यंग कजिन चुदाई कहानी में मैं अपनी चचेरी बहन को सेक्स की नजर से देखता था और चोदना चाहता था. कैसे मैंने अपनी कजिन को चुदाई के लिए मनाया और उसको चोदा.
दोस्तो, मेरा नाम निरंजन है, मेरी उम्र 25 साल है, रंग सांवला, 5.10 फीट हाइट है, और गठीले बदन का मालिक हूं।
आज मैं सुनाने जा रहा हूं एक भाई और बहन की सच्ची घटना पर आधारित एक कामुकता से भरी कहानी।
मुझे आशा है कि कहानी आपको पसंद आएगी।
यंग कजिन चुदाई कहानी का दूसरा पात्र कोई और नहीं, मेरी अपनी चचेरी बहन है, जिसका नाम है तेजस्विनी (बदला हुआ नाम)।
घर में सभी उसे तेजू के नाम से ही बुलाते हैं।
तेजू की उम्र 19 साल है और अभी जवानी की देहलीज पर कदम पड़े हैं।
उसके नए उभरते हुए स्तन और उभरती हुई गांड अच्छे-अच्छों का लंड खड़ा कर देती है।
उसका भी रंग सांवला और हाइट 5 फीट है और फिगर ऐसा कि देखकर अच्छे-अच्छों का लंड सलामी देने लगे।
हमारा घर और चाचा का घर आमने-सामने ही है तो जब वो घर पर अकेली होती है तो हमारे घर आ जाया करती है।
वो मुझसे फ्रैंक थी, तो वो मेरा ज्यादा बुरा नहीं मानती थी।
दिन में मेरे घर कोई नहीं रहता और उसके घर पर भी कोई नहीं रहता, तो वह मेरे घर आ जाती है।
और मैं उसे कैसे भी करके चोदना चाहता था।
एक दिन वो मेरे घर आई और मुझसे वाई-फाई पासवर्ड मांगने लगी।
मैंने उसे वाई-फाई का पासवर्ड दे दिया।
वो अपने फोन में रील देखने लग गई।
थोड़ी देर बाद मैं उसके पास जाकर बैठा और उसे उठाकर अपनी गोदी में बिठा लिया।
उसने कुछ नहीं बोला और अपनी रील में मग्न थी।
थोड़ी देर बाद उसे अपने नीचे कुछ हलचल महसूस हुई।
उसे पता चल गया था कि भैया के इरादे ठीक नहीं।
वो उठने की कोशिश करने लगी तो मैंने उसे पकड़ लिया।
वो फिर से बैठ गई।
शायद उसके मन में भी कहीं न कहीं कामवासना थी।
जब वो उठी थी तो मैंने अपने लंड को सीधा कर लिया था।
जैसे ही वो वापस बैठी, मेरा लंड सीधा उसकी चूत से टकराया।
वो सिहर उठी क्योंकि दोनों ने लोअर्स पहने हुए थे तो बीच में ज्यादा कुछ नहीं था।
वो बोली, “भैया छोड़ो मुझे, जाने दो! मेरे को घर पर काम है!”
फिर उसने ज्यादा जिद की तो मैंने छोड़ दिया और बाथरूम में जाकर उसके नाम की मूठ मारी और सो गया।
मैंने सोचा आज मैंने उसके साथ ऐसा किया, शायद वो कल नहीं आएगी।
लेकिन शायद उसका भी मन चुदाने का था, तो दूसरे दिन फिर आई और वाई-फाई का पासवर्ड मांगा और रील देखने लगी।
और मैं उसे गोदी में बिठा लिया।
आज उसने ज्यादा विरोध नहीं किया और लंड रगड़ाई का मजा ले रही थी।
मैं उसके नीचे से लोअर के अंदर से ही लंड रगड़ रहा था और लोअर में ही झड़ गया।
कुछ देर बाद वो उठके चली गई और मैं नहा के सो गया।
अब मुझे लग गया था कि अब अपना रास्ता साफ है।
लोहा गरम है, हथौड़ा मार देना चाहिए।
और मैंने तीसरे दिन का प्लान तैयार कर लिया था कि आज कुछ भी करके इसकी सील तोड़नी है।
मैंने उस दिन सारा बंदोबस्त कर दिया था।
एक पैकेट कंडोम और डिटॉल की बोतल भी ले आया क्योंकि मुझे पता था कि वो अभी उसका कौमार्य भंग नहीं हुआ है, तो डिटॉल चाहिए होगा।
और एक तेल की शीशी भी ले आया।
और अपने लंड को तैयार करके बैठा था कि आज तुझे नई नवेली चूत के मजे दिलाऊंगा।
तीसरे दिन जब वो आई तो मैं अपने कमरे में सोया हुआ था।
वो आई और मुझे उठाकर बोली, “वाई-फाई कनेक्ट कर दो!”
