्यों बोल रही हो?
चुन्नी बोली- बेटा केले तो आए थे, ये तेरे चच्चा ही मुझे केला दे गए थे.
डोली बोली- मम्मी अच्छा हुआ कि मैंने केला नहीं खाया था … नहीं तो मैं भी बीमार पड़ जाती!
ये बात सुनकर चुन्नी चौंक गई.
नबी आलम बोला- बेटा, अगर एक बार मेरा लाया हुआ केला खा लिया तो तुझे भी ये बीमारी अच्छी लगेगी.
यह कह कर वह हंस दिया.
चुन्नी समझ गई कि अब पानी सर से ऊपर जा रहा है तो वह बोली- बेटी जा … और कुछ खाना बना ले.
डोली किचन में चली गई.
चुन्नी ने नबी आलम से कहा- मेरी लड़की से गंदा मजाक करते हुए शर्म नहीं आई तुम्हें?
नबी आलम बोला- अरे कभी न कभी तो उसे भी केला खाना ही है!
चुन्नी समझ तो गई थी कि डोली भी किसी न किसी से केला खा ही लेगी … इससे पहले उसकी शादी करवा देती हूँ.
दोस्तो, यह सेक्स कहानी सच्ची घटना पर आधारित है.
इसमें आगे अभी बहुत कुछ लिखना बाकी है पर वह सब आपके मेल मिलने पर ही लिखूँगा कि भूप सिंह का क्या हुआ और डोली ने किसका केला खाया.
हॉट चूत चुदाई स्टोरी पर आपके मेल आमंत्रित हैं.