أهلا وسهلا بك زائرنا الكريم في مكس رومانسيات وحكايات سكس، لكي تتمكن من المشاركة ومشاهدة جميع أقسام المنتدى وكافة الميزات ، يجب عليك إنشاء حساب جديد بالتسجيل بالضغط هنا أو تسجيل الدخول اضغط هنا إذا كنت عضواً .



06-10-2026 03:02 صباحاً
معلومات الكاتب ▼
تاريخ الإنضمام : 20-09-2026
رقم العضوية : 44
المشاركات : 142
الجنس :
قوة السمعة : 10
ऐस्स पुसी सेक्स कहानी में मैं अपने ममेरे भी और उसके दोस्त से एक साथ अपनी चूत और गांड मरवाने को बेताब थी. मेरी यह तमन्ना कैसे पूरी हुई?






दोस्तो, मैं आपकी जाह्नवी एक बार फिर से अपनी थ्रीसम सेक्स कहानी के अगले भाग के साथ हाजिर हूँ.

पिछले भाग
भाई और उसके दोस्त से एक साथ चुदने की प्लान
में आपने पढ़ लिया था कि आज मुझे मेरा ममेरा भाई आशीष और मेरे साथ डांस सीखने वाला मेरा दोस्त राहुल मुझे एक साथ आगे पीछे से चोदने वाले थे.
मैं काले रंग के मस्त सलवार सूट में रेडी थी.
मेरे भाई ने मुझे गोद में उठाया और कमरे में ले जाकर बेड पर पटक दिया.

अब आगे ऐस्स पुसी सेक्स कहानी:

आशीष ने मुझे बेड पर ले जाकर पटक दिया और मुझे वासना से देखने लगा.
तब तक राहुल भी रूम में आ गया.

वह बोला- बताओ कैसे करवाना है?
मैं बोली- मैं क्या बताऊं, तुम दोनों बताओ?

राहुल बोला- आशीष तो हार्ड करना चाहता है!
मैं बोली- ठीक है … पर शरीर पर निशान नहीं पड़ने चाहिए.

आशीष बोला- क्या यार, तेरा जिस्म तो है ही ऐसा कि जोर से पकड़ लिया तो निशान पड़ जाता है. फिर मम्मी पापा 5 दिन नहीं आएंगे, तब तक तो सब निशान ठीक हो जाएंगे.
मैं बोली- तो ठीक है आ जाओ.

मैं उठ कर खड़ी हुई तो आशीष ने मुझे पीछे से भींच लिया और आगे हाथ लाकर वह मेरे दोनों बूब्स दबाने लगा.
वह मेरे पीछे से लंड को सलवार के ऊपर से ही गांड में घुसाए जा रहा था.

तभी राहुल सामने से आ गया और वह मेरी कमर में दोनों हाथों को डाल कर मेरे गुलाबी रसीले होंठों का रसपान करने लगा.
मैं अभी तो सातवें आसमान में सैर कर रही थी पर ये भी जानती थी कि जब दो शेर एक साथ गुफा में शोर मचाएंगे तो मेरी तो जान ही निकाल देंगे.

मैं वर्तमान में मजा ले रही थी, तो सोचा कि अब जो होगा सो देखा जाएगा.

मैं उन दोनों जवान लड़कों की बीच में फंसी हुई थी.
एक 25 साल का गबरू जवान आगे से लगा था और पीछे एक 20 साल का लड़का मेरी गांड के छेद को लंड से टटोल रहा था.

उन दोनों की हाइट के सामने मेरा कद छोटा सा था.
मेरा सर उनकी गर्दन तक ही आ रहा था.

आशीष पीछे से मेरे बूब्स को जोर जोर से मसलने में लगा हुआ था और साथ में जीभ से मेरी गर्दन को तो कभी कान को चाटने में लग जा रहा था.
वह कभी कभी अपने दांत चुभा देता, तो मैं मदभरी सिसकारी लेने की कोशिश करती मगर वह भी नहीं ले सकती थी क्योंकि आगे से राहुल मेरे रसीले होंठों को अपने मुँह में दबाए हुए था और उन्हें खा जाने का मन बनाए हुए था.

वह भी दांतों से मेरे होंठों पर निशान बना रहा था.
हम तीनों के तन से अभी तक एक भी कपड़ा नहीं हटा था.

मैं दोनों मर्दों के बीच फंसी थी.