मैंने उसके फोन में वाई-फाई कनेक्ट करवाया और पानी पीने चला गया।
वो वहीं बैठ गई।
मैं पानी पीके वापस आया और दरवाजा बंद कर दिया।
वो रील में मस्त हो रही थी।
मैं उसके पास जाकर बैठ गया और अपने फोन में अश्लील मूवी चलाकर देखने लगा।
थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि वो मेरे फोन में देख रही थी।
मैं समझ गया, लोहा गरम है, हथौड़ा मार देना चाहिए।
मैंने उसकी तरफ देखा तो वो अपने फोन में रील स्क्रॉल करने लगी।
मैंने उससे पूछा, “तुम भी ऐसा करना चाहती हो?”
उसने कोई जवाब नहीं दिया।
मैंने उसका फोन लिया और साइड में रख दिया और उसे बोला, “ऐसा करना है तुझे भी तो!”
उसने ना कर दिया।
मैंने उसे उसका फोन वापस दिया और वापस पोर्न देखने लगा।
वो फिर से मेरे फोन में देखने लगी।
तो मैंने एकदम से उसकी नजरों से नजरें मिलाई और उसे बोला, “फिर देख क्यों रही हो?”
और उसे उठाकर पलंग पर लिटा दिया और अपने होंठ उसके होंठों से लगाकर चुम्बन करने लगा।
उसने शुरुआत में थोड़ा विरोध किया लेकिन फिर शांत हो गई।
कुछ देर चुम्बन करने के बाद मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू किए।
उस दिन उसने कुर्ता और स्किनी लेगिंग्स पहनी हुई थी, अभी ब्रा नहीं पहनती थी।
मैंने उसका कुर्ता उतारा और साइड में फेंक दिया और अंदर समीज पहने हुई थी, उसे भी उतार फेंका।
और फिर मैं अपने कपड़े उतारने लगा।
जैसे ही मैंने अपनी पैंट उतारी, उसकी आंखें खुली रह गईं।
वो बोली, “भैया इतना बड़ा! इससे तो मैं मर ही जाऊंगी!”
और मना करने लगी।
मैंने बोला, “कुछ नहीं होगा!”
तो उसने बोला, “हम भाई-बहन हैं!”
मैंने बोला, “आजकल सब चलता है! अंतर्वासना पर ऐसी कहानियों के ढेर पड़े हैं!”
और उसे अंतर्वासना की भाई-बहन की कहानी पढ़वाई तो वो मान गई।
मैंने उसे लंड मुंह में लेने को बोला तो मना करने लगी।
मैंने उसके बाल पकड़े और एक हाथ से उसकी नाक बंद कर दिए।
ऐसा करते ही उसका मुंह खुल गया।
मैंने फटाक से अपना लंड उसके गले तक उतार दिया।
उसके मुंह से उह… उह्ह… उह्ह… की आवाजें आने लगी।
उसकी आंखों से आंसू आने लगे लेकिन मेरे ऊपर तो कामवासना का भूत सवार था।
मैं तो पेलता जा रहा था।
“ओह तेजू! आह! चूस तेरे भैया के लंड को! यह कब से इस घड़ी के इंतजार में तड़प रहा है!”
कुछ देर बाद मैं उसके मुंह में ही झड़ गया और सारा माल उसके मुंह में भर दिया।
मैंने लंड निकालकर उसके मुंह को अपने हाथ से बंद कर दिया और उसे बोला, “इसे पी जा! यह तेरे यौवन की दवा है!”
वो उसे पूरा गटक गई।
फिर मैंने उसकी चूत पर अपना मुंह लगाया और उसकी कुंवारी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा।
उसके मुंह से सिसकारियां निकलने लगी, “ओह भैया! अह्ह… येस स्स्स… उम्म्ह्ह! चाटो इसे! आह!”
मैं उसकी चूत को अपने दांतों से काट रहा था और दाने को जीभ से चाट रहा था।
वो सिसकारियां ले रही थी और मैं उत्तेजित हो रहा था और उसके नए उभरते हुए बूब्स को दबा रहा था।
वो अपनी चूत में लंड लेने के लिए तड़प रही थी और मुझसे कहने लगी, “अह्ह… भैया… चोदो मुझे! फाड़ दो मेरी चूत! अअ ह्ह्ह… अब नहीं रहा जाता भैया! प्लीज!”
मैंने भी ज्यादा देरी न करते हुए अपने लंड पर और उसकी चूत पर तेल लगाकर अपना लंड उसकी चूत पर सेट किया और धीरे से धक्का मारा।
तो लंड फिसलकर एक तरफ चला गया क्योंकि उसकी चूत अभी तक सील पैक थी।
अबकी बार मैंने लंड को सही तरीके से चूत पर सेट करके एक जोरदार धक्का मारा।
इससे मेरा लंड का टोपा उसकी चूत में चला गया और वो जोर से चिल्लाने वाली थी कि मैंने उसके मुंह पर अपना मुंह रखके किस करने लगा।
और थोड़ी देर रुक गया।
वो दर्द के मारे उछल रही थी और रो रही थी।
लेकिन मैंने उसके मुंह से अपना मुंह लगाया हुआ था इसलिए उसकी आवाज नहीं निकल रही थी।
फिर थोड़ी देर बाद वो शांत हो गई और उसे किस करते हुए ही मैंने एक और झटका मारा और लंड 5 इंच उसकी चूत को फाड़ता हुआ अंदर चला गया।
वो बहुत मुझसे चुदाने की बहुत कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने उसे जकड़े रखा।
उसकी आंखों से आंसू बहने लगे और मैंने देखा उसकी चूत से खू.न आने लगा था।
मैं समझ गया कि तेजू की सील टूट चुकी है।
थोड़ी देर बाद मैंने फिर एक झटका दिया और लंड पूरा उसकी चूत में समा गया और तेजू जोर से छटपटाने लगी।
मैंने उसे पकड़ के रखा और लगातार किस करते रहा।
फिर वह थोड़ी नॉर्मल हुई और मैंने लंड अंदर-बाहर करना शुरू किया।
थोड़ी देर बाद उसे भी मजा आने लगा।
फिर मैंने अपना मुंह हटा लिया और उसके बूब्स चूसने लगा।
कामवासना से उसकी चूचियां टाइट हो रही थीं।
मैं उसकी चुचियों को अपने दांतों से काटने लगा तो वो सिसकारियां भरने लगी।
और अपनी चूत में लग रहे झटकों के साथ मजा ले रही थी और हम दोनों एक दूसरे को गालियां दे रहे थे।
वो बोल रही थी, “आह्ह… भैया… उम्म्ह… ओह… मेरे बेहनचोद भैया… चोदो मुझे! आह ह्ह… येसस्स… अह्ह्ह… फाड़ दो अपनी बहन की चूत!”
इसके जवाब में मैं बोल रहा था, “आह्ह… मेरी प्यारी रंडी बहना! क्या चूत है तेरी! तुझे चोदकर मजा ही आ गया! ले झेल मेरा लंड अपनी चूत में!”
थोड़ी देर ऐसे ही चोदता रहा।
फिर उसे घोड़ी बनने को बोला।
वो उठी और घोड़ी बन गई।
मैंने पीछे से लंड उसकी चूत पर सेट किया और उसके बालों को पकड़ कर घपाघप चुदाई करने लगा।
“ओह मेरी रंडी बहना! आज तेरी चूत फाड़ कर तुझे अपनी रंडी बनाऊंगा! अह्ह! येस्स! क्या माल हो तुम यार!”
वो भी कुतिया की तरह चुदाई के मजे ले रही थी, “ओह मेरे भैया! आज मुझे चोदकर तुम मेरे सैंया बन गए हो! आह्ह्… चोदो मुझे! अपनी रंडी बना लो!”
इस तरह मैंने उसे आधे घंटे तक चोदा।
तब तक वो दो बार झड़ चुकी थी।
यंग कजिन चुदाई करते हुए मैं भी अब झड़ने वाला था।
तभी मुझे याद आया कि कंडोम तो भूल ही गए।
फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसे सीधा लेटकर उसके मुंह और बूब्स पर अपने वीर्य की पिचकारी मारी।
फिर उसे अपना लंड चूसकर साफ किया और वहीं सो गए।
थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।
अबकी बार फिर से हमारी घमासान चुदाई चली।
कुछ देर बाद हम उठे और दोनों बाथरूम में एक साथ नहाए और मैंने उसकी चूत में एंटीसेप्टिक लगाया ताकि उसकी चूत में इन्फेक्शन न हो।
फिर वो अपने घर चली गई।
अब हम हर रोज चुदाई करते हैं।
अगली कहानी मैं बताऊंगा कि कैसे मैंने उसकी गांड मारी।
आपको मेरी यंग कजिन चुदाई कहानी कैसी लगी?
मुझे मेल करें और बताएं.