टू होल सेक्स स्टोरी में जब भाई ने मेरी गांड में केला घुसाकर मेरी चूत मारी तो मुझे 2 छेद में लंड लेने की तलब लग गयी. मेरे पास मेरे 2 चोदू थे, दोनों को एक साथ लाना था.
फ्रेंड्स, मैं जाह्नवी मिश्रा एक बार पुनः आपकी टांगों के बीच हलचल मचाने के लिए हाजिर हूँ.
कहानी के पहले भाग
ममेरे भाई ने मेरी गांड में कच्चा केला घुसाया
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि मेरे ममेरे भाई आशीष ने राहुल के साथ मिलकर मुझे एक साथ दोनों छेदों में लंड पेल कर चोदने का प्लान बनाया था. मैं उसी को सोच सोच कर अपनी वासना से गर्म हुई जा रही थी और मैंने अपनी झांटों व बगलों के अनचाहे बालों को साफ करके चिकनी चमेली बना लिया था.
अब आगे टू होल सेक्स स्टोरी:
शरीर को चिकना करने के बाद मैं नहाई और खुद को तैयार करने लगी.
नीली ब्रा और फुल वाली चड्डी, जो छोटी लड़कियां पहनती हैं.
राहुल को मेरा वैसी पैंटी पहनना पसंद नहीं है जैसी अक्सर लड़कियां वी-कट वाली पैंटी पहनती हैं.
मैंने ब्रा चड्डी के ऊपर पीली टाइट हाफ कुर्ती और नीचे एक टाइट लैगी पहन ली.
इस टाइट लैगी में से मेरी चूत का उभार साफ समझ में आ रहा था.
अब मैं राहुल का आने का इंतजार करने लगी.
कुछ ही देर में राहुल घर आ गया.
वह अपनी बाइक दूर खड़ी करके आया था ताकि किसी को शक ना हो.
मैंने जैसे ही गेट खोला, राहुल मुझे देख ही बोला- आह … कसम से आज तो कुछ ज्यादा ही कड़क माल लग रही हो!
मैं बोली- आंखों से ही चोदोगे या …
राहुल झट से अन्दर आकर मुझसे लिपट गया.
मैंने पहले गेट को अच्छे से लॉक किया और अन्दर आ गई.
हम दोनों गेट के बगल वाले रूम में आ गए.
यह कमरा मामा मामी का था.
इस कमरे में इसलिए आए थे ताकि आशीष आए तो जल्दी से सब हो सके.
राहुल ने मुझे तुरंत अपनी गोदी मैं उठा लिया और मेरे बूब्स को कुर्ती के ऊपर से ही चूसने लगा.
मैंने उसकी शर्ट के बटन खोले और धीरे धीरे हमारे बीच चुदाई का प्रोग्राम चालू हो गया.
कुछ ही देर में आशीष भी घर आ गया.
उसके पास भी एक चाबी थी तो चुपचाप बिना आवाज किए उसने अन्दर आकर अपनी पोजीशन सैट कर ली.
वह परदे के पीछे छुप गया और अपनी बहन की चुदाई देखने लगा.
मैंने उसको देख लिया था मगर मैं राहुल के नीचे बैठ कर उसका लंड चूसने लगी.
मुझे भी लंड चूसना सबसे अच्छा लगता है क्योंकि लंड की मुतेली खुशबू मुझे अच्छी लगती है.
उसने कुछ ही देर में मेरे मुँह में ही अपना पानी छोड़ दिया और मैं भी प्यार से उसको अपने हलक से नीचे लेती हुई गटक गई.
इसके बाद उसने मेरी चूत चाटी.
फिर जब उसने मुझे पलंग पर लिटा कर मेरी टांगों को कंधे पर ले लिया और चूत में लंड डाल कर झटके मारने लगा तो उसी वक्त आशीष गेट पर आकर खड़ा हो गया.
राहुल का ध्यान अभी अपने काम पर था.
मैंने महसूस किया कि राहुल का काम होने वाला है तो मैंने जल्दी से पास में पड़ी चादर को अपने ऊपर डाल लिया और राहुल को धक्का देकर अलग कर दिया.
राहुल को गुस्सा आ गया.
किसी भी लड़के का जब माल आने वाला हो और उसको रोक दो, तो लड़के समझ सकते हैं कि कैसा लगता होगा!
वह गाली देता हुआ गुस्से में बोला- साली रंडी, क्या हुआ?
मैंने उसको आशीष की तरफ इशारा कर दिया.
राहुल की भी सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई.
उसका पूरा का पूरा जोश एक झटके में शांत हो गया.
आशीष ने मेरे पास आकर एक जोरदार थप्पड़ मेरे गाल पर लगाया ताकि राहुल को हमारे बारे में शक ना हो.
वह क्रोध में बोला- यहां ये सब करने के लिए रह रही है तू?
राहुल ने उसकी टाई पकड़ कर खींचा, उस वक्त आशीष अपने कॉलेज की ड्रेस में था.
उसने पैंट-शर्ट और टाई पहनी हुई थी.
राहुल बोला- तुझे जो बोलना है मुझसे बोल … जाह्नवी को कुछ मत बोलना. सारी गलती मेरी है!