मेरी खुद की गर्मी मुझे भड़का रही थी और ऊपर से ये गर्मी का मौसम, जिससे मेरा जिस्म अब पसीना पसीना हो गया था.
मेरी सलवार के अन्दर तो गर्मी का फव्वारा चल रहा था … पसीने से अन्दर सूट भी गीला होने लगा था.

मैं राहुल को खुद से अलग करके बोली- यार, पंखा या कूलर तो चालू कर दो!

आशीष पीछे से मेरी गांड पर एक जोर से चपत लगा कर बोला- नहीं, मुझे इसका पसीना पीना है.
मेरी चूत को जिसे अभी किसी ने छुआ भी नहीं था, वह चड्डी में ही पनियाने लगी थी.

दोनों कभी मेरी गर्दन को तो कभी रसीले होंठों को चूस रहे थे और दांतों से निशान बनाने में लगे हुए थे.
आशीष ने उसी पल कुछ जोर से काट लिया तो मैं चिहुंक उठी.

उसी वक्त राहुल ने मुझे बेड पर धक्का दे दिया और वह नीचे बैठ कर मेरे पैरों को तो कभी तलवों को चाटने लगा.
आशीष बेड पर बगल में आकर अपने दोनों हाथों से मेरे मम्मों को जोर जोर से मसलने लगा.

मैं अहह उम्म्म… करती हुई मादक सिसकारी भरने लगी.
आशीष ने अपने कपड़े उतार कर फेंक दिए और वह नंगा होकर मेरे ऊपर चढ़ गया.

मेरी गर्दन उसकी दोनों टांगों के बीच में थी.
उसने दीवार का सहारा लेकर मेरा मुँह चोदना शुरू कर दिया था.
वह अपने लंड को मेरे मुँह में डाल कर चोदने में लगा था.

मैं बिस्तर में लेटी ‘उह आई उम्मम् गु गू घू घु’ की आवाज करने लगी.
राहुल भी तलवे चाटते हुए ऊपर घुटनों तक आ गया और मेरी सलवार को थोड़ा ऊपर करके मेरी गोरी टांगों को चाटने लगा.

मेरी चूत धीरे धीरे अकड़ने लगी और मैंने अपना पानी छोड़ दिया.
आशीष मेरे ऊपर से अलग हुआ तो मैं बोली- अब चोद भी दो राजा!

आशीष बोला- सब्र कर बहन, आज तू चुदाई रोकने की रहम की भीख मांगेगी कुछ देर में!
उसने मेरे कमीज के नीचे लात रख कर ऊपर से कमीज को खींच दिया.

मेरा कुर्ता चर्र की आवाज के साथ दोनों तरफ से फट गया.
उसका पीछे का भाग अभी भी मेरे नीचे ही दबा था.

भाई ने ऊपर का हिस्सा मेरे चेहरे पर डाल दिया और फटा हुए सूट गर्दन में लटका ही था.

मैं समझ गई कि ये लोग दो सूट क्यों लाए थे.

आशीष अब मेरे नंगे पेट को चाटने लगा और कभी दांत गड़ा देता तो मैं उम्मम… अहह की आवाज से चिहुंक उठती.

कुछ पल बाद राहुल ने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया और एक झटके में सलवार को निकाल दिया.
मैं दो दो जवान लड़कों के बीच काले रंग की ब्रा पैंटी में पड़ी हुई थी.

राहुल मेरी कोमल मुलायम जांघ को काटने लगा, तो मैं उम्म आहह आइ ह्ह्ह … करने लगी और उन दोनों चुदक्कड़ों से अपनी चुदाई की भीख मांगने लगी.

वे दोनों मुझे तड़पाने में लगे थे.

फिर दोनों मुझ से अलग हुए तो मैंने अपनी गर्दन से फटा हुआ सूट अलग कर दिया.

राहुल मेरे ऊपर आ गया और ब्रा के ऊपर से बूब्स मसलने लगा.

आशीष नीचे पैंटी के ऊपर से चूत चाटने लगा.
मैं उम्म्म् अह्ह्ह… करने लगी.

आशीष ने पैंटी को एक साइड करके जल्दी से अपनी दो उंगलियां मेरी गीली चूत में उतार दीं.
मैं उसके इस वार के लिए तैयार नहीं थी. इसलिए मेरे शरीर में सनसनी सी दौड़ गई.

