भाई बहन सेक्स रिलेशन कहानी में बताया गया है कि कैसे भाई बहन एक कमरे में रहते थे और एक बिस्तर पर सोते थे तो उनका आपस में सेक्स शुरू हो गया.
दोस्तो, मैं प्रिंस आपको अपने खास दोस्त विशु की बहन शोभना के घर पर हुए खुले स्वच्छंद सेक्स कहानी को सुना रहा था.
कहानी के पहले भाग
दोस्त की बहन की ससुराल में खुला सेक्स
में अब तक आपने पढ़ा था कि विशु की बहन शोभना के पति यानि जीजा जी और उनकी बहन पिंकी के साथ मैंने खुल कर एक साथ सेक्स किया था.
मैंने शोभना को चोदा और जीजा ने अपनी कमसिन बहन पिंकी की ली.
हम सब मस्ती से खुलेआम सेक्स का मजा ले रहे थे क्योंकि जीजा जी के घर में खुले सेक्स का वातावरण था.
अब आगे भाई बहन सेक्स रिलेशन कहानी:
जीजा जी को अपने काम से किसी टूर पर पंद्रह दिनों के लिए जाना था तो वे अपनी बीवी शोभना और बहन पिंकी को चोद चोद कर पूरा खुश करके जाना चाहते थे.
उन्होंने घर में कह दिया था कि सब लोग नंगे रहेंगे.
इसी वजह से सुबह से ही पिंकी और शोभना पूरी नंगी रह कर खाना बनाने लगीं और हम दोनों मर्द वहीं किचन में उनकी हेल्प करने लगे.
मैं बीच बीच में पिंकी और शोभना के साथ छेड़छाड़ करने लगा.
खाना खाने के बाद जीजाजी ने दो सेक्स की गोली खा लीं तो थोड़ी ही देर में उनका लंड हिलोरें मारने लगा.
मुझे भी पिंकी ने गोली खिला दी.
फिर जीजाजी ने 84 इंच के टीवी पर एचडी क्वालिटी की मस्त इंग्लिश ब्लू फिल्म लगा दी. उन्होंने पिंकी और शोभना को वहीं खींच लिया.
हम सभी ने मस्त ब्लू फिल्म देखते हुए दो-दो पैग भी लगाए और संभोग क्रिया में जुट गए.
थ्री-सम सेक्स, फ्री सेक्स, कामसूत्र के 84 आसन सहित हमने लंड चुत के मुख मैथुन सहित सभी आसनों को किया.
उस दिन इतना मस्त मजा आ रहा था कि शायद ही हम लोगों ने गुदा मैथुन को छोड़ कर कामसूत्र का कोई आसन या मैथुन क्रिया को छोड़ा हो.
चूंकि खाना शोभना और पिंकी ने एक ही बार में दिन भर का बना लिया था तो अब खाना भी नहीं बनाना था.
बस दिन भर एक ही काम था खाना पीना और संभोग करना.
दिन भर में जीजाजी ने पिंकी और शोभना के साथ जी भर कर संभोग किया.
यहां तक कि खाने में भी हम सब लोगों ने दीदी, पिंकी, जीजाजी और मेरे संभोग से स्खलित हुए लंड और चुत के मिश्रित रस में मिला कर खाया.
जीजाजी ने तो आम, केला और आमलेट भी शोभना और पिंकी की चुत में डाल कर सीधे योनि से ही खाया.
शाम तक हम लोग यह सब करते हुए थक गए थे, लेकिन फिर भी मन नहीं भरा था.
जीजाजी ने एक बार पिंकी के साथ संभोग करने के बाद सबको कपड़े पहनने को कहा और हम लोगों ने हाथ मुँह धोकर कपड़े पहन लिए.
फिर सभी पार्क में घूमने चले गए.
पार्क की सुगंधित ठंडी हवा ने हम सबको तरोताजा कर दिया.
उधर बैठ कर हम सब बातें करने लगे.
हम लोग सेक्स को लेकर ही चर्चा कर रहे थे.
जीजाजी बताने लगे कि बहन के साथ संभोग करना कोई गलत बात नहीं है. बल्कि इससे पवित्र कुछ भी नहीं है.
उनके अनुसार आखिर कोई मर्द किसी लड़की की चुदाई करता है तो वह भी तो किसी की बहन ही रहती है. यह कौन सी अच्छी बात है कि दूसरे की बहन की चुदाई करो और अपनी बहन की नहीं. खुद की बहन किसी और लड़के से चुदाई कराये और फिर वह लड़का उसकी नंगी तस्वीरें वायरल करके उसे तंग करे. उसकी दुनिया भर में बदनामी फैले!
पिंकी ने पूछा- भैया, अभी तक समाज में घरों में ही भाई बहनों में सेक्स क्यों नहीं हुआ?
जीजा जी ने बताया कि वास्तव में भाई बहन की चुदाई में कभी कोई दिक्कत नहीं थी. दिक्कत थी भाई बहन में चुदाई कर बच्चे पैदा करने में, क्योंकि गुण सूत्र के विज्ञान के कारण बच्चे कमजोर पैदा होते थे और उस समय गर्भ निरोधक साधन उपलब्ध नहीं थे .. और चुदाई से तो लड़की निश्चित तौर पर गर्भवती हो जाती थी.
यही सब वजहों से भाई बहन के बीच लगाव और प्रेम तो रहा लेकिन वे दोनों आपस में चाह कर भी चुदाई ना कर सके.
भाई बहन के बीच बीच झूठी दूरी बना रखने के लिए ये सब ढोंग किया गया क्योंकि दोनों बचपन से हमेशा साथ रहते हैं … इसलिए कहीं दोनों के बीच संभोग होकर बच्चे पैदा ना हो जाएं, इसलिए ये भाई बहन के बीच पवित्र प्रेम, रक्षा जैसे शब्द गढ़े गए ताकि दोनों साथ रहकर भी संभोग का आनन्द ना उठा सकें. जो बहन, अपने भाई को चुदाई करने देती है, तो इससे अच्छी बात … और इससे अच्छी और प्यारी बहन क्या हो सकती है!
पिंकी ने ठंडी आह भर कर कहा- काश सभी बहनें ऐसी ही होतीं. इससे भाई बहन के बीच प्यार गहरा ही होता है और ऐसे भाई बहन जिन्दगी भर बहुत प्यार से रहते हैं और उनके बीच कटुता कभी नहीं आ सकती है.
जीजा जी बोले- लेकिन दुर्भाग्य से बहुत कम बहनें इस बात को समझती हैं और झूठे सामाजिक नियम के झांसे में आकर भाई बहन के बीच अनमोल प्यार और अनमोल सुख को खो देती हैं. मेरे अनुसार सभी बहनों को इस बात को समझना चाहिए और जो प्यार बाहर दूसरे लड़के पर लुटाकर चुदाई करवाती हैं, वह प्यार अगर खुद अपने भाई पर लुटाएं तो भाई बहन दोनों का जीवन धन्य हो जाएगा.
शोभना ने हम्म कह कर जीजा जी की बात का समर्थन किया.
जीजा जी बोले- जब तक किसी लड़के की शादी नहीं हो जाती, तब तक उसे अपनी बहन को शारीरिक सुख पहुंचाना और उसका सब कुछ ध्यान रखना भाई का कर्तव्य है. इसमें कुछ भी गलत नहीं है.
मैंने कहा- हां जीजा जी के विचार से सेक्स एक अलग बात है और शादी एक अलग बात है. इस बात को पश्चिमी देशों ने समझा और सेक्स का लुत्फ उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. वे लोग ज्यादा ही जागरूक निकले. सबसे पहले तो उन लोगों ने ‘इज्जत की वाट लग जाएगी.’ जैसे जुमलों से किनारा किया. वे किसी के भी साथ सेक्स कर लेते हैं और उन्हें कोई तंग भी नहीं कर सकता है कि तुम्हारी फोटो वायरल कर देंगे!
यह सुनकर जीजा जी की बहन बोली- अरे उधर ऐसा है क्या?
जीजा जी ने बताया कि हां उधर ब्लू-फिल्म की एक्ट्रेस भी पब्लिक फिगर बनती है और कोई उसे देख कर खिल्ली नहीं उड़ाता है क्योंकि उधर सेक्स वर्कर को भी एक सामाजिक दर्जा मिला हुआ है.
यह सब सुनकर हम सभी को बड़ा मजा आ रहा था.
फिर जीजाजी ने अपने एक मित्र का अनुभव बताया कि किस प्रकार भाई बहन में यौन संबंध हो जाता है.
उनके मित्र ने बताया कि जब उसकी शहर में बैक में नौकरी लगी थी तो उस वक्त वे मात्र 20 साल के थे.
वे शहर में कमरा लेकर अकेले रहते थे.
उन्हें खाना बनाने में दिक्कत होती थी तो वे अपनी छोटी बहन को भी साथ में ले आये.
चूंकि गांव में कोई अच्छा स्कूल भी नहीं था इसलिए उन्होंने अपनी बहन को वहीं उसी शहर के एक अच्छे स्कूल में नाम भी लिखवा दिया.
नई नई नौकरी थी, वेतन और साधन भी कम था. तो कमरे में मात्र एक फोल्डिंग खटिया ही थी जिस पर दोनों भाई बहन सोते थे.
जब वे सोते थे तो दोनों चिपक कर सोते थे.
बहन सोते समय एक फ्रॉक पहनती थी, जो उसके घुटनों तक की थी.
रात को गर्मी लगती थी तो वह उस फ्राक को भी उतार देती थी और मात्र एक गंजी वाली टेप इनर पहन कर सोती थी.
मेरा मित्र तो मात्र एक गमछा या लुंगी लपेट लेता था.
चूंकि वे दोनों एक चादर ओढ़ कर सोते थे तो जीजा के मित्र अपनी बहन को दबोच कर अपने जिस्म से सटा लेते थे.
फिर जब रात को नींद नहीं आती तो बातें करते रहते थे.
उनकी बहन अपने स्कूल की कहानी सुनाती और मित्र महोदय अपनी ड्युटी की.
इन सब बातों के साथ साथ वे अपनी बहन को प्यार भी करते थे. उसके गालों को चूमते, फिर होंठों को … और फिर प्यार से पूरे शरीर को.
उनकी बहन को भी धीरे धीरे यह सब अच्छा लगने लगा और वह भी अपने भाई को सहयोग करने लगी.
उनके साथ लिपट कर सोने लगी.
फिर शरीर सहलाते सहलाते वे अपनी बहन के नितंबों और स्तनों को भी सहलाने लगे.
रात को उसका गमछा खुल जाता और वे अपने लंड से अपनी बहन का शरीर सटा देते.
उसे कसकर अपनी बांहों में दबोचकर चिपका लेते.
जब उनका खड़ा और उत्तेजित लंड उनकी बहन की चुत से टकराता तो उसे भी काफी अच्छा महसूस होता.
अब वे रात भर प्यार से अपनी बहन को ऊपर से नीचे तक खूब चूमते और बहन के पूरे शरीर को सहलाते.
उनकी बहन जवान हो गई थी.
उसकी नई उम्र की शुरूवात हो रही थी.
अब वे धीरे धीरे अपनी बहन के स्तनों को चूसने लगे.
इससे उनकी बहन को मजा आता तो वह सिसकारी भरने लगी.
एक दिन मित्र ने अपना एक हाथ अपनी बहन की चड्डी में डाल दिया और उसकी चुत के फांकों के बीच उंगली फेर कर सहलाने लगे.
उनकी बहन की चुदास भड़क गई और उससे बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया.
वह जोर जोर से सिसकारी भरने लगी तो दोनों को खूब मजा आने लगा.
कुछ देर बाद बहन की बुर से पानी निकल गया जिसे मित्र ने अपनी उंगली से निकाल निकाल कर चाट लिया.
इसी तरह से रात रात भर वे अपनी बहन को खूब प्यार करते और प्यार करते करते उसे चुदाई के लिए गर्म करने लगे.
एक दिन उन्होंने धीरे धीरे अपनी बहन की गर्मी को भड़काया और उस दिन उन्होंने अपनी बहन की पैंटी उतार दी.
वह भी समझ गई कि आज भाईसाब उसकी चुत में कुछ करेंगे.
मित्र ने अपनी जीभ चुत में घुसा दी और बहन की चुत को चाटने और चूसने लगे.
बहन भी जोश में होश खो बैठी और वह भी साथ देने लगी.
मित्र की बहन को भी नया मजा मिलने लगा.
वे दोनों मुख मैथुन का मजा लेने लगे और अब यह उन दोनों का रोज का सिलसिला हो गया.
रात भर वे दोनों एक दूसरे को खूब प्यार करते और मित्र महोदय रोजाना अपनी बहन के स्तनों और चुत को चूसने लगे थे.
बहुत जल्दी ही वे दोनों नंगे सोने लगे.
भाई का जवान शरीर और बहन की जवानी की शुरूवात भड़कने लगी थी.
बहुत ज्यादा उत्तेजना से उनके नग्न शरीरों का मिलन होने को था और दोनों को सेक्स व जवानी की गर्मी बर्दाश्त नहीं हो रही थी.
आखिरकार एक दिन भाई ने बहन को चोद दिया और दोनों के शरीर का मिलन हो गया.
भाई के उत्तेजित लंड से बहन की चुत की सील टूट ही गई और दोनों जमकर सभोग का आनन्द उठाने लगे.
अब बहन अपने भाई को खाने के साथ साथ सेक्स की भी पूर्ति करने लगी.
पांच छ: साल दोनों भाई बहन ने जमकर संभोग किया.
फिर भाई की शादी हो गयी, बहुत ही सुन्दर खूबसूरत भाभी आयी.
मेरे मित्र ने अब तक एक बड़ा घर भी ले लिया था जिसमें सभी सुख सुविधाओं के साधन उपलब्ध थे.
शादी होने के बाद भाभी आकर भाई के साथ ही रहने लगी.
इधर बहन को भी शहर की हवा और भाई से संभोग का चस्का लग गया था, तो वह भी शहर छोड़कर जाने को कतई तैयार नहीं हुई.
दोनों भाई बहन के क्रिया कलापों से भाभी को समझते देर नहीं लगी कि अब तक दोनों भाई बहन के बीच क्या चलता रहा है.
अब एक तो इतनी अच्छी तन्खाह वाला बैंक की नौकरी वाला इतना हैंडसम लड़का, तो भाभी को लगा कि पति को छोड़ देने से फायदा नहीं है. पति छोड़ देने से शादी में जो इतना खर्च हुआ है, वह दूसरा इतनी अच्छी सरकारी नौकरी वाला पति मिलने से रहा.
भाभी ने बहला फुसला कर अपने तरीके से पता लगाया तो उसे सारी बात का पता चल गया.
दोनों भाई बहन ने सब बातों को स्वीकार कर लिया.
बहन ने बताया- भैया मुझे तब से चोद रहे हैं, जब मैं कमसिन थी.
फिर उसने भाई बहन के बीच होने वाली चुदाई के कई किस्से सुनाए.
पत्नी ने भी सोचा कि जब सब कुछ हो ही गया है तो बोलने और झगड़ा करने से क्या फायदा? तो क्यों ना साथ मिलकर सेक्स का मजा लिया जाए.
अब भैया भाभी और ननद साथ मिलकर थ्रीसम सेक्स का मजा लेने लगे … यानि वह एक ही बिस्तर पर पत्नी और बहन दोनों को मस्ती से चोदने लगा था.
इससे तीनों को खूब मजा आने लगा.
ग्रुप सेक्स का मजा ही कुछ और है … और वह भी अपनी बहन और पत्नी के साथ चुदाई की बात ही निराली है.
जीजा जी ने आगे बताया- मेरे मित्र की दो बेटियां हुई. दोनों बेटियां अपनी मां की तरह ही बहुत सुन्दर थीं.
घर का माहौल तो फ्री था ही, दोनों बेटियां देखती थीं कि पापा, मम्मी और बुआ दोनों को चोदते हैं तो उनका भी मन चंचल हो उठता.
चूंकि घर में सब एक दूसरे से फ्री हो गए थे और अच्छी तरह समझ गए थे कि घर में आपस में सेक्स का मजा लेने में कोई हर्ज नहीं है बल्कि फायदा ही फायदा है.
सबके मन से रिश्ते और सेक्स निषेध वाली कुंठा निकल गयी थी. इसलिए शुरू से ही मेरा मित्र अपनी बेटियों को अपने साथ ही नंगी करके नहला देता था और उनकी योनि और स्तनों को को भी खूब चूसता और सहलाता था.
वैसे तो ज्यादातर मेरा मित्र, उसकी पत्नी, उसकी बहन और दोनों बेटियां साथ में ही नंगी होकर नहाते थे तो शुरू से सब एक दूसरे का लिंग, योनि, स्तन, नितंब आदि सब कुछ सब देखते थे.
जब दोनों बेटियां जवान हुईं तो बहुत जल्दी ही उन्हें भी इन लोगों ने अपने ग्रुप सेक्स में शामिल कर लिया.
अब तो भाई, बहन, पत्नी, दोनों बेटियां सब साथ मिलकर पूरा ग्रुप सेक्स यानि परिवारिक संभोग करते हैं.
घर में तो कोई कपड़ा पहनता ही नहीं है और सभी मिलकर जिन्दगी और सेक्स का खूब मजा लेते हैं.
मेरा मित्र तो जब तक अपनी दोनों बेटियों की योनि में मुँह लगाकर चूस चूस कर दोनों बेटियों की रस नहीं पीता है, तब तक उसे खाना हजम ही नहीं होता है.
सब पूरा परिवार खूब मस्ती कर रहा है.
मेरे मित्र का बस एक ही काम है, घर की चारों योनियों को चोदकर कर भरपूर मजा देना.
मैंने जीजा जी को टोका- वाह जीजा जी, मस्त फैमिली सेक्स हुआ … आपने भी कुछ मजा लिया क्या उसकी फैमिली की किसी लेडी से?
जीजा जी हंस कर बोले- हां उसके घर की सभी चूतों को मैं चोद चुका हूँ और वह भी शोभना की ले चुका है.
शोभना समझ गई कि जीजा जी अपने किस मित्र की बात कर रहे हैं.
पिंकी तुनक कर बोली- भैया, मुझे भी तो ले चलो न कभी उनके घर?
शोभना बोली- हां उनकी पूरी फैमिली को ही अपने घर बुला लेते हैं. तुम भी मजा ले लेना पिंकी!
जीजा जी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा- अक्सर देखा गया है कि घर में अकेले केवल जवान भैया भाभी के साथ कोई जवान बहन या जीजाजी, दीदी के साथ कोई जवान साली रहती है तो तीनों के बीच सेक्स हो ही जाता है.
मैं- ऐसा क्यों और कैसे होता है?
वे बोले- ऐसा अकसर होता है. भले ही लोग बाहर किसी को पता नहीं चलने दे. लेकिन यह स्वाभाविक है और यह हो ही जाता है.
मैंने कहा- कोई उदाहरण हो तो वह भी सुनाइएगा न!
जीजा जी बोले:
मेरा एक घनिष्ठ मित्र रवि अपनी जवान पत्नी और जवान बहन के साथ रहता था. उसके घर में मात्र यही तीन लोग थे … कोई बड़ा बुजुर्ग तो था नहीं, इसी वजह से जवान पत्नी घर में एकदम ओपन टाईप ड्रेस, शॉर्ट, या काफी कम कपड़ों में रहती थी.
उसके थोड़ा सा झुकने पर उसकी योनि नितंब सब दिखने लगते थे बिस्तर पर लेटने से तो योनि प्रदेश का सारा नजारा दिखने लगता. उसके स्तन तो प्राय: खुले ही रहते. वह नहाकर तो कई बार नंगी ही निकल जाती और कमरे में आकर कपड़े पहनती क्योंकि कोई ऐसा कोई नहीं था, जिससे वह शर्म करती.
एक तो पति था उससे कोई शर्म का सवाल ही नहीं था, दूसरी ननद थी वो भी तो लड़की थी उससे कैसी शर्म?
पहले रवि ने अपनी पत्नी को एक दो बार मना किया, फिर टोकना छोड़ दिया.
अब रवि भी घर में केवल एक पतला और छोटा सा सूती गमछा लपेटे रहता, उसे पहन कर लेटने पर उसका लिंग आदि सब दिखने लगता.
उतेजित लिंग तो प्राय: कई बार बाहर आ जाता. अब बहन भी ढकी और सिमटी नहीं रहती.
वैसे भी मार्डन जमाना है, आजकल लड़कियां रोड पर शार्ट और हाफ पैंट पहन कर घूमती हैं तो जाहिर है ननद भी घर में उसी टाईप का कपड़ा पहनने लगी थी … ओपेन टाईप के कपड़े … जिसमें छुपता कम और दिखता ज्यादा था.
घर में तो कोई पैटी या ब्रा पहनता नहीं था, तो सबका सबकुछ सब देखते थे यानि भाई भी बहन की योनि, स्तन और नितंबों को हमेशा देखता था.
अब नारी शरीर का आकर्षण तो होता है.
रात को रोज पति पत्नी सेक्स करते थे और दिन भर भाभी ननद को संभोग का पूरा वृतांत चटकारे ले ले कर विस्तार से सुनाती थी कि तुम्हारे भैया ने किस प्रकार मेरी योनि में लिंग घुसाया, कितना घुसाया, कितना देर तक किया, भैया का लिंग कितना लम्बा और मोटा है. मुझे कितना मजा दिया तुम्हारे भैया ने … कितनी देर तक मेरे साथ सेक्स किया, में कब झड़ी कैसे झड़ी, भैया का कब गिरा, मेरे स्तनों को कितना देर सहलाया और चूसा, योनि को कितनी देर तक चाटा और चूसा … वह सब विस्तार से चलचित्र की तरह मजे ले लेकर बताती थी.
यह सुनकर ननद की योनि गीली हो जाती और यौन रस बहने लगता.
उसका भी अपने भैया की तरफ सेक्स आकर्षण होना निश्चित था और वह मन ही मन अपने भाई के साथ सेक्स की कल्पना में खो जाती.
उसको देखने की भी इच्छा जगती तो छुपकर रोज भैया और भाभी की संभोग क्रिया भी देख लेती.
उसके अन्दर सेक्स की प्रबल इच्छा होने लगती और वह सेक्स के लिए बैचेन हो जाती.
इधर रात को जब पति पत्नी संभोग कर रहे होते तो पति अगर थोड़ा भी पत्नी की बहन यानि अपनी साली के बारे में मजाक करता, तो पत्नी उसकी बहन यानि अपनी ननद के यौन अंगों जैसे स्तन योनि आदि का सचित्र वर्णन करने लगती.
उसकी बहन की योनि कितनी सुन्दर है, कैसी है, उसके योनि कितनी मुलायम है, कितनी चिकनी है, योनि में कितने बाल है, चाटने, चोदने में कितना मजा आएगा सब कुछ.
पति को भी सुनने में अन्दर से बहुत अच्छा लगता बहुत मजा आता लेकिन ऊपर से वह ना करता.
यह देखकर पत्नि अपने पति और उसकी बहन के बीच चुदाई के बारे में मसाला लगा लगा कर खूब मजाक करती.
वह सुनकर उसका पति भी अपने और अपनी बहन के साथ संभोग के ख्यालों में खो जाता.
दरअसल सबके मन में अन्दर से बहन के साथ संभोग करने की तीव्र इच्छा होती है, लेकिन कोई बोल नहीं रहा था.
दूसरी बात पति पत्नी संभोग के बाद सो जाते थे, उनके कपड़े बिल्कुल अस्त व्यस्त रहते तो बहन भाई के लिंग और भाभी के योनि, स्तनों का दिव्य दर्शन करती.
अगर भैया सोकर उठते तो बहन की योनि और स्तन के दिव्य दर्शन करता.
वे दोनों भाई बहन का एक दूसरे के प्रति कामेच्छा जाग जाती.
जब कभी यदि भैया, भाभी, बहन को एक साथ सोने का मौका मिलता तो भाई बहन एक दूसरे पर जरूर हाथ साफ करते.
फिर एक बार पत्नी मायके गयी तो भाई बहन के बीच संभोग हो गया और रोज होने लगा.
एक बार गलती से पत्नी को इन भाई बहन सेक्स रिलेशन के बारे में पता चल गया तो फिर तीनों साथ मिलकर और खुलकर संभोग करने लगे.
अब पति अपनी पत्नी और अपनी बहन के साथ नियमित रूप से रोज संभोग करता है, अकसर तीनों थ्रीसम संभोग भी करते हैं.
एक बार रवि की साली कुछ दिन रहने को आयी, तो जीजा साली के बीच भी संभोग हो गया.
अब तो सबके मजे ही मजे हैं और सभी राजी खुशी से मस्त जीवन जीवन जी रहे हैं.
मैंने हंस कर कहा- लो पिंकी, एक फैमिली और मिल गई तुमको … अब तुम चाहो तो अपने भैया के दोस्त रवि के लंड का मजा भी के सकती हो!
यह सुनकर शोभना बोली- पिंकी ही क्यों … मैं भी मजा ले लूँगी. जल्दी ही बुलाती हूँ रवि भैया को भी अपने घर.
मैंने समझ लिया कि जीजा जी के घर में चुत लंड का मेला लगने वाला है. वह सब कैसा होगा, यह तो मुझे देखने नहीं मिलेगा शायद … पर अगले भाग में मैं इसी विषय को आगे लिखूँगा.
दोस्तो, मेरी यह भाई बहन सेक्स रिलेशन कहानी आपको कैसी लग रही है, प्लीज जरूर बताएं.
दोस्तो, मैं प्रिंस आपको अपने खास दोस्त विशु की बहन शोभना के घर पर हुए खुले स्वच्छंद सेक्स कहानी को सुना रहा था.
कहानी के पहले भाग
दोस्त की बहन की ससुराल में खुला सेक्स
में अब तक आपने पढ़ा था कि विशु की बहन शोभना के पति यानि जीजा जी और उनकी बहन पिंकी के साथ मैंने खुल कर एक साथ सेक्स किया था.
मैंने शोभना को चोदा और जीजा ने अपनी कमसिन बहन पिंकी की ली.
हम सब मस्ती से खुलेआम सेक्स का मजा ले रहे थे क्योंकि जीजा जी के घर में खुले सेक्स का वातावरण था.
अब आगे भाई बहन सेक्स रिलेशन कहानी:
जीजा जी को अपने काम से किसी टूर पर पंद्रह दिनों के लिए जाना था तो वे अपनी बीवी शोभना और बहन पिंकी को चोद चोद कर पूरा खुश करके जाना चाहते थे.
उन्होंने घर में कह दिया था कि सब लोग नंगे रहेंगे.
इसी वजह से सुबह से ही पिंकी और शोभना पूरी नंगी रह कर खाना बनाने लगीं और हम दोनों मर्द वहीं किचन में उनकी हेल्प करने लगे.
मैं बीच बीच में पिंकी और शोभना के साथ छेड़छाड़ करने लगा.
खाना खाने के बाद जीजाजी ने दो सेक्स की गोली खा लीं तो थोड़ी ही देर में उनका लंड हिलोरें मारने लगा.
मुझे भी पिंकी ने गोली खिला दी.
फिर जीजाजी ने 84 इंच के टीवी पर एचडी क्वालिटी की मस्त इंग्लिश ब्लू फिल्म लगा दी. उन्होंने पिंकी और शोभना को वहीं खींच लिया.
हम सभी ने मस्त ब्लू फिल्म देखते हुए दो-दो पैग भी लगाए और संभोग क्रिया में जुट गए.
थ्री-सम सेक्स, फ्री सेक्स, कामसूत्र के 84 आसन सहित हमने लंड चुत के मुख मैथुन सहित सभी आसनों को किया.
उस दिन इतना मस्त मजा आ रहा था कि शायद ही हम लोगों ने गुदा मैथुन को छोड़ कर कामसूत्र का कोई आसन या मैथुन क्रिया को छोड़ा हो.
चूंकि खाना शोभना और पिंकी ने एक ही बार में दिन भर का बना लिया था तो अब खाना भी नहीं बनाना था.
बस दिन भर एक ही काम था खाना पीना और संभोग करना.
दिन भर में जीजाजी ने पिंकी और शोभना के साथ जी भर कर संभोग किया.
यहां तक कि खाने में भी हम सब लोगों ने दीदी, पिंकी, जीजाजी और मेरे संभोग से स्खलित हुए लंड और चुत के मिश्रित रस में मिला कर खाया.
जीजाजी ने तो आम, केला और आमलेट भी शोभना और पिंकी की चुत में डाल कर सीधे योनि से ही खाया.
शाम तक हम लोग यह सब करते हुए थक गए थे, लेकिन फिर भी मन नहीं भरा था.
जीजाजी ने एक बार पिंकी के साथ संभोग करने के बाद सबको कपड़े पहनने को कहा और हम लोगों ने हाथ मुँह धोकर कपड़े पहन लिए.
फिर सभी पार्क में घूमने चले गए.
पार्क की सुगंधित ठंडी हवा ने हम सबको तरोताजा कर दिया.
उधर बैठ कर हम सब बातें करने लगे.
हम लोग सेक्स को लेकर ही चर्चा कर रहे थे.
जीजाजी बताने लगे कि बहन के साथ संभोग करना कोई गलत बात नहीं है. बल्कि इससे पवित्र कुछ भी नहीं है.
उनके अनुसार आखिर कोई मर्द किसी लड़की की चुदाई करता है तो वह भी तो किसी की बहन ही रहती है. यह कौन सी अच्छी बात है कि दूसरे की बहन की चुदाई करो और अपनी बहन की नहीं. खुद की बहन किसी और लड़के से चुदाई कराये और फिर वह लड़का उसकी नंगी तस्वीरें वायरल करके उसे तंग करे. उसकी दुनिया भर में बदनामी फैले!
पिंकी ने पूछा- भैया, अभी तक समाज में घरों में ही भाई बहनों में सेक्स क्यों नहीं हुआ?
जीजा जी ने बताया कि वास्तव में भाई बहन की चुदाई में कभी कोई दिक्कत नहीं थी. दिक्कत थी भाई बहन में चुदाई कर बच्चे पैदा करने में, क्योंकि गुण सूत्र के विज्ञान के कारण बच्चे कमजोर पैदा होते थे और उस समय गर्भ निरोधक साधन उपलब्ध नहीं थे .. और चुदाई से तो लड़की निश्चित तौर पर गर्भवती हो जाती थी.
यही सब वजहों से भाई बहन के बीच लगाव और प्रेम तो रहा लेकिन वे दोनों आपस में चाह कर भी चुदाई ना कर सके.
भाई बहन के बीच बीच झूठी दूरी बना रखने के लिए ये सब ढोंग किया गया क्योंकि दोनों बचपन से हमेशा साथ रहते हैं … इसलिए कहीं दोनों के बीच संभोग होकर बच्चे पैदा ना हो जाएं, इसलिए ये भाई बहन के बीच पवित्र प्रेम, रक्षा जैसे शब्द गढ़े गए ताकि दोनों साथ रहकर भी संभोग का आनन्द ना उठा सकें. जो बहन, अपने भाई को चुदाई करने देती है, तो इससे अच्छी बात … और इससे अच्छी और प्यारी बहन क्या हो सकती है!
पिंकी ने ठंडी आह भर कर कहा- काश सभी बहनें ऐसी ही होतीं. इससे भाई बहन के बीच प्यार गहरा ही होता है और ऐसे भाई बहन जिन्दगी भर बहुत प्यार से रहते हैं और उनके बीच कटुता कभी नहीं आ सकती है.
जीजा जी बोले- लेकिन दुर्भाग्य से बहुत कम बहनें इस बात को समझती हैं और झूठे सामाजिक नियम के झांसे में आकर भाई बहन के बीच अनमोल प्यार और अनमोल सुख को खो देती हैं. मेरे अनुसार सभी बहनों को इस बात को समझना चाहिए और जो प्यार बाहर दूसरे लड़के पर लुटाकर चुदाई करवाती हैं, वह प्यार अगर खुद अपने भाई पर लुटाएं तो भाई बहन दोनों का जीवन धन्य हो जाएगा.
शोभना ने हम्म कह कर जीजा जी की बात का समर्थन किया.
जीजा जी बोले- जब तक किसी लड़के की शादी नहीं हो जाती, तब तक उसे अपनी बहन को शारीरिक सुख पहुंचाना और उसका सब कुछ ध्यान रखना भाई का कर्तव्य है. इसमें कुछ भी गलत नहीं है.
मैंने कहा- हां जीजा जी के विचार से सेक्स एक अलग बात है और शादी एक अलग बात है. इस बात को पश्चिमी देशों ने समझा और सेक्स का लुत्फ उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. वे लोग ज्यादा ही जागरूक निकले. सबसे पहले तो उन लोगों ने ‘इज्जत की वाट लग जाएगी.’ जैसे जुमलों से किनारा किया. वे किसी के भी साथ सेक्स कर लेते हैं और उन्हें कोई तंग भी नहीं कर सकता है कि तुम्हारी फोटो वायरल कर देंगे!
यह सुनकर जीजा जी की बहन बोली- अरे उधर ऐसा है क्या?
जीजा जी ने बताया कि हां उधर ब्लू-फिल्म की एक्ट्रेस भी पब्लिक फिगर बनती है और कोई उसे देख कर खिल्ली नहीं उड़ाता है क्योंकि उधर सेक्स वर्कर को भी एक सामाजिक दर्जा मिला हुआ है.
यह सब सुनकर हम सभी को बड़ा मजा आ रहा था.
फिर जीजाजी ने अपने एक मित्र का अनुभव बताया कि किस प्रकार भाई बहन में यौन संबंध हो जाता है.
उनके मित्र ने बताया कि जब उसकी शहर में बैक में नौकरी लगी थी तो उस वक्त वे मात्र 20 साल के थे.
वे शहर में कमरा लेकर अकेले रहते थे.
उन्हें खाना बनाने में दिक्कत होती थी तो वे अपनी छोटी बहन को भी साथ में ले आये.
चूंकि गांव में कोई अच्छा स्कूल भी नहीं था इसलिए उन्होंने अपनी बहन को वहीं उसी शहर के एक अच्छे स्कूल में नाम भी लिखवा दिया.
नई नई नौकरी थी, वेतन और साधन भी कम था. तो कमरे में मात्र एक फोल्डिंग खटिया ही थी जिस पर दोनों भाई बहन सोते थे.
जब वे सोते थे तो दोनों चिपक कर सोते थे.
बहन सोते समय एक फ्रॉक पहनती थी, जो उसके घुटनों तक की थी.
रात को गर्मी लगती थी तो वह उस फ्राक को भी उतार देती थी और मात्र एक गंजी वाली टेप इनर पहन कर सोती थी.
मेरा मित्र तो मात्र एक गमछा या लुंगी लपेट लेता था.
चूंकि वे दोनों एक चादर ओढ़ कर सोते थे तो जीजा के मित्र अपनी बहन को दबोच कर अपने जिस्म से सटा लेते थे.
फिर जब रात को नींद नहीं आती तो बातें करते रहते थे.
उनकी बहन अपने स्कूल की कहानी सुनाती और मित्र महोदय अपनी ड्युटी की.
इन सब बातों के साथ साथ वे अपनी बहन को प्यार भी करते थे. उसके गालों को चूमते, फिर होंठों को … और फिर प्यार से पूरे शरीर को.
उनकी बहन को भी धीरे धीरे यह सब अच्छा लगने लगा और वह भी अपने भाई को सहयोग करने लगी.
उनके साथ लिपट कर सोने लगी.
फिर शरीर सहलाते सहलाते वे अपनी बहन के नितंबों और स्तनों को भी सहलाने लगे.
रात को उसका गमछा खुल जाता और वे अपने लंड से अपनी बहन का शरीर सटा देते.
उसे कसकर अपनी बांहों में दबोचकर चिपका लेते.
जब उनका खड़ा और उत्तेजित लंड उनकी बहन की चुत से टकराता तो उसे भी काफी अच्छा महसूस होता.
अब वे रात भर प्यार से अपनी बहन को ऊपर से नीचे तक खूब चूमते और बहन के पूरे शरीर को सहलाते.
उनकी बहन जवान हो गई थी.
उसकी नई उम्र की शुरूवात हो रही थी.
अब वे धीरे धीरे अपनी बहन के स्तनों को चूसने लगे.
इससे उनकी बहन को मजा आता तो वह सिसकारी भरने लगी.
एक दिन मित्र ने अपना एक हाथ अपनी बहन की चड्डी में डाल दिया और उसकी चुत के फांकों के बीच उंगली फेर कर सहलाने लगे.
उनकी बहन की चुदास भड़क गई और उससे बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया.
वह जोर जोर से सिसकारी भरने लगी तो दोनों को खूब मजा आने लगा.
कुछ देर बाद बहन की बुर से पानी निकल गया जिसे मित्र ने अपनी उंगली से निकाल निकाल कर चाट लिया.
इसी तरह से रात रात भर वे अपनी बहन को खूब प्यार करते और प्यार करते करते उसे चुदाई के लिए गर्म करने लगे.
एक दिन उन्होंने धीरे धीरे अपनी बहन की गर्मी को भड़काया और उस दिन उन्होंने अपनी बहन की पैंटी उतार दी.
वह भी समझ गई कि आज भाईसाब उसकी चुत में कुछ करेंगे.
मित्र ने अपनी जीभ चुत में घुसा दी और बहन की चुत को चाटने और चूसने लगे.
बहन भी जोश में होश खो बैठी और वह भी साथ देने लगी.
मित्र की बहन को भी नया मजा मिलने लगा.
वे दोनों मुख मैथुन का मजा लेने लगे और अब यह उन दोनों का रोज का सिलसिला हो गया.
रात भर वे दोनों एक दूसरे को खूब प्यार करते और मित्र महोदय रोजाना अपनी बहन के स्तनों और चुत को चूसने लगे थे.
बहुत जल्दी ही वे दोनों नंगे सोने लगे.
भाई का जवान शरीर और बहन की जवानी की शुरूवात भड़कने लगी थी.
बहुत ज्यादा उत्तेजना से उनके नग्न शरीरों का मिलन होने को था और दोनों को सेक्स व जवानी की गर्मी बर्दाश्त नहीं हो रही थी.
आखिरकार एक दिन भाई ने बहन को चोद दिया और दोनों के शरीर का मिलन हो गया.
भाई के उत्तेजित लंड से बहन की चुत की सील टूट ही गई और दोनों जमकर सभोग का आनन्द उठाने लगे.
अब बहन अपने भाई को खाने के साथ साथ सेक्स की भी पूर्ति करने लगी.
पांच छ: साल दोनों भाई बहन ने जमकर संभोग किया.
फिर भाई की शादी हो गयी, बहुत ही सुन्दर खूबसूरत भाभी आयी.
मेरे मित्र ने अब तक एक बड़ा घर भी ले लिया था जिसमें सभी सुख सुविधाओं के साधन उपलब्ध थे.
शादी होने के बाद भाभी आकर भाई के साथ ही रहने लगी.
इधर बहन को भी शहर की हवा और भाई से संभोग का चस्का लग गया था, तो वह भी शहर छोड़कर जाने को कतई तैयार नहीं हुई.
दोनों भाई बहन के क्रिया कलापों से भाभी को समझते देर नहीं लगी कि अब तक दोनों भाई बहन के बीच क्या चलता रहा है.
अब एक तो इतनी अच्छी तन्खाह वाला बैंक की नौकरी वाला इतना हैंडसम लड़का, तो भाभी को लगा कि पति को छोड़ देने से फायदा नहीं है. पति छोड़ देने से शादी में जो इतना खर्च हुआ है, वह दूसरा इतनी अच्छी सरकारी नौकरी वाला पति मिलने से रहा.
भाभी ने बहला फुसला कर अपने तरीके से पता लगाया तो उसे सारी बात का पता चल गया.
दोनों भाई बहन ने सब बातों को स्वीकार कर लिया.
बहन ने बताया- भैया मुझे तब से चोद रहे हैं, जब मैं कमसिन थी.
फिर उसने भाई बहन के बीच होने वाली चुदाई के कई किस्से सुनाए.
पत्नी ने भी सोचा कि जब सब कुछ हो ही गया है तो बोलने और झगड़ा करने से क्या फायदा? तो क्यों ना साथ मिलकर सेक्स का मजा लिया जाए.
अब भैया भाभी और ननद साथ मिलकर थ्रीसम सेक्स का मजा लेने लगे … यानि वह एक ही बिस्तर पर पत्नी और बहन दोनों को मस्ती से चोदने लगा था.
इससे तीनों को खूब मजा आने लगा.
ग्रुप सेक्स का मजा ही कुछ और है … और वह भी अपनी बहन और पत्नी के साथ चुदाई की बात ही निराली है.
जीजा जी ने आगे बताया- मेरे मित्र की दो बेटियां हुई. दोनों बेटियां अपनी मां की तरह ही बहुत सुन्दर थीं.
घर का माहौल तो फ्री था ही, दोनों बेटियां देखती थीं कि पापा, मम्मी और बुआ दोनों को चोदते हैं तो उनका भी मन चंचल हो उठता.
चूंकि घर में सब एक दूसरे से फ्री हो गए थे और अच्छी तरह समझ गए थे कि घर में आपस में सेक्स का मजा लेने में कोई हर्ज नहीं है बल्कि फायदा ही फायदा है.
सबके मन से रिश्ते और सेक्स निषेध वाली कुंठा निकल गयी थी. इसलिए शुरू से ही मेरा मित्र अपनी बेटियों को अपने साथ ही नंगी करके नहला देता था और उनकी योनि और स्तनों को को भी खूब चूसता और सहलाता था.
वैसे तो ज्यादातर मेरा मित्र, उसकी पत्नी, उसकी बहन और दोनों बेटियां साथ में ही नंगी होकर नहाते थे तो शुरू से सब एक दूसरे का लिंग, योनि, स्तन, नितंब आदि सब कुछ सब देखते थे.
जब दोनों बेटियां जवान हुईं तो बहुत जल्दी ही उन्हें भी इन लोगों ने अपने ग्रुप सेक्स में शामिल कर लिया.
अब तो भाई, बहन, पत्नी, दोनों बेटियां सब साथ मिलकर पूरा ग्रुप सेक्स यानि परिवारिक संभोग करते हैं.
घर में तो कोई कपड़ा पहनता ही नहीं है और सभी मिलकर जिन्दगी और सेक्स का खूब मजा लेते हैं.
मेरा मित्र तो जब तक अपनी दोनों बेटियों की योनि में मुँह लगाकर चूस चूस कर दोनों बेटियों की रस नहीं पीता है, तब तक उसे खाना हजम ही नहीं होता है.
सब पूरा परिवार खूब मस्ती कर रहा है.
मेरे मित्र का बस एक ही काम है, घर की चारों योनियों को चोदकर कर भरपूर मजा देना.
मैंने जीजा जी को टोका- वाह जीजा जी, मस्त फैमिली सेक्स हुआ … आपने भी कुछ मजा लिया क्या उसकी फैमिली की किसी लेडी से?
जीजा जी हंस कर बोले- हां उसके घर की सभी चूतों को मैं चोद चुका हूँ और वह भी शोभना की ले चुका है.
शोभना समझ गई कि जीजा जी अपने किस मित्र की बात कर रहे हैं.
पिंकी तुनक कर बोली- भैया, मुझे भी तो ले चलो न कभी उनके घर?
शोभना बोली- हां उनकी पूरी फैमिली को ही अपने घर बुला लेते हैं. तुम भी मजा ले लेना पिंकी!
जीजा जी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा- अक्सर देखा गया है कि घर में अकेले केवल जवान भैया भाभी के साथ कोई जवान बहन या जीजाजी, दीदी के साथ कोई जवान साली रहती है तो तीनों के बीच सेक्स हो ही जाता है.
मैं- ऐसा क्यों और कैसे होता है?
वे बोले- ऐसा अकसर होता है. भले ही लोग बाहर किसी को पता नहीं चलने दे. लेकिन यह स्वाभाविक है और यह हो ही जाता है.
मैंने कहा- कोई उदाहरण हो तो वह भी सुनाइएगा न!
जीजा जी बोले:
मेरा एक घनिष्ठ मित्र रवि अपनी जवान पत्नी और जवान बहन के साथ रहता था. उसके घर में मात्र यही तीन लोग थे … कोई बड़ा बुजुर्ग तो था नहीं, इसी वजह से जवान पत्नी घर में एकदम ओपन टाईप ड्रेस, शॉर्ट, या काफी कम कपड़ों में रहती थी.
उसके थोड़ा सा झुकने पर उसकी योनि नितंब सब दिखने लगते थे बिस्तर पर लेटने से तो योनि प्रदेश का सारा नजारा दिखने लगता. उसके स्तन तो प्राय: खुले ही रहते. वह नहाकर तो कई बार नंगी ही निकल जाती और कमरे में आकर कपड़े पहनती क्योंकि कोई ऐसा कोई नहीं था, जिससे वह शर्म करती.
एक तो पति था उससे कोई शर्म का सवाल ही नहीं था, दूसरी ननद थी वो भी तो लड़की थी उससे कैसी शर्म?
पहले रवि ने अपनी पत्नी को एक दो बार मना किया, फिर टोकना छोड़ दिया.
अब रवि भी घर में केवल एक पतला और छोटा सा सूती गमछा लपेटे रहता, उसे पहन कर लेटने पर उसका लिंग आदि सब दिखने लगता.
उतेजित लिंग तो प्राय: कई बार बाहर आ जाता. अब बहन भी ढकी और सिमटी नहीं रहती.
वैसे भी मार्डन जमाना है, आजकल लड़कियां रोड पर शार्ट और हाफ पैंट पहन कर घूमती हैं तो जाहिर है ननद भी घर में उसी टाईप का कपड़ा पहनने लगी थी … ओपेन टाईप के कपड़े … जिसमें छुपता कम और दिखता ज्यादा था.
घर में तो कोई पैटी या ब्रा पहनता नहीं था, तो सबका सबकुछ सब देखते थे यानि भाई भी बहन की योनि, स्तन और नितंबों को हमेशा देखता था.
अब नारी शरीर का आकर्षण तो होता है.
रात को रोज पति पत्नी सेक्स करते थे और दिन भर भाभी ननद को संभोग का पूरा वृतांत चटकारे ले ले कर विस्तार से सुनाती थी कि तुम्हारे भैया ने किस प्रकार मेरी योनि में लिंग घुसाया, कितना घुसाया, कितना देर तक किया, भैया का लिंग कितना लम्बा और मोटा है. मुझे कितना मजा दिया तुम्हारे भैया ने … कितनी देर तक मेरे साथ सेक्स किया, में कब झड़ी कैसे झड़ी, भैया का कब गिरा, मेरे स्तनों को कितना देर सहलाया और चूसा, योनि को कितनी देर तक चाटा और चूसा … वह सब विस्तार से चलचित्र की तरह मजे ले लेकर बताती थी.
यह सुनकर ननद की योनि गीली हो जाती और यौन रस बहने लगता.
उसका भी अपने भैया की तरफ सेक्स आकर्षण होना निश्चित था और वह मन ही मन अपने भाई के साथ सेक्स की कल्पना में खो जाती.
उसको देखने की भी इच्छा जगती तो छुपकर रोज भैया और भाभी की संभोग क्रिया भी देख लेती.
उसके अन्दर सेक्स की प्रबल इच्छा होने लगती और वह सेक्स के लिए बैचेन हो जाती.
इधर रात को जब पति पत्नी संभोग कर रहे होते तो पति अगर थोड़ा भी पत्नी की बहन यानि अपनी साली के बारे में मजाक करता, तो पत्नी उसकी बहन यानि अपनी ननद के यौन अंगों जैसे स्तन योनि आदि का सचित्र वर्णन करने लगती.
उसकी बहन की योनि कितनी सुन्दर है, कैसी है, उसके योनि कितनी मुलायम है, कितनी चिकनी है, योनि में कितने बाल है, चाटने, चोदने में कितना मजा आएगा सब कुछ.
पति को भी सुनने में अन्दर से बहुत अच्छा लगता बहुत मजा आता लेकिन ऊपर से वह ना करता.
यह देखकर पत्नि अपने पति और उसकी बहन के बीच चुदाई के बारे में मसाला लगा लगा कर खूब मजाक करती.
वह सुनकर उसका पति भी अपने और अपनी बहन के साथ संभोग के ख्यालों में खो जाता.
दरअसल सबके मन में अन्दर से बहन के साथ संभोग करने की तीव्र इच्छा होती है, लेकिन कोई बोल नहीं रहा था.
दूसरी बात पति पत्नी संभोग के बाद सो जाते थे, उनके कपड़े बिल्कुल अस्त व्यस्त रहते तो बहन भाई के लिंग और भाभी के योनि, स्तनों का दिव्य दर्शन करती.
अगर भैया सोकर उठते तो बहन की योनि और स्तन के दिव्य दर्शन करता.
वे दोनों भाई बहन का एक दूसरे के प्रति कामेच्छा जाग जाती.
जब कभी यदि भैया, भाभी, बहन को एक साथ सोने का मौका मिलता तो भाई बहन एक दूसरे पर जरूर हाथ साफ करते.
फिर एक बार पत्नी मायके गयी तो भाई बहन के बीच संभोग हो गया और रोज होने लगा.
एक बार गलती से पत्नी को इन भाई बहन सेक्स रिलेशन के बारे में पता चल गया तो फिर तीनों साथ मिलकर और खुलकर संभोग करने लगे.
अब पति अपनी पत्नी और अपनी बहन के साथ नियमित रूप से रोज संभोग करता है, अकसर तीनों थ्रीसम संभोग भी करते हैं.
एक बार रवि की साली कुछ दिन रहने को आयी, तो जीजा साली के बीच भी संभोग हो गया.
अब तो सबके मजे ही मजे हैं और सभी राजी खुशी से मस्त जीवन जीवन जी रहे हैं.
मैंने हंस कर कहा- लो पिंकी, एक फैमिली और मिल गई तुमको … अब तुम चाहो तो अपने भैया के दोस्त रवि के लंड का मजा भी के सकती हो!
यह सुनकर शोभना बोली- पिंकी ही क्यों … मैं भी मजा ले लूँगी. जल्दी ही बुलाती हूँ रवि भैया को भी अपने घर.
मैंने समझ लिया कि जीजा जी के घर में चुत लंड का मेला लगने वाला है. वह सब कैसा होगा, यह तो मुझे देखने नहीं मिलेगा शायद … पर अगले भाग में मैं इसी विषय को आगे लिखूँगा.
दोस्तो, मेरी यह भाई बहन सेक्स रिलेशन कहानी आपको कैसी लग रही है, प्लीज जरूर बताएं.