मुझे उस वक्त राहुल की ये बात बहुत अच्छी लगी कि वह मेरे लिए आशीष से लड़ाई करने लगा था.
आशीष बोला- तू इसे मुझसे तो बचा लेगा, पर आने दो मम्मी को … फिर बताऊंगा मैं!
मैंने राहुल को शांत रहने का इशारा किया तो राहुल ने उससे प्यार से पूछा- बोल भाई क्या करें अब हम … हो गई गलती! जो तू कहेगा, मैं वही करूंगा!
आशीष बोला- मुझे भी साथ मजे करने हैं!
राहुल बोला- पागल है क्या? तेरी बहन है ये?
आशीष बोला- हां तो कौन सी सगी है, बुआ की लड़की है.
राहुल बोला- छी: यार … कितना घटिया इंसान है तू?
आशीष बोला- हां तो इतनी सुंदर देशी लड़की तुझे नंगी मिलती, फिर तू कुछ सोचता कि बहन है या कोई और …
राहुल मेरी तरफ देखने लगा.
मेरी आंखों में भी थप्पड़ के दर्द के कारण आंखों आ गए थे.
राहुल उससे मेरे लिए मिन्नत करने लगा- यार भाई, प्लीज माफ कर दे!
उसने मेरे लिए आशीष के पैर तक पकड़ लिए, यह देख कर मुझे राहुल पर प्यार आने लगा था और सच में मुझे दया आ रही थी कि यार कोई लड़का मेरे लिए किसी के पैर पकड़े खड़ा था.
राहुल अब भी नंगा ही था और मैंने चादर ओढ़ कर अपनी जवानी छुपाई हुई थी.
खैर … नंगी होती तो भी कोई फर्क नहीं पड़ने वाला था.
मैं और आशीष ही इस बात को जानते थे कि मेरी जवानी को आशीष कितने दफा अपने नीचे लेकर चख चुका था.
तभी आशीष ने हाथ बढ़ाया और मेरी चादर को जोर से खींच दिया.
मैं उसके सामने नंगी पड़ी थी.
मैंने शर्म से एक हाथ से चूत छुपाई और एक हाथ से अपने बूब्स ढक लिए.
आशीष राहुल से बोला- भाई, तुम क्यों परेशान हो रहे हो. आज से हम दोनों दोस्त … बस वादा करो कि ये बात तुम किसी को नहीं बताओगे!
कुछ मान-मनौवल के बाद राहुल भी मान गया.
वे दोनों रूम से बाहर जाकर कुछ बात करने लगे.
मैं समझ गई कि साले दोनों मुझे एक साथ चोदने की प्लानिंग सैट करने गए हैं.
कुछ देर बाद दोनों रूम में आ गए.
अब आशीष व राहुल मुझे वासना से देख रहे थे.
आशीष ने मेरे पास आकर मेरी चूत से मेरा हाथ हटा दिया और राहुल से बोला- शुक्रिया मेरे भाई … इतनी प्यारी चूत के दर्शन कराने के लिए!
आशीष मेरी ऐसे तारीफ कर रहा था जैसे सच में उसे आज पहली बार मेरी नंगी जवानी के दर्शन हो रहे हों.
राहुल बोला- शुक्रिया तो जाह्नवी का बोलो! मैंने भी इससे पहले इतनी गुलाबी चूत नहीं देखी.
दोनों बेशर्मों की तरह मेरे बारे में गंदी गंदी बात कर रहे थे.
कभी वे मेरी चूत की, कभी चूचियों की तो कभी मेरे नितंबों यानी चूतड़ों की चर्चा कर रहे थे.
मतलब मेरे जिस्म के एक एक इंच की तारीफ हो रही थी और मैं ये सोच रही थी कि ये दोनों जो कुछ देर पहले एक दूसरे से मेरे लिए लड़ाई कर रहे थे,
अब दोनों मिलकर मेरे बारे में अश्लील और भद्दी गालियां देने लगे थे.
जैसे आशीष कह रहा था कि इस कुतिया की चूत बहुत चुदी हुई लग रही है.
साली के बूब्स तो बिल्कुल नुकीले हैं … निप्पल तो देखो लवड़ी के … कैसे फूल कर ऊपर आ गए हैं.
राहुल हंस कर बोला- मजा भी खूब देती है!
आशीष बोला- हां खूब चोदा है तूने इस रंडी को!
मुझे उन दोनों की बात सुन कर बहुत हंसी आ रही थी पर हंसी को छुपाने के लिए मैंने चादर से मुँह को ढक लिया और अपनी गर्दन से नीचे के नंगे जिस्म का दर्शन कराने लगी.
तभी आशीष ने जोर लगाया और मेरी दोनों टांगों को फैला दिया.
जब मेरी चूत खुल कर उसके सामने आई तो उसने जोर से एक चपत मेरी चूत पर लगा दी.
चट की आवाज से साथ रूम में सन्नाटा छा गया.
मेरी चूत के अन्दर चींटी से काट गई.
मैं ‘आउच .. आराम से भैया!’ कह कर कराह उठी.
मैं सोचने लगी कि आज ये शायद राहुल के सामने इसलिए इतना मार रहा है कि ताकि उसको शक ना हो.
अब आशीष झुक गया और मेरी चूत को चाटने लगा.
कुछ देर की ना नुकुर के बाद मैं भी अपनी चूत चटवाने का आनन्द लेने लगी.
मैंने अपने चेहरे से चादर को हटाया तो देखा राहुल अभी भी खड़ा था.
मैं उसके सामने ही आशीष के सर को जोर जोर से अपनी चूत पर दबाने लगी और उसके बाल सहलाने लगी.
कुछ देर में ही मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया, आशीष सारा पानी पी गया.
फिर वह राहुल से बोला- तुम चोद लो भाई इसको … मैं अभी आता हूं कपड़े चेंज करके!
आशीष ऊपर कपड़े चेंज करने चला गया.
राहुल मेरे पास आकर बोला- सॉरी यार, ये सब मेरी गलती है. मैं ही तुमको चोदने के लिए मना रहा था.
मैं राहुल से पिछले एक महीने से नहीं चुदी थी तो राहुल बार बार घर आने के लिए मुझे फोर्स कर रहा था.
मैं बोली- कोई नहीं यार, जाने दो.
यह सुनते ही राहुल ने मेरी चूत में एक ही झटके के साथ अपना पूरा मूसल लंड घुसा दिया.
चूत गीली होने के कारण फच्छ की आवाज के साथ पूरा लंड लील गई.
मैं ‘उम्म्म् आराम से यार…’ कह उठी.
राहुल धक्के मारने लगा और मैं मस्त होने लगी.
‘सी सी अह उम्म्म्म और तेज चोदो राहुल उम्म और तेज … चोदो राहुल फाड़ दे इसको!’
राहुल ने तेज झटकों के साथ मेरी चुत को पेलना चालू कर दिया था.
तभी आशीष नंगा होकर रूम में आ गया.
मैंने उसे नंगा देखा तो मन ही मन मुस्कुरा दी.
वह मेरी बगल में लेट कर मेरे एक दूध को पीने लगा.
मैं भी उसे अपने दूध को चुसा कर मजा ले रही थी.
एक लौंडा चोद रहा था और दूसरे ने मेरी चूची को मुँह में ले रखा था.
कुछ देर बाद ही आशीष के फोन की घंटी बजी तो उसने देखा कि उसके पापा का कॉल आया था.
मामा ने उसे अपना कुछ काम बताया कि बाजार से तुरंत ले आए … किसी को वह सामान लेने घर आना था.
आशीष ने मेरी तरफ देखा तो मैंने आंखें बंद कर लीं.
आशीष उठ कर अपने कपड़े पहनने लगा.
राहुल ने भी तेज झटकों के साथ मुझे रगड़ना शुरू कर दिया था.
दो मिनट में ही वह झड़ने को हो गया और उसने मेरी चूत से लंड खींच कर चुत के ऊपर ही लंड रखा और पिचकारी मारने लगा.
उसके लंड की धार मेरे पेट और बूब्स पर आ गई थीं.
राहुल आशीष से बोला- रूक … मैं भी तेरे साथ में चलता हूं. मुझे भी कुछ सामान लेना है.
मैं समझ गई कि राहुल आज दारू पीकर मेरी लेने की सोच रहा है.
मैं बेड पर नंगी पड़ी थी और अपनी चूचियों को मसल रही थी.
कुछ ही देर में आशीष और राहुल दोनों घर से साथ में निकल गए.
रास्ते में दोनों की बातचीत हुई.
वह सब आप आशीष के मुँह से ही सुनें.
राहुल मुझसे बोला- यार, सच्ची में तेरी बहन की चुत बहुत ही प्यारी है. अब तो तू घर में इसकी सुबह दोपहर शाम दवाई की तरह लेगा!
मैं- हां यार शुक्रिया, जो तूने इतनी प्यारी चूत की जुगाड़ करवा दी वरना मैं तो दीदी को बहुत संस्कारी समझता था!
राहुल- हां भाई लड़कियां संस्कारी ही होती हैं, वह तो हम उनको रखैल या रंडी बना लेते हैं.
मैंने राहुल से पूछा- आज रात को फ्री हो?
राहुल बोला- हां भाई!
मैंने उसको इस वक्त पापा का सामान आदि देने के कारण प्रोग्राम के समय में चेंज करते हुए रात को चुदाई करने के लिए घर बुला लिया.
मैं उससे बोला कि राहुल यार मेरा पहली बार है, तो तू मेरी हेल्प कर देना!
राहुल बोला- बिल्कुल भाई.
फिर मैं उसको होटल छोड़ कर घर आ गया.
अब मैं जाह्नवी आपको सुनाती हूँ कि आगे क्या हुआ.
आशीष जब घर आया, तो उसने मुझे उठाया.
मैं वैसी ही नंगी सो गई थी.
मेरे पेट और बूब्स पर राहुल के वीर्य की पपड़ी जम चुकी थी.
आशीष बोला- बहन हमारा काम हो गया, राहुल को शक भी नहीं हुआ. आज रात में हम तीनों को ही बहुत मजा आने वाला है!
मैं बोली- हां पर मुझे तो सोच सोच कर ही डर लग रहा है कि मैं तुम दोनों को एक साथ कैसे झेल पाऊंगी?
आशीष बोला- ज्यादा सोच मत, बस सीधे चुद लेना. अभी खाने का मन कर रहा है, तू खाएगी?
मुझे भी भूख लग आई थी तो मैं आशीष से बोली- हां, तू खाना लगा, मैं आती हूँ.
मैं बाथरूम मैं जाकर नहाने लगी. जब मैं नहाकर वापिस आई तो नंगी ही आई.
हम दोनों ने साथ में खाना खाया.
मैं उससे बोली- यार, तूने गाल पर बहुत जोर से थप्पड़ मार दिया था.
वह बोला- सॉरी यार.
हम दोनों ने खाना खाकर मामी का कमरा साफ किया क्योंकि चूत के पानी से बेडशीट पर निशान बन गए थे.
मैं आशीष से बोली- ऊपर से मेरे कमरे से कुछ पहनने के लिए ले आ, मैं सो जाऊंगी ताकि रात को तुम दोनों को झेल पाऊं.
आशीष बोला- यहीं मम्मी की नाइटी रखी है, उसे ही पहन कर सो जाओ और रात को हार्डकोर फकिंग ही करेंगे. तुम भी हम दोनों को चपत लगाना, हम भी तुम को प्यार से चपत लगाएंगे.
मैं बोली- जी प्यार भाई साहब … अब अपनी इस रंडी को सो भी जाने दो.
आशीष हंस कर बोला- हां सो जा … वैसे भी अभी पापा का काम करने में मुझे समय लगने वाला है.
मैं 3 बजे की सोई रात को 8 बजे सो कर उठी तो आशीष दिखाई नहीं दिया.
मैंने बाहर जाकर देखा तो वहां सोफे पर एक सिंपल काला सूट सलवार और काली ही ब्रा पैंटी रखी थी.
मैं समझ गई कि ये शायद राहुल लाया होगा.
मैंने ऊपर जाकर देखा, तो आशीष ने अपना कमरा गुब्बारे और कुछ कुछ चीजों से सजा रखा था.
मैं बोली- तू तो सच में ऐसे तैयारी कर रहा जैसे आज पहली बार बहनचोद बन रहा हो?
वह हंस कर बोला- बहनचोद तो हूँ, पर आज बहन को किसी और के साथ मिलकर चोदने वाला हूँ.
मैं बोली- ओह्ह्ह… बहुत खुशी हो रही है?
वह बोला- हां!
मैं वापिस नीचे आई तो देखा कुछ कंडोम, कुछ जूस, कामोत्तेजक दवाइयां इत्यादि मेरी चुदाई के लिए सामान लाकर रख लिया गया था.
आशीष नीचे आया तो मुझे बाहर रखे सलवार सूट और ब्रा पैंटी देकर बोला- जल्दी से तैयार हो कर आ जा!
फिर वह खुद घर से बाहर चला गया.
मैं जब पूरी ब्लैक ड्रेस में तैयार होकर बाहर निकली, तो आशीष बोला- मां कसम आज तो बिल्कुल कहर ढा रही है मेरी छिनाल दीदी!
मेरी चमड़ी बिल्कुल दूधिया है, तो आप समझ सकते हैं कि काला कलर मुझ पर कितना फब रहा होगा.
आशीष बोला- यार, आज बगल वाले घर में भी कोई नहीं है, सब गांव गए हैं शादी में!
मैं बोली- मैं क्या करूं?
वह हंस कर बोला- मतलब यह कि आज तू जी भर के चीखे चिल्लाए, कोई तेरी चीख नहीं सुनेगा.
मैं बोली- वैसे भी रात को सब के यहां कूलर चलते हैं … तो वैसे भी किसको सुनाई देगी?
वह बोला- मतलब आज तुझे बहुत नाटक करने हैं. तू ये टू होल सेक्स चुदाई जिंदगी भर नहीं भूल पाएगी.
मैंने फिर से खुद को आईने में देखा तो सच में मैं बहुत सुंदर परी जैसी लग रही थी.
मैंने मेरे काले रंग के टॉप्स उठाए और उनको कान में पहना, नीचे पांव में पायल पहन ली थी.
अब हम दोनों सोफे पर बैठ कर राहुल का इंतजार करने लगे.
करीब 11 बजे राहुल हमारे घर आ गया.
राहुल के आते ही आशीष ने पहले गेट लॉक किया और दोनों साथ में अन्दर आ गए.
राहुल मुझे देख कर बोला- जान, आज तो देख कर ही पानी छोड़ दिया मेरे हथियार ने!
मैं बोली- अच्छा!
उसके हाथ में मेरे जैसा ही एक और काला सूट सलवार था.
मैं बोली- ये किस लिए?
वह बोला- थोड़ी देर में समझ जाओगी.
फिर राहुल ने आशीष को इशारा किया.
आशीष ने मुझे गोद में उठा लिया और लेकर ऊपर रूम की तरफ चल दिया.
राहुल ने नीचे टीवी और कूलर चालू करके छोड़ दिया ताकि मेरी आवाज बाहर ना जाए.
दोस्तो, मजा आ रहा है न इस टू होल सेक्स स्टोरी में…
अगले भाग में आपको मेरी सैंडविच चुदाई की सेक्स कहानी का मजा पढ़ने मिलेगा.
प्लीज मुझे मेल जरूर लिखें.
फ्रेंड्स, मैं जाह्नवी मिश्रा एक बार पुनः आपकी टांगों के बीच हलचल मचाने के लिए हाजिर हूँ.
कहानी के पहले भाग
ममेरे भाई ने मेरी गांड में कच्चा केला घुसाया
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि मेरे ममेरे भाई आशीष ने राहुल के साथ मिलकर मुझे एक साथ दोनों छेदों में लंड पेल कर चोदने का प्लान बनाया था. मैं उसी को सोच सोच कर अपनी वासना से गर्म हुई जा रही थी और मैंने अपनी झांटों व बगलों के अनचाहे बालों को साफ करके चिकनी चमेली बना लिया था.
अब आगे टू होल सेक्स स्टोरी:
शरीर को चिकना करने के बाद मैं नहाई और खुद को तैयार करने लगी.
नीली ब्रा और फुल वाली चड्डी, जो छोटी लड़कियां पहनती हैं.
राहुल को मेरा वैसी पैंटी पहनना पसंद नहीं है जैसी अक्सर लड़कियां वी-कट वाली पैंटी पहनती हैं.
मैंने ब्रा चड्डी के ऊपर पीली टाइट हाफ कुर्ती और नीचे एक टाइट लैगी पहन ली.
इस टाइट लैगी में से मेरी चूत का उभार साफ समझ में आ रहा था.
अब मैं राहुल का आने का इंतजार करने लगी.
कुछ ही देर में राहुल घर आ गया.
वह अपनी बाइक दूर खड़ी करके आया था ताकि किसी को शक ना हो.
मैंने जैसे ही गेट खोला, राहुल मुझे देख ही बोला- आह … कसम से आज तो कुछ ज्यादा ही कड़क माल लग रही हो!
मैं बोली- आंखों से ही चोदोगे या …
राहुल झट से अन्दर आकर मुझसे लिपट गया.
मैंने पहले गेट को अच्छे से लॉक किया और अन्दर आ गई.
हम दोनों गेट के बगल वाले रूम में आ गए.
यह कमरा मामा मामी का था.
इस कमरे में इसलिए आए थे ताकि आशीष आए तो जल्दी से सब हो सके.
राहुल ने मुझे तुरंत अपनी गोदी मैं उठा लिया और मेरे बूब्स को कुर्ती के ऊपर से ही चूसने लगा.
मैंने उसकी शर्ट के बटन खोले और धीरे धीरे हमारे बीच चुदाई का प्रोग्राम चालू हो गया.
कुछ ही देर में आशीष भी घर आ गया.
उसके पास भी एक चाबी थी तो चुपचाप बिना आवाज किए उसने अन्दर आकर अपनी पोजीशन सैट कर ली.
वह परदे के पीछे छुप गया और अपनी बहन की चुदाई देखने लगा.
मैंने उसको देख लिया था मगर मैं राहुल के नीचे बैठ कर उसका लंड चूसने लगी.
मुझे भी लंड चूसना सबसे अच्छा लगता है क्योंकि लंड की मुतेली खुशबू मुझे अच्छी लगती है.
उसने कुछ ही देर में मेरे मुँह में ही अपना पानी छोड़ दिया और मैं भी प्यार से उसको अपने हलक से नीचे लेती हुई गटक गई.
इसके बाद उसने मेरी चूत चाटी.
फिर जब उसने मुझे पलंग पर लिटा कर मेरी टांगों को कंधे पर ले लिया और चूत में लंड डाल कर झटके मारने लगा तो उसी वक्त आशीष गेट पर आकर खड़ा हो गया.
राहुल का ध्यान अभी अपने काम पर था.
मैंने महसूस किया कि राहुल का काम होने वाला है तो मैंने जल्दी से पास में पड़ी चादर को अपने ऊपर डाल लिया और राहुल को धक्का देकर अलग कर दिया.
राहुल को गुस्सा आ गया.
किसी भी लड़के का जब माल आने वाला हो और उसको रोक दो, तो लड़के समझ सकते हैं कि कैसा लगता होगा!
वह गाली देता हुआ गुस्से में बोला- साली रंडी, क्या हुआ?
मैंने उसको आशीष की तरफ इशारा कर दिया.
राहुल की भी सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई.
उसका पूरा का पूरा जोश एक झटके में शांत हो गया.
आशीष ने मेरे पास आकर एक जोरदार थप्पड़ मेरे गाल पर लगाया ताकि राहुल को हमारे बारे में शक ना हो.
वह क्रोध में बोला- यहां ये सब करने के लिए रह रही है तू?
राहुल ने उसकी टाई पकड़ कर खींचा, उस वक्त आशीष अपने कॉलेज की ड्रेस में था.
उसने पैंट-शर्ट और टाई पहनी हुई थी.
राहुल बोला- तुझे जो बोलना है मुझसे बोल … जाह्नवी को कुछ मत बोलना. सारी गलती मेरी है!
मुझे उस वक्त राहुल की ये बात बहुत अच्छी लगी कि वह मेरे लिए आशीष से लड़ाई करने लगा था.
आशीष बोला- तू इसे मुझसे तो बचा लेगा, पर आने दो मम्मी को … फिर बताऊंगा मैं!
मैंने राहुल को शांत रहने का इशारा किया तो राहुल ने उससे प्यार से पूछा- बोल भाई क्या करें अब हम … हो गई गलती! जो तू कहेगा, मैं वही करूंगा!
आशीष बोला- मुझे भी साथ मजे करने हैं!
राहुल बोला- पागल है क्या? तेरी बहन है ये?
आशीष बोला- हां तो कौन सी सगी है, बुआ की लड़की है.
राहुल बोला- छी: यार … कितना घटिया इंसान है तू?
आशीष बोला- हां तो इतनी सुंदर देशी लड़की तुझे नंगी मिलती, फिर तू कुछ सोचता कि बहन है या कोई और …
राहुल मेरी तरफ देखने लगा.
मेरी आंखों में भी थप्पड़ के दर्द के कारण आंखों आ गए थे.
राहुल उससे मेरे लिए मिन्नत करने लगा- यार भाई, प्लीज माफ कर दे!
उसने मेरे लिए आशीष के पैर तक पकड़ लिए, यह देख कर मुझे राहुल पर प्यार आने लगा था और सच में मुझे दया आ रही थी कि यार कोई लड़का मेरे लिए किसी के पैर पकड़े खड़ा था.
राहुल अब भी नंगा ही था और मैंने चादर ओढ़ कर अपनी जवानी छुपाई हुई थी.
खैर … नंगी होती तो भी कोई फर्क नहीं पड़ने वाला था.
मैं और आशीष ही इस बात को जानते थे कि मेरी जवानी को आशीष कितने दफा अपने नीचे लेकर चख चुका था.
तभी आशीष ने हाथ बढ़ाया और मेरी चादर को जोर से खींच दिया.
मैं उसके सामने नंगी पड़ी थी.
मैंने शर्म से एक हाथ से चूत छुपाई और एक हाथ से अपने बूब्स ढक लिए.
आशीष राहुल से बोला- भाई, तुम क्यों परेशान हो रहे हो. आज से हम दोनों दोस्त … बस वादा करो कि ये बात तुम किसी को नहीं बताओगे!
कुछ मान-मनौवल के बाद राहुल भी मान गया.
वे दोनों रूम से बाहर जाकर कुछ बात करने लगे.
मैं समझ गई कि साले दोनों मुझे एक साथ चोदने की प्लानिंग सैट करने गए हैं.
कुछ देर बाद दोनों रूम में आ गए.
अब आशीष व राहुल मुझे वासना से देख रहे थे.
आशीष ने मेरे पास आकर मेरी चूत से मेरा हाथ हटा दिया और राहुल से बोला- शुक्रिया मेरे भाई … इतनी प्यारी चूत के दर्शन कराने के लिए!
आशीष मेरी ऐसे तारीफ कर रहा था जैसे सच में उसे आज पहली बार मेरी नंगी जवानी के दर्शन हो रहे हों.
राहुल बोला- शुक्रिया तो जाह्नवी का बोलो! मैंने भी इससे पहले इतनी गुलाबी चूत नहीं देखी.
दोनों बेशर्मों की तरह मेरे बारे में गंदी गंदी बात कर रहे थे.
कभी वे मेरी चूत की, कभी चूचियों की तो कभी मेरे नितंबों यानी चूतड़ों की चर्चा कर रहे थे.
मतलब मेरे जिस्म के एक एक इंच की तारीफ हो रही थी और मैं ये सोच रही थी कि ये दोनों जो कुछ देर पहले एक दूसरे से मेरे लिए लड़ाई कर रहे थे,
अब दोनों मिलकर मेरे बारे में अश्लील और भद्दी गालियां देने लगे थे.
जैसे आशीष कह रहा था कि इस कुतिया की चूत बहुत चुदी हुई लग रही है.
साली के बूब्स तो बिल्कुल नुकीले हैं … निप्पल तो देखो लवड़ी के … कैसे फूल कर ऊपर आ गए हैं.
राहुल हंस कर बोला- मजा भी खूब देती है!
आशीष बोला- हां खूब चोदा है तूने इस रंडी को!
मुझे उन दोनों की बात सुन कर बहुत हंसी आ रही थी पर हंसी को छुपाने के लिए मैंने चादर से मुँह को ढक लिया और अपनी गर्दन से नीचे के नंगे जिस्म का दर्शन कराने लगी.
तभी आशीष ने जोर लगाया और मेरी दोनों टांगों को फैला दिया.
जब मेरी चूत खुल कर उसके सामने आई तो उसने जोर से एक चपत मेरी चूत पर लगा दी.
चट की आवाज से साथ रूम में सन्नाटा छा गया.
मेरी चूत के अन्दर चींटी से काट गई.
मैं ‘आउच .. आराम से भैया!’ कह कर कराह उठी.
मैं सोचने लगी कि आज ये शायद राहुल के सामने इसलिए इतना मार रहा है कि ताकि उसको शक ना हो.
अब आशीष झुक गया और मेरी चूत को चाटने लगा.
कुछ देर की ना नुकुर के बाद मैं भी अपनी चूत चटवाने का आनन्द लेने लगी.
मैंने अपने चेहरे से चादर को हटाया तो देखा राहुल अभी भी खड़ा था.
मैं उसके सामने ही आशीष के सर को जोर जोर से अपनी चूत पर दबाने लगी और उसके बाल सहलाने लगी.
कुछ देर में ही मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया, आशीष सारा पानी पी गया.
फिर वह राहुल से बोला- तुम चोद लो भाई इसको … मैं अभी आता हूं कपड़े चेंज करके!
आशीष ऊपर कपड़े चेंज करने चला गया.
राहुल मेरे पास आकर बोला- सॉरी यार, ये सब मेरी गलती है. मैं ही तुमको चोदने के लिए मना रहा था.
मैं राहुल से पिछले एक महीने से नहीं चुदी थी तो राहुल बार बार घर आने के लिए मुझे फोर्स कर रहा था.
मैं बोली- कोई नहीं यार, जाने दो.
यह सुनते ही राहुल ने मेरी चूत में एक ही झटके के साथ अपना पूरा मूसल लंड घुसा दिया.
चूत गीली होने के कारण फच्छ की आवाज के साथ पूरा लंड लील गई.
मैं ‘उम्म्म् आराम से यार…’ कह उठी.
राहुल धक्के मारने लगा और मैं मस्त होने लगी.
‘सी सी अह उम्म्म्म और तेज चोदो राहुल उम्म और तेज … चोदो राहुल फाड़ दे इसको!’
राहुल ने तेज झटकों के साथ मेरी चुत को पेलना चालू कर दिया था.
तभी आशीष नंगा होकर रूम में आ गया.
मैंने उसे नंगा देखा तो मन ही मन मुस्कुरा दी.
वह मेरी बगल में लेट कर मेरे एक दूध को पीने लगा.
मैं भी उसे अपने दूध को चुसा कर मजा ले रही थी.
एक लौंडा चोद रहा था और दूसरे ने मेरी चूची को मुँह में ले रखा था.
कुछ देर बाद ही आशीष के फोन की घंटी बजी तो उसने देखा कि उसके पापा का कॉल आया था.
मामा ने उसे अपना कुछ काम बताया कि बाजार से तुरंत ले आए … किसी को वह सामान लेने घर आना था.
आशीष ने मेरी तरफ देखा तो मैंने आंखें बंद कर लीं.
आशीष उठ कर अपने कपड़े पहनने लगा.
राहुल ने भी तेज झटकों के साथ मुझे रगड़ना शुरू कर दिया था.
दो मिनट में ही वह झड़ने को हो गया और उसने मेरी चूत से लंड खींच कर चुत के ऊपर ही लंड रखा और पिचकारी मारने लगा.
उसके लंड की धार मेरे पेट और बूब्स पर आ गई थीं.
राहुल आशीष से बोला- रूक … मैं भी तेरे साथ में चलता हूं. मुझे भी कुछ सामान लेना है.
मैं समझ गई कि राहुल आज दारू पीकर मेरी लेने की सोच रहा है.
मैं बेड पर नंगी पड़ी थी और अपनी चूचियों को मसल रही थी.
कुछ ही देर में आशीष और राहुल दोनों घर से साथ में निकल गए.
रास्ते में दोनों की बातचीत हुई.
वह सब आप आशीष के मुँह से ही सुनें.
राहुल मुझसे बोला- यार, सच्ची में तेरी बहन की चुत बहुत ही प्यारी है. अब तो तू घर में इसकी सुबह दोपहर शाम दवाई की तरह लेगा!
मैं- हां यार शुक्रिया, जो तूने इतनी प्यारी चूत की जुगाड़ करवा दी वरना मैं तो दीदी को बहुत संस्कारी समझता था!
राहुल- हां भाई लड़कियां संस्कारी ही होती हैं, वह तो हम उनको रखैल या रंडी बना लेते हैं.
मैंने राहुल से पूछा- आज रात को फ्री हो?
राहुल बोला- हां भाई!
मैंने उसको इस वक्त पापा का सामान आदि देने के कारण प्रोग्राम के समय में चेंज करते हुए रात को चुदाई करने के लिए घर बुला लिया.
मैं उससे बोला कि राहुल यार मेरा पहली बार है, तो तू मेरी हेल्प कर देना!
राहुल बोला- बिल्कुल भाई.
फिर मैं उसको होटल छोड़ कर घर आ गया.
अब मैं जाह्नवी आपको सुनाती हूँ कि आगे क्या हुआ.
आशीष जब घर आया, तो उसने मुझे उठाया.
मैं वैसी ही नंगी सो गई थी.
मेरे पेट और बूब्स पर राहुल के वीर्य की पपड़ी जम चुकी थी.
आशीष बोला- बहन हमारा काम हो गया, राहुल को शक भी नहीं हुआ. आज रात में हम तीनों को ही बहुत मजा आने वाला है!
मैं बोली- हां पर मुझे तो सोच सोच कर ही डर लग रहा है कि मैं तुम दोनों को एक साथ कैसे झेल पाऊंगी?
आशीष बोला- ज्यादा सोच मत, बस सीधे चुद लेना. अभी खाने का मन कर रहा है, तू खाएगी?
मुझे भी भूख लग आई थी तो मैं आशीष से बोली- हां, तू खाना लगा, मैं आती हूँ.
मैं बाथरूम मैं जाकर नहाने लगी. जब मैं नहाकर वापिस आई तो नंगी ही आई.
हम दोनों ने साथ में खाना खाया.
मैं उससे बोली- यार, तूने गाल पर बहुत जोर से थप्पड़ मार दिया था.
वह बोला- सॉरी यार.
हम दोनों ने खाना खाकर मामी का कमरा साफ किया क्योंकि चूत के पानी से बेडशीट पर निशान बन गए थे.
मैं आशीष से बोली- ऊपर से मेरे कमरे से कुछ पहनने के लिए ले आ, मैं सो जाऊंगी ताकि रात को तुम दोनों को झेल पाऊं.
आशीष बोला- यहीं मम्मी की नाइटी रखी है, उसे ही पहन कर सो जाओ और रात को हार्डकोर फकिंग ही करेंगे. तुम भी हम दोनों को चपत लगाना, हम भी तुम को प्यार से चपत लगाएंगे.
मैं बोली- जी प्यार भाई साहब … अब अपनी इस रंडी को सो भी जाने दो.
आशीष हंस कर बोला- हां सो जा … वैसे भी अभी पापा का काम करने में मुझे समय लगने वाला है.
मैं 3 बजे की सोई रात को 8 बजे सो कर उठी तो आशीष दिखाई नहीं दिया.
मैंने बाहर जाकर देखा तो वहां सोफे पर एक सिंपल काला सूट सलवार और काली ही ब्रा पैंटी रखी थी.
मैं समझ गई कि ये शायद राहुल लाया होगा.
मैंने ऊपर जाकर देखा, तो आशीष ने अपना कमरा गुब्बारे और कुछ कुछ चीजों से सजा रखा था.
मैं बोली- तू तो सच में ऐसे तैयारी कर रहा जैसे आज पहली बार बहनचोद बन रहा हो?
वह हंस कर बोला- बहनचोद तो हूँ, पर आज बहन को किसी और के साथ मिलकर चोदने वाला हूँ.
मैं बोली- ओह्ह्ह… बहुत खुशी हो रही है?
वह बोला- हां!
मैं वापिस नीचे आई तो देखा कुछ कंडोम, कुछ जूस, कामोत्तेजक दवाइयां इत्यादि मेरी चुदाई के लिए सामान लाकर रख लिया गया था.
आशीष नीचे आया तो मुझे बाहर रखे सलवार सूट और ब्रा पैंटी देकर बोला- जल्दी से तैयार हो कर आ जा!
फिर वह खुद घर से बाहर चला गया.
मैं जब पूरी ब्लैक ड्रेस में तैयार होकर बाहर निकली, तो आशीष बोला- मां कसम आज तो बिल्कुल कहर ढा रही है मेरी छिनाल दीदी!
मेरी चमड़ी बिल्कुल दूधिया है, तो आप समझ सकते हैं कि काला कलर मुझ पर कितना फब रहा होगा.
आशीष बोला- यार, आज बगल वाले घर में भी कोई नहीं है, सब गांव गए हैं शादी में!
मैं बोली- मैं क्या करूं?
वह हंस कर बोला- मतलब यह कि आज तू जी भर के चीखे चिल्लाए, कोई तेरी चीख नहीं सुनेगा.
मैं बोली- वैसे भी रात को सब के यहां कूलर चलते हैं … तो वैसे भी किसको सुनाई देगी?
वह बोला- मतलब आज तुझे बहुत नाटक करने हैं. तू ये टू होल सेक्स चुदाई जिंदगी भर नहीं भूल पाएगी.
मैंने फिर से खुद को आईने में देखा तो सच में मैं बहुत सुंदर परी जैसी लग रही थी.
मैंने मेरे काले रंग के टॉप्स उठाए और उनको कान में पहना, नीचे पांव में पायल पहन ली थी.
अब हम दोनों सोफे पर बैठ कर राहुल का इंतजार करने लगे.
करीब 11 बजे राहुल हमारे घर आ गया.
राहुल के आते ही आशीष ने पहले गेट लॉक किया और दोनों साथ में अन्दर आ गए.
राहुल मुझे देख कर बोला- जान, आज तो देख कर ही पानी छोड़ दिया मेरे हथियार ने!
मैं बोली- अच्छा!
उसके हाथ में मेरे जैसा ही एक और काला सूट सलवार था.
मैं बोली- ये किस लिए?
वह बोला- थोड़ी देर में समझ जाओगी.
फिर राहुल ने आशीष को इशारा किया.
आशीष ने मुझे गोद में उठा लिया और लेकर ऊपर रूम की तरफ चल दिया.
राहुल ने नीचे टीवी और कूलर चालू करके छोड़ दिया ताकि मेरी आवाज बाहर ना जाए.
दोस्तो, मजा आ रहा है न इस टू होल सेक्स स्टोरी में…
अगले भाग में आपको मेरी सैंडविच चुदाई की सेक्स कहानी का मजा पढ़ने मिलेगा.
प्लीज मुझे मेल जरूर लिखें.