करीब पांच मिनट तक आशीष ने चूत को चाटा तो मेरी चूत ने पुनः पानी छोड़ दिया.
उसने मेरी पैंटी को खींच कर बाहर कर दिया.

मैं सिर्फ ब्रा पहनी हुई पड़ी थी.

राहुल ने भी अपने कपड़े उतार दिए और वह भी नंगा हो गया.
वह अपने लंड को मेरे मुँह में डाल कर मेरा मुख चोदन करने लगा.
साथ ही हाथ से मेरे गाल प्यार से सहलाने लगा.

मुझे बहुत सुकून मिल रहा था.

तभी राहुल ने मेरे बूब्स से ब्रा को अलग करके मुझे पूरी नंगी कर दिया.
कुछ ही देर में राहुल ने अपना पानी मेरे मुँह में छोड़ दिया और मैं उसको पूरा पी गई.

इसके बाद राहुल ने उंगली में एक दवाई लेकर चूत और गांड के अन्दर तक लगा दी.

मैं दर्द से तड़प उठी तो वह बोला- इस दवाई से जलन नहीं होती, चाहे तू पूरी रात चुद ले. क्योंकि इसी दवाई को रंडियां अपनी चूत गांड में लगाती हैं.

अब आशीष बोला- यार मैं इसकी चूत मारता हूं, तू गांड मार ले.
राहुल बोला- ठीक है.

आशीष बिस्तर पर सीधा लेट गया.
उसने बिना कंडोम के चूत मारने की इच्छा जताई, तो मैं मान गई.

वह बोला- आ जा कुतिया, आज तेरी चूत और गांड के परखच्चे उड़ा देते हैं.
मैं बोली- जितनी चोदना है, चोद लो, बस मरने मत देना.

वे दोनों मेरी बात सुनकर हंसने लगे.

मैं आशीष के ऊपर आ गई और धीरे धीरे उसका लंड अपनी चुत के अन्दर ले लिया.
मैं उसके सीने पर सर रखकर उसकी बांहों में समा गई.

मैं हाथ से उसके बाल सहलाने लगी और जीभ से उसकी छाती चाटने लगी.

जब मुझे थोड़ा आराम हुआ, तो राहुल पीछे से लंड मेरी गांड में रगड़ने लगा.

उसका सुपाड़ा ही अन्दर गया, मैं दर्द से तड़प उठी और जोर चिल्लाने लगी- आह मादरचोदो … बहन के लौड़ो … आह धीरे धीरे करो … मैं कोई बाजारू रंडी नहीं हूँ आह आराम से कर भोसड़ी के!

राहुल ने प्यार से मेरी गांड पर चपत लगाई और बोला- गांड को ढीली छोड़ दे कुतिया … तुझे दर्द नहीं होगा!
उसने मेरे बालों को खींच कर मुझे आशीष की बांहों से ऊपर उठा दिया.

मैं दर्द से कराह उठी.
आज वे दोनों सांड जैसे सच में मेरे चिथड़े उड़ाने के मूड में थे.

राहुल ने जोर से एक झटका मारा और पूरा लंड मेरी गांड में उतार दिया.

मैं दर्द में भर कर उन दोनों को गाली देने लगी- आह मादरचोद कुत्तो … आराम से नहीं कर सकते तुम दोनों भोसड़ी के … आज तो मुझे मार ही डालोगे!

साले दोनों अपने अपने लंड मेरी गुफाओं में रखे हुए थे.
आशीष बोला- बस जान, थोड़ा सहन कर लो. अब तो बस मजा आना है.

मैं अपने भाई के सीने पर सर रखकर आराम करने लगी.
ये पल मेरी जिदंगी में पहली बार था, जब एक साथ दो मर्द मेरी चूत और गांड को चोदने में लगे थे.

अभी तक तो मुझे दर्द और प्यार और सुकून साथ में मिल रहा था.
पर तभी राहुल ने बालों को वापिस खींच कर मानो उन्हें लगाम बना लिया और घोड़ी की तरह घुड़सवारी करने लगा.

वह धीरे धीरे लंड को मेरी गांड में आगे पीछे कर रहा था.
मैं ‘उम्म आह सी’ की मादक सिसकारियां निकालने लगी थी.

तभी नीचे से राहुल भी उठ उठ कर मेरी चूत में करारे झटके मारने लगा जिससे रूम में नंगे जिस्मों के टकराने की फच्च फच् की आवाज आने लगी.
हम तीनों अपने अपने भार पर थे.

मैं नीचे बेड पर हाथ रख कर अपनी चूत और गांड ऊपर उठाई हुई थी और राहुल भी सीधा खड़ा हो कर मेरी गांड की सवारी कर रहा था.
मैं दर्द से छटपटाने लगी और बोली- छोड़ दो कुत्ते .. जाने दो मुझे!

मेरी बात सुनकर तो वे दोनों मेरी और जोर जोर से चुदाई करने लगे.
राहुल पीछे से हर झटके के बाद मेरी गांड पर जोर से चपत लगाने लगा.

मैं दर्द से कराह उठी और नीचे आशीष भी मेरे दोनों बूब्स को जोर से खींच देता.
मुझे बहुत दर्द हो रहा था और थोड़ा थोड़ा अन्दर सुकून भी था कि आज भाई और दोस्त मिल कर मेरी सवारी कर रहे थे.

मेरी चूत ने जल्दी ही पानी छोड़ दिया था, जो मेरी जांघ से बहता हुआ बिस्तर पर आने लगा.
तभी आशीष ने भी अपना पानी मेरी चूत में ही छोड़ दिया.

आशीष अपना लंड बाहर निकाल कर बाथरूम में चला गया.
राहुल गांड चोदने में लगा रहा.

मैं इतनी देर से चुद रही थी, पर दवाई के कारण जलन नहीं हो रही थी.
राहुल किसी जालिम सांड की तरह मेरी गांड चोदने में लगा था.
वह गांड मारने के साथ साथ गांड पर बहुत जोर जोर से चपत भी लगाने में लगा था.

मैं ‘उम्मम् अह्ह भोसड़ी के … आह रंडी नहीं हूं मैं ..’ चिल्ला रही थी.
पर राहुल तो मेरी एक नहीं सुन रहा था.

फिर उसका आने को हुआ तो उसने लंड बाहर निकाल कर कंडोम उतार दिया और मुझे धक्का देकर बिस्तर पर पटक दिया.
वह अपने हाथ से लंड हिलाने लगा.

कुछ ही पलों में उसने इतनी जोर से पिचकारी मारी कि मेरी चूत, पेट, बूब्स और चहरे पर आ गई.
राहुल उठ कर मेरी पैंटी से ही अपना लंड साफ करने लगा.

मैंने घड़ी में समय देखा तो रात के 1 बजकर 40 मिनट हो गए थे.
मैं दर्द के मारे अब उठ भी नहीं पा रही थी.

दोनों के चेहरे पर बहुत खुशी थी, जैसे कोई कोहिनूर मिल गया हो.
आशीष वापिस आकर मेरी गांड से खेलने लगा.

मैं बोली- भैया अब बाद में कर लेना!
उसने फिर से जोर का थप्पड़ मेरे चेहरे पर जड़ दिया.
उसकी उंगलियों के निशान बन गए थे.

मैं बोली- मादरचोद, चुद तो रही हूँ, फिर क्यों मार रहा है?
वह बोला- अच्छा लगता है, तुम भी मुझे मार लो!

मैंने भी एक तेज थप्पड़ उसको लगा दिया और बोली- चल चूत चाट बहन के लंड!
वह मुझसे चिपक कर लेट गया.

मैंने सोचा कि साला मर्द भी क्या प्यारी चीज़ है, जो अभी एक घंटा पहले तक मुझे रंडी की तरह चोद रहा था, अब प्यार से मुझे लाड़ कर रहे थे.
वे दोनों ही मुझे खूब किस कर रहे थे.

फिर आशीष भी बिस्तर पर लेट गया और हम तीनों नंगे ही एक दूसरे से लिपट कर सो गए.
सुबह आंख दस बजे मेरी आंख खुली.
मैं दर्द के मारे बाथरूम तक नहीं जा पा रही थी.

मैं दर्द के मारे लंगड़ाती हुई दीवार का सहारा लेकर बाथरूम में गई तो देखा कि सच में मेरी चूत आज कुछ ज्यादा फैली सी लग रही थी.
पीछे गांड में भी बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था.

मैं बाहर आई और रूम में लगे आईने के सामने खुद को देखा, तो सहम ही गई.
जांघ से आशीष का वीर्य और मेरी चूत का पानी बहने का निशान बना था.
पेट और बूब्स पर राहुल के वीर्य के सूख जाने का कारण पपड़ी जम गई थी.

ऐस्स पुसी सेक्स के कारण जांघ, पेट, बूब्स, गर्दन पर और पीछे गांड पर दांत के गहरे निशान भी बने थे.

मेरे चेहरे पर आशीष के थप्पड़ के निशान थे, ऐसा लग रहा था जैसे मुझे दरिंदों ने नोंचा हो.
मुझे भूख लग आई थी तो मैंने उन दोनों को जगा कर उठाया.

मैं बोली- देखो कुत्तो, क्या हाल किया है कल रात को तुम दोनों ने!
वे दोनों बोले- सॉरी यार!

राहुल ने उठ कर मेरे लिए पोहा बना दिया.
हम तीनों अभी नंगे ही थे.

मेरे जिस्म पर निशान देख कर राहुल बोला- सच में यार कुछ ज्यादा ही हार्ड चुदाई हो गई तेरी!

आशीष बोला- अब हो तो गई ही है तो एक बार और करें क्या?
मैंने उसको एक लात दे मारी और बोली- साले कुत्ते, मेरी जगह तू होता, तब पता चलता!

वह हंस कर बोला- हां यार सॉरी … अच्छा जब तक मम्मी पापा नहीं आ जाते, तुम सिर्फ आराम करो. घर के काम मैं करूंगा.
मैं बोली- हां यार, मुझसे तो अभी खड़े होते भी नहीं बन रहा है.

राहुल ने उठ कर दवाएं देखीं, वह दर्द की दवाई लाया था.
उसने एक दवा उठा कर मुझे दे दी और बोला- ये खाकर सो जा, आराम हो जाएगा.

कुछ देर बाद राहुल अपने घर चला गया और आशीष मुझे गोद में उठा कर रूम में ले आया.

वह बोला- हमारा प्लान काम कर गया!
मैं बोली- हां उसको बिल्कुल शक नहीं हुआ कि हम दोनों पहले से ही चुदाई करते थे.
वह हंसने लगा.

मैं बोली- मगर तुमने मुझे सच में बहुत मारा है!
वह बोला- सॉरी जान.

फिर मैं बिस्तर पर वैसी नंगी ही सो गई.

आशीष ने खाना बनाया और उसने दोपहर में मुझे उठाया.
वह मुझे गोदी में उठा कर बाथरूम में ले गया और मेरे शरीर को गर्म पानी से साफ किया.

उसने मुझे प्यार से नहलाया और हम दोनों ने साथ में बैठ कर खाना खाया.
अगले पांच दिनों तक सच में आशीष ने मुझे बिल्कुल काम नहीं करने दिया और ना ही सेक्स के लिए बोला.

वह बस यही बोला कि अब तुम घर में सिर्फ ब्रा पैंटी पहन कर रहो.
धीरे धीरे मेरे शरीर के निशान भी गायब हो गए.

अब राहुल भी आशीष को अपने साथ नई नई रंडियां चोदने ले जाने लगा.

अब जब भी मामा मामी 3-4 दिन के लिए बाहर जाते, तो राहुल और आशीष मिल कर मेरी पिच पर दोनों एंड से बैटिंग करते.
अब मुझे भी अपनी सैंडविच चुदाई करवाने में मजा आने लगा था.

फिर अभी शादी के बाद भी 3 बार उन दोनों ने मिलकर मेरा रस निचोड़ कर पिया है.

तो यह थी मेरी सैंडविच थ्रीसम चुदाई की मस्त सेक्स कहानी.
शुक्रिया दोस्तो, अपना कीमती समय देने के लिए.
मेरी इस ऐस्स पुसी सेक्स कहानी के लिए अपने मेल जरूर लिखें.
आपकी जाह्नवी मिश्रा



اضافة رد جديد اضافة موضوع جديد



المواضيع المتشابهه
عنوان الموضوع الكاتب الردود الزوار آخر رد
भाई के बाद डांस-पार्टनर ने होटल में चोदा- 1 Hot Brave
0 5 Hot Brave
भाई के बाद डांस-पार्टनर ने होटल में चोदा- 2 Hot Brave
0 7 Hot Brave
भाई और डांस-पार्टनर संग मेरी थ्रीसम चुदाई- 1 Hot Brave
0 4 Hot Brave
 भाई और डांस-पार्टनर संग मेरी थ्रीसम चुदाई- 2 Hot Brave
0 4 Hot Brave

الكلمات الدلالية










الساعة الآن 06:24 